राशि के अनुसार जानें, कौन सा व्यवसाय बदल सकता है आपकी किस्मत

मेष लग्न वाले जातक को इंजीनियरिंग, सेना, पुलिस, मिलिट्री, वकालत, चिकित्सक, ड्राइविंग, कम्प्यूटर जौहरी, अग्नि संबंधी व्यवसाय आदि में सफलता मिलती है।

वृष लग्न वाले जातकों के लिए कृषि, अध्यापन, कला, सजावट, विलासिता की वस्तुएं, चित्रकारी, कशीदाकारी, कलात्मक वस्तुएं, संगीत, सिनेमा, नृत्य, नाटक, अभिनय, गायक, फैशन, पेंटिंग, धातु का व्यापार, होटल या बर्फ के कारोबार अत्यधिक लाभदायक हैं।

मिथुन लग्न के जातकों के लिए बैंकिंग, लिपिक लेखन, समाचार रिपोर्टर, संपादन, भाषा विशेषज्ञ, एजैंट, अनुवादक, लेखक, उन्नतिकारक सिद्ध होंगे।

कर्क लग्न के जातकों के लिए जल व कांच से संबंधित व्यवसाय उष्ण व शीतल पेय, लांडरी, नाविक, डेयरी फार्म, मेट्रान, गृहिणी, होटल, कारोबार, स्नेकबार, बेकरी उद्योग, बर्फ, जहाज, रसायन विज्ञान सुगंधित पदार्थ, अगरबत्ती, फोटोग्राफी, चित्रकारी, पुरातत्व, इतिहास सामाजिक कार्यकर्ता आदि व्यवसाय सही हैं।

सिंह लग्न के जातकों के लिए राजनयिक, औषधि, स्टाक एक्सचेंज कपड़ा, रूई, कागज, स्टेशनरी, घास, फल, जमीन से प्राप्त पदार्थ, शासक, प्रशासक एवं अधिकारी जेवरात, सर्कस आदि व्यवसायों में लाभ होता है।

कन्या लग्न के जातकों को ज्योतिष, वायु, अध्ययन, अध्यापन, शिक्षक, खुदरा, विक्रेता, लिपिक, रुपयों का लेन-देन, स्वागतकर्ता, बस ड्राइवर, रेडियों-दूरदर्शन के कलाकार, नोटरी, कम्प्यूटर आदि के क्षेत्रों में कार्य करने से लाभ प्राप्त होता है।

तुला लग्न के जातकों को मनोचिकित्सक, अन्वेषक, जासूस, बही खाता रखने वाला, खजांची, बैंक क्लर्क, टाइपिस्ट, लेखा परीक्षक, सेल्स गर्ल पशुओं से उत्पन्न वस्तुएं जैसे दूध, घी, ऊन आदि का कारोबार लाभदायक रहता है।

वृश्चिक लग्न के जातक के लिए कैमिस्ट, डाक्टर, वकील, इंजीनियर, भवन निर्माण, मार्कीटिंग, देश सेवा, टैलीफोन, विद्युत खनिज तेल, नमक, औषधि, घड़ी, रेडियो दार्शनिक, ज्योतिषी, तांत्रिक जासूस एवं परिचारिकाएं के क्षेत्र अनुकूल हैं।

धनु लग्न के जातक अध्यापक, प्राध्यापक, लेखक, संपादक, शिक्षा विभाग, कानून, वकालत, लेखन, कार्य, क्लर्क, उपदेशक, स्वतंत्रता सेनानी, दार्शनिक, धर्म सुधारक, प्रकाशन, दलाली, कमीशन, एजैंट, आयात-निर्यात, खाद्य पदार्थ, चमड़े का व्यापारी, बैंकर आदि बना करते हैं।

मकर लग्न के जातक मैनेजमैंट, बीमा विभाग, बिजली, कमिशन, मशीनरी, ठेकेदारी, सट्टा, आयात-निर्यात, रेडीमेड कपड़ा, राजनीतिक, खिलौना, कृषि, खनन, वन उत्पाद, फार्म का कार्य, बागवानी, खान, विज्ञान, भूगर्भ, विज्ञान, संयोजन, सचिव, बैंकर आदि कार्यों में सफलता पाते हैं।

