A Central University established in 1916 by Pandit Madan Mohan Malviya
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Chāru Samvād

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हिमालय, देवदारु और चन्द्रमा
गगनमण्डल, तारागण
भवखंडना की दिव्य आरती।


मुझमें संन्यस्त काशी का झिलमिल गंगातट
भावक इस पूरे उपक्रम का।


कर्पूरगौर धूर्जटी का आनन्दलास
दृष्टि, दृश्य,द्रष्टा सब एकतान।


ओ कातिक की पूनो
मैं कैसे डूबूँ कैसे पार तरूँ?


देवदारु हो ओढ़ूँ हिम को
या बन निर्झर सर्वस्व लुटाऊँ?


अमानिशा की श्यामा धारूँ
और पूनम तक मिट-मिट जाऊँ?


नगाधिराज के हिमशिखरों में
चंद्रकिरण की निष्कलुष सेज पर
चरैवैति का मंत्र ग्रहण कर
अमल-धवल दाढ़ी लहराऊँ?



बोल उठी तब त्रिपुरसुंदरी 
तू डूबे क्यों,क्यों पार तरे?

तेरे समस्त गान, रुदन औ' हास
ऊँ नमो मणिपद्मे हुं का पाठ
तेरा प्रचलन मेरी प्रदक्षिणा
तेरा कुछ भी मेरा सबकुछ


ओ मेरे प्यारे अबोध शिशु
गोद भरे,तू मुझमें नित-नूतन मोद भरे।





(मेरा एकालाप)



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One of the the most beautiful and gorgeous woman of Pakistan, stage artist Nargis. For men, Nargis is extremely hot & sexy because she has very curveous and voluptous body, Nargis can attract any man to her nicely shaped body.
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जल्द ही मध्यप्रदेश के मंत्रियों की न सिर्फ कार्यशैली बदलेगी बल्कि उनके काम में तेजी, चेहरे पर मुस्कराहट, मंत्रियों का परफेक्ट स्टाफ, निर्धारित काम और समय तय होगा ! मध्यप्रदेश में शिवराज मंत्रिमंडल के मंत्रियों के पास अब प्रशिक्षित स्टॉफ रहेगा, जिनको प्रशिक्षण संघ के द्वारा दिया जाएगा ! यह सब मंत्रियों को विवादों से दूर, क्रियाशील और कुशल बनाने के लिए है ! इस स्टाफ के द्वारा कार्यकर्ताओं और मंत्रियों के बीच की दूरी को कम करने का काम किया जाएगा ! इसके अतिरिक्त इस स्टाफ पर समय पर काम पूरे करने एवं जनता से माननीयों का संवाद बढ़ाने का भी जिम्मा होगा ! सूत्रों के अनुसार संघ की विंग से आने वाला ये प्रशिक्षित स्टाफ मंत्रियों का कार्य प्रबंधन, समय प्रबंधन और रिलेशन प्रबंधन का कार्य देखेगा ! http://www.krantidoot.in/2016/07/RSS-Become-bridge-between-the-Ministers-and-Party-workers.html
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जल्द ही मध्यप्रदेश के मंत्रियों की न सिर्फ कार्यशैली बदलेगी बल्कि उनके काम में तेजी, चेहरे पर म... जल्द ही मध्यप्रदेश के मंत्रियों की न सिर्फ कार्यशैली बदलेगी बल्कि उनके काम में तेजी, चेहरे पर मुस्कराहट, मंत्रियों का...
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DURGESH KUMAR

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My marks is 166 in social science in bhu uet 2016.obc rank is 76 and general rank is 257. Can i select for bhu.plz rply
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Chinmaya Sunani's profile photo
 
aakhir aa hi gaye bhu mein

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Can any of you tell about the question level of bhu in SET for admission in class 11th ? please tell immediately.....
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Urooj Fatima

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About this community

Banaras Hindu University ranks among the first few in the country in the field of academic and research output. This university has two campuses, 3 institutes, 16 faculties, 140 departments, 4 advanced centers and 4 interdisciplinary schools. The University is making its mark at the national and international levels in a number of frontier areas of Science, Social Science, Technology, Medicine and Agriculture etc. A university can grow successfully only when research and teaching mesh together seamlessly - one without the other is incomplete. Therefore we have ensured the development of a collaborative environment conducive to learning, exposure to the best international practices and promotion of innovation and creativity. BHU today has nearly twenty thousand students including 2500 research scholars and 650 foreign students from 34 nations, under one roof who are pursuing different academic programmes at this campus as well as the newly established Rajiv Gandhi South Campus. These are some of the brightest young minds in the country and abroad, who have joined this University after clearing a rigorous All India Entrance Test. We realize that the rapid pace of development in the country has raised the awareness as well as expectations of the people. Institutions of higher learning are instrumental in providing equality of opportunities, which is the essence of participatory democracy. This will not only remove a sense of alienation and neglect in the backward regions but also prevent out migration from these areas. BHU has established the Rajiv Gandhi South Campus at Barkachha about 75 Kms southwest of Varanasi on 2760 acres of land. The first academic session commenced from 2006-07 with six programmes which has increased to more than 25 in the present session. This campus is emerging as a potential hub to impart education, training and entrepreneurship development skills, to the youth, women and marginalized sections of society in the backward region of Mirzapur and adjoining districts of Uttar Pradesh, Western Bihar and Northern Madhya Pradesh. The Campus is heading well as per your vision for education to generate new breed of human resource who would be job creators and not job seekers.
Varanasi
 
