मैं नज़र से पी रहा हूँ ये समाँ बदल न जाए,
न झुकाओ तुम निगाहें कहीं रात ढल न जाए!

शाम का वक्त हो और 'शराब' ना हो...!

इंसान का वक्त इतना भी 'खराब' ना हो...!!

अदब है मैं जो झुकाए हुए हूँ आँख अपनी,
ग़ज़ब है तुम जो न देखो नज़र उठा के मुझे!

वस्ल में भी रहती है भूलने की बीमारी,
होंठ चूम आता हूँ, गाल भूल जाता हूँ!

वस्ल में भी रहती है भूलने की बीमारी,
होंठ चूम आता हूँ, गाल भूल जाता हूँ!

मैंने हर दर्द में इंसान को ही मरते देखा है,
कम्बख्त इश्क़ तुझे मौत क्यों नहीं आती !!

दिल की उम्मीदों का हौंसला तो देखो,
इन्तजार उसका है जिसको एहसास तक नहीं !!

हर धड़कते पत्थर को लोग दिल समझते है,
उम्र बीत जाती है दिल को दिल बनाने में !!

बात मुक्कदर पे आ के रुकी है वर्ना,
कोई कसर तो न छोड़ी थी तुझे चाहने में !!

खुद ही रोये और रो रो कर चुप हो गए,
ये सोचकर की आज कोई अपना होता तो रोने ना देता !!
Wait while more posts are being loaded