कुंभ लग्न के जातक शोध कार्य, शिक्षण कार्य, ज्योतिष तांत्रिक, प्राकृतिक, उपचारक, दार्शनिक, एक्स-रे कर्मचारी, चिकित्सकीय, उपकरणों के विक्रेता, टैलीग्राफिस्ट, कम्प्यूटर, वायुयान, मैकेनिक, बीमा, ठेकेदारी, चौकीदार आदि कार्यों में प्रवीणता प्राप्त करते हैं।

मीन लग्न के जातक लेखन, सम्पादन, अध्यापन, लिपिक, पानी, अनाज, दलाली, शेयर, मछली, कमीशन, एजैंट, आयात निर्यात, कोरियोग्राफी, सामाजिक, कार्य संग्रहालय, पुस्तकालय, क्लब संचालन संगीतज्ञ, कवि, तांत्रिक, यात्रा, एजैंट, अनुसंधानकर्ता चिकित्सा, सर्जन, नर्स, जेलर, उपदेशक मंत्री आदि कार्यों में से किसी भी एक को अपना व्यवसाय बनाकर धन एवं यश की प्राप्ति कर सकते हैं।


जब कोई आपका पैसा न लौटा रहा हो या परेशान कर रहा हो तो करें ये आसान उपाय



यदि कोई आपका पैसा वापस नहीं कर रहा है या बेवजह परेशान कर रहा हो यानी किसी भी इंसान से आपको बहुत परेशानी हो रही हो तो आप नारियल का ये आसान उपाय करके ऐसे दुश्मन से मुक्ति पा सकते हैं या अपने पैसे वापस पा सकते हैं। आइए जानते हैं क्या है ये उपाय….
नारियल के इस उपाय से मिलता है रुका पैसा दूर होती हैं परेशानियां, आपको करना ये है कि किसी भी मंगलवार, शनिवार या अमावस्या को एक नारियल बिना पानी वाला मतलब खोपरा लेना है।
फिर सिन्दूर की स्याही बना कर मतलब सिंदूर में तैल मिला कर स्याही बना ले और एक डंडी की सहायता से नारियल के उपर दुश्मन या जिस से पैसे लेने है उसका नाम लिखे।
फिर इस नारियल करे अपने सिर के उपर से 7 बार एन्टीक्लोकवाईस घुमाएं।
फिर इस नारियल को किसी पुराने भैरव या काली के मंदिर में चढा दें और उनसे अपनी परेशानी दूर करने के लिए प्रार्थना करे।
7 बार नियम से यह उपाय करना होगा इससे यदि आप के पैसे कहीं फंसे हैं वो आ जाते या कोई आपको परेशान कर रहा है वो परेशान करना बंद कर देगा।

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एक सुपारी बदल देगी आपकी दुनिया, अपनाएं यह उपाय...!


आपने पान के साथ सुपारी खूब चबाई होगी और अगर आप हिन्दू हैं तो आपने पूजा के दौरान सुपारी का खूब प्रयोग किया होगा. हिन्दू धर्म में पूजा के लिए सुपारी एक बेहद अहम वस्तु है. लेकिन क्या आप जानते हैं, हिन्दू धर्म की कुछ मान्यताओं के आधार पर मात्र एक सुपारी आपकी जिंदगी बदल सकती है. सुपारी में आपकी सभी समस्याओं का समाधान करने की ताकत होती है. एक सुपारी आपके सभी बिगड़े काम बना सकती है.
जानिए आखिर ऐसा क्या है सुपारी में-

