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Ostensibly, the main reason for Jauhar-Shaka was to avoid rape, dishonour and enslavement, perhaps even necrophilia by the invading Muslim armies.

The horrific accounts of the Arab invasion of Sindh in the eighth century might have been well-known.

The Arabs were the first invaders of India who removed large numbers of its native inhabitants as enslaved captives, according to André Wink in “Al Hind The Making of the Indo-Islamic World”. Referring to the Sind invasion, he also says:

“…invariably numerous women and children were enslaved. The sources insist that now, in dutiful conformity to religious law, ‘the one-fifth of the slaves and spoils’ were set apart for the caliph’s treasury and despatched to Iraq and Syria. The remainder was scattered among the army of Islam. At Rūr, a random 60,000 captives were reduced to slavery. At Brahamanabad 30,000 slaves were allegedly taken. At Multan 6,000. Slave raids continued to be made throughout the late Umayyad period in Sindh, but also much further into Hind, as far as Ujjain and Malwa. The Abbasid governors raided Punjab, where many prisoners and slaves were taken.”

In the 11th century, Sultan Mahmud of Ghazni made a series of plundering attacks on India in which there was mass slaughter and destruction of temples as well as enslavement. Chronicler al Utbi said (about Mahmud’s attack on Raja Jaipal’s kingdom):  “God bestowed upon his friends such amount of booty as was beyond all bounds and all calculation, including five hundred thousand slaves, men and women.’ Among the captives were Raja Jaipal, his children, grandchildren, nephews and other relatives who were all driven to the slave markets of Ghazni for selling.

Further, with reference to Mahmud’s attack of Ninduna (Punjab) in 1014, al-Utbi said: “Slaves were so plentiful that they became very cheap; men of respectability in their native land were degraded by becoming slaves of common shopkeepers (in Ghazni).” After Mahmud’s assault on Thanesar (Haryana), the Muslim army ‘brought 200,000 captives so that the capital appeared like an Indian city; every soldier of the army had several slaves and slave girls,’ testifies chronicler Ferishtah (“qarib do sit hazaar banda”).

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अब देश कि जनता को तय करना है कि आने वाले भविष्य में वो किसके साथ खड़े हैं !
सबका साथ -सबका विकास वाली राजनीति के साथ ! जिसका प्रतिनिधित्व प्रधानमन्त्री मोदी जी कर रहे हैं !
या फिर फूंट डालो और राज करो कि राजनीति के साथ ! जिसका नेतृत्व राहुल गाँधी जी कर रहे हैं !
भाजपा का विकासवाद बनाम कांग्रेस का जातिवाद !
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धर्मनिरपेक्षता का लबादा ओढ़कर सांप्रदायिक राजनीति करने वाली देश की प्रथम राजनितिक पार्टी कांग्रेस का स्तर इतना निचे गिर गया कि आज वो जातिवादी राजनीति पर उतारू है !
कांग्रेस का घटियापन वाली जातिवादी राजनीति का नजारा गुजरात चुनाव में देखने को मिला ! जब कांग्रेस सत्ता कि प्राप्ति के लिए गुजरात में तीन बड़ी जातियों के चमचे, तैयार किये ताकि गुजरात में जातिवादी फूंट पैदा किया जा सके और कुछ जातियों के वोटों को अपनी तरफ खींचकर चुनाव कि बाजी जीती जा सके !
इसे जातिवादी राजनीति का चरमोत्कर्ष कहा जा सकता हैं जिसकी शुरुआत कांग्रेस ने अपने ख़ास चमचो, हार्दिक पटेल - जो कि गुजरात में पाटीदार समुदाय से ताल्लुक रखता हैं, जिग्नेश मेवानी - जो कि दलित समाज से ताल्लुक रखता हैं और अल्पेश ठाकोर जो कि OBC समाज से ताल्लुक रखता हैं ! इनको जातिवादी राजनीति के लिए पूरी तरह से तैयार किया गया !
फूंट डालो और राज करो " कभी अंग्रेजो कि नीतियां हुआ करती थी जिसको कांग्रेस ने पूरी तरह से भारतीय राजनीति में लागू करने कि कोशिश कि है और काफी हद तक सफल भी रही हैं ! वो अलग बात है कि कांग्रेस जिसे जातिवादी राजनीति के ऊपर उठती है वही लोग बाद में अपनी अलग जातिवादी पार्टी बनाकर कांग्रेस को धोखा दे जाते हैं ! जैसा कि पहले बिहार में ,फिर यु पी में और आजकल गुजरात में देखने को मिल रहा है !
भाजपा का अजेंडा है विकास "! सबका साथ , - सबका विकास ! विकास के लिए जो भी राजनितिक कुर्बानी देना पड़े दे दो ! जो कि मोदी जी नोटबंदी और GST जैसे कदम उठाकर साबित किया है !
कांग्रेस का नारा हैं बांटो और राजकरो अर्थात देश को जातिवाद में बांटो और अपनी राजनीति करो ! जो कि बिहार, यु पी से लेकर गुजरात तक परिलक्षित हो रहा हैं !
अब देश कि जनता को तय करना है कि आने वाले भविष्य में वो किसके साथ खड़े हैं !
सबका साथ -सबका विकास वाली राजनीति के साथ ! जिसका प्रतिनिधित्व प्रधानमन्त्री मोदी जी कर रहे हैं !
या फिर फूंट डालो और राज करो कि राजनीति के साथ ! जिसका नेतृत्व राहुल गाँधी जी कर रहे हैं !

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PM Modi's quotes http://nm4.in/TyHUGo via NMApp
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Congress ka dohra charitra
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करोडों देशवासियों के प्रेरणास्रोत बाबासाहेब आम्बेडकर अमर रहें. उन्हें मेरा कोटिश: नमन.
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12/6/17
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