1975 के आपातकाल में एक वरिष्ठ संघ प्रचारक और एक मुस्लिम नेता भोपाल केन्द्रीय जेल में बंद थे दोनों में पर्याप्त मित्रता भी हो गई थी ! एक बार संघ प्रचारक ने मुस्लिम नेता से कहा कि जिस प्रकार आप यह मानते हो कि पैगम्बर साहब को खुदा ने इस धरती पर अपना दूत बनाकर भेजा, उसी प्रकार क्या यह नहीं हो सकता कि खुदा शरीफ ने अपने किसी बन्दे को भारत में भी भेजा हो ? आप लोग राम को खुदा का अवतार न सही पैगम्बर तो मान सकते हो ? इस पर मुस्लिम नेता ने झल्लाकर कहा कि क्या काफिराना बात करते हो ? काफिराना सुनकर संघ प्रचारक अचंभित हो उठे | उन्होंने कहा कि आपको मेरी बात अगर काफिराना लगती है, तब तो आप मेरे साथ भी वही व्यवहार करोगे जो आपकी इस्लामी मान्यता के अनुसार काफिरों के साथ की जाना चाहिए, अर्थात जान लेना | मुस्लिम नेता ने तुर्की बतुर्की जबाब दिया, बेशक अगर हमारा राज होता तो हम यही करते | संघ प्रचारक ने सवाल किया कि तुम अपना राज आने पर हमारे साथ जैसा व्यवहार करना चाहते हो, बैसा ही व्यवहार अगर हम आज अपने राज में करें तो क्या ठीक होगा | मुस्लिम नेता ने पूरी ढिठाई से कहा, नहीं आप नहीं कर सकते, हमें तो बैसा करने को कुरआन शरीफ में आदेश दिया है, किन्तु आपके किस धर्मग्रन्थ में बैसा लिखा है | संघ प्रचारक निरुत्तर हो गए |
पूरा लेख पढने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें http://www.krantidoot.in/2014/12/blog-post_22.html
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I wish to share Lord macaulay's address to the British Parliament 2 February 1835 : - I have traveled across the length and bread... I wish to share Lord macaulay's address to the British Parliament 2 February 183...
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Shivika Gupta

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BHU PMT 2017
About BHU PMT 2017: Institute of Medical Science, Banaras Hindu University, Varanasi has been consistently in the list of top 20 Medical ...
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राजकीय घोषणा के पश्‍चात जब मैं शाहजहांपुर आया तो शहर की अद्‍भुत दशा देखी । कोई पास तक खड़े होने का साहस न करता था ! जिसके पास मैं जाकर खड़ा हो जाता था, वह नमस्ते कर चल देता था । पुलिस का बड़ा प्रकोप था । प्रत्येक समय वह छाया की भांति पीछे-पीछे फिरा करती थी । इस प्रकार का जीवन कब तक व्यतीत किया जाए ? मैंने कपड़ा बुनने का काम सीखना आरम्भ किया । जुलाहे बड़ा कष्‍ट देते थे । कोई काम सिखाना नहीं चाहता था । बड़ी कठिनता से मैंने कुछ काम सीखा । उसी समय एक कारखाने में मैनेजरी का स्थान खाली हुआ । मैंने उस स्थान के लिये प्रयत्‍न किया । मुझ से पाँच सौ रुपये की जमानत माँगी गई । मेरी दशा बड़ी शोचनीय थी । तीन-तीन दिवस तक भोजन प्राप्‍त नहीं होता था, क्योंकि मैंने प्रतिज्ञा की थी कि किसी से कुछ सहायता न लूँगा । पिता जी से बिना कुछ कहे मैं चला आया था । मैं पाँच सौ रुपये कहाँ से लाता । मैंने दो-एक मित्रों से केवल दो सौ रुपए की जमानत देने की प्रार्थना की । उन्होंने साफ इन्कार कर दिया । मेरे हृदय पर वज्रपात हुआ । संसार अंधकारमय दिखाई देता था । पर बाद को एक मित्र की कृपा से नौकरी मिल गई । अब अवस्था कुछ सुधरी । मैं सभ्य पुरुषों की भांति समय व्यतीत करने लगा । http://www.krantidoot.in/2016/09/Ram-Prasad-Bismil-autobiography-Part-6.html
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स्वतन्त्र जीवन राजकीय घोषणा के पश्‍चात जब मैं शाहजहांपुर आया तो शहर की अद्‍भुत दशा देखी । कोई पास तक खड़े होने का साहस न करता था ! जिस...
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एक नवयुवक ने मोटर का टायर काट दिया । लोकमान्यजी बहुत कुछ समझाते किन्तु वहाँ सुनता कौन ? एक किराये की गाड़ी से घोड़े खोलकर लोकमान्य के पैरों पर सिर रख उन्हें उसमें बिठाया और सबने मिलकर हाथों से गाड़ी खींचनी शुरू की । इस प्रकार लोकमान्य का इस धूमधाम से स्वागत हुआ कि किसी नेता की उतने जोरों से सवारी न निकाली गई । लोगों के उत्साह का यह हाल था कि कहते थे कि एक बार गाड़ी में हाथ लगा लेने दो, जीवन सफल हो जाए । लोकमान्य पर फूलों की जो वर्षा की जाती थी, उसमें से जो फूल नीचे गिर जाते थे उन्हें उठाकर लोग पल्ले में बाँध लेते थे । जिस स्थान पर लोकमान्य के पैर पड़ते, वहां की धूल सबके माथे पर दिखाई देती । कुछ उस धूल को भी अपने रूमाल में बांध लेते थे । इस स्वागत से माडरेटों की बड़ी भद्द हुई । http://www.krantidoot.in/2016/08/Biography-of-Ramprasad-Bismil-Part-4.html
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आत्मकथा, रामप्रसाद बिस्मिल
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