सुपारी पान चबाने के लिए तो प्रयोग होती ही है लक्ष्मी-गणेश की पूजा में भी सुपारी का बहुत महत्व है, क्या आप जानते हैं खाने की सुपारी और पूजा करने की सुपारी में बहुत अंतर होता है. पूजा के लिए जो सुपारी प्रयोग की जाती है वह पूरी तरह से अखंडित होती है. उस सुपारी का आकार अपेक्षाकृत छोटा होता है. यह पान गुटके वाली सुपारी से अलग होती है. दोनों ही सुपारी के अपने अलग-अलग महत्व होते हैं.
देवी देवताओं को सुपारी बहुत पसंद होती है :

हिन्दू धर्म की मान्यताओं के अनुसार देवी देवताओं को सुपारी बहुत पसंद होती है. उनको भोग में सुपारी चढ़ाये जाने पर वह बहुत प्रसन्न होते हैं. कुछ मान्यताओं के अनुसार ऐसे टोटके बताये गए हैं जिनके माध्यम से आप अपने घर में सुख और समृद्धि ला सकते हैं लेकिन इसके लिए आपको सुपारी का प्रयोग करना होगा. आप सुपारी के कुछ बेहद चमत्कारी प्रयोग करके अपनी समस्याओं को दूर कर सकते हैं.
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रुके हुए काम को पूरा कर सकते हैं :

बताया जाता है कि अगर आपका कोई काम रुका है तो आप एक सुपारी और एक लौंग के माध्यम से अपने रुके हुए काम को पूरा कर सकते हैं. इसके लिए जरूरी है कि जब आप काम पर जाएं तो एक सुपारी और एक लौंग अपने पास रख लें. एक लौंग को अपने मुंह में रखें और उसे चूसते हुए भगवान श्री गणेश का ध्यान एवं जप करें. काम से लौटने के बाद जब आप घर पहुंचे तो साथ ले गयी सुपारी को अर्चा विग्रह पर फिर रख दे. ऐसी क्रिया अपनाकर आप पाएंगे कि आपके काम कुछ दिनों में बनने लगेंगे.
खास बात यह है कि पूजा की सुपारी पर जनेऊ भी चढ़ाया जाता है अखंडित सुपारी को गौरी गणेश का रूप माना जाता है. इस सुपारी को तिजोरी में रखने पर घर में लक्ष्मी स्थायी रूप से निवास करने लगती हैं और इससे सौभाग्य आने लगता है. अच्छी बात यह है कि पूजा में इस्तेमाल की गयी सुपारी को तिजोरी में रखना भी लाभदायक होता है. सुपारी को धागे में लपेटें और अक्षत, कुमकुम लगाकर पूजा जरूर कर लें. पूजा करके तिजोरी में रखी गयी सुपारी बहुत लाभदायक होती है.
शास्त्रों के मुताबिक सुपारी बेहद चमत्कारी फल :

भारतीय शास्त्रों के मुताबिक सुपारी बेहद चमत्कारी फल होता है. सिद्ध सुपारी रखने से आपके जीवन में कभी भी आर्थिक आभाव की स्थिति नहीं आती है. व्यापार में तरक्की के लिए भी सुपारी बहुत सहायक होती है. माना जाता है कि शनिवार की रात पीपल के पेड़ की पूजा करके सुपारी और उसके साथ एक रूपये का सिक्का रखें अगले दिन उस पेड़ का पत्ता तोड़कर लायें और अपनी तिजोरी में रखें इससे व्यापार में बढ़ोत्तरी होती है.
सुपारी से पूजा करने की विधि के अनुसार बताया गया है कि अपने घर में अर्चा विग्रह पर पान का पत्ता रखें उस पर सिन्दूर में घी मिलाकर स्वस्तिक बनायें और उस पत्ते पर कलावे में लपेटी हुयी सुपारी रख कर पूजा करनी चाहिए.
सबसे ज्यादा सुपारी की आपूर्ति केरल और असम से होती है :

ये तो रही धर्म और आस्था की बात इसके साथ ही हम आपको यह भी बता दें कि हमारे देश में सबसे ज्यादा सुपारी की आपूर्ति केरल और असम से होती है और इसकी सबसे बड़ी मंडियों में नागपुर, इंदौर और ग्वालियर की मंडियां शामिल हैं.
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