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मित्रों!! आप को ये जानना चाहिए कि भारत पाकिस्तान से युद्ध करने से क्यों पीछे हट रहा है ... ध्यान से पूरा पढना..
यह पोस्ट लाइक्स के लिए नहीं लिखी है, पढ़कर कुछ सकारात्मक लगे, अंतरात्मा जागे तो शेयर अवश्य करें..
.दरअसल प्रधानमंत्री मोदी की ये हालत कांग्रेस और वामपंथियों ने कर रखी है। उन्होंने भारत के रक्षा तंत्र को कहाँ पंहुचा दिया है...
● वामपंथी और कान्ग्रेसियों ने 10 साल में कितने आयल रिजर्व बनाये??
युद्ध सिर्फ बयान से नहीं लड़े जाते...
आयल रिजर्व भारत के पास कितने दिनों का था जब मोदी ने सत्ता संभाली?
सितम्बर 2015 से मोदी सरकार नए आयल रिजर्व बना रही है जिससे की
सेना को हिम्मत मिले..
● युद्ध के लिए कम से कम 40 दिन की सामग्री होनी चाहिए.. इटली वाली बाई और मौनी बाबा की कृपा से सेना के पास 40 दिन तक चलने वाला सिर्फ 10 फीसदी गोला बारूद ही था..

● चीन के पास 60 से 80 दिन का रिजर्व है और भारत के पास??
कांग्रेस ने सिर्फ 7 दिन का रिजर्व रख छोड़ा था..और बाते करेगे कि मोदी क्यों युद्ध नहीं कर रहा..

●उन 10 साल में सेना को इतना तबाह कर दिया गया की भारतीय सेना का जनरल तुम्हे चिट्टी लिखता रहा,चिल्लाता रहा की भारत की सेना के पास लड़ने को हथियार नहीं है परंतु 10 साल तक भारत सरकार के लोग 2G, 3G, जीजा G ,कॉमनवेल्थ और कोयला घोटालों में ही मस्त रहे।

● विमानों खरीद में इतनी घटिया दलाली की राजनीति चली की दलाली न मिलने के कारण 10 साल में विमानों को खरीदने का आर्डर नहीं दे पाये वो तो भला हो नरेंद्र मोदी का जिन्होंने "राफेल डील" को खुद ही फ़्रांस जा के फाइनल करके हताश हो रही एयरफोर्स को नयी हिम्मत दी वरना कांग्रेस का बस चलता तो उड़नता बूत बन चुके आउटडेटेड MIG में ही मरने देती वायुसेना के पायलटों को..यही डील कांग्रेसियों ने पहले फाइनल कर दी होती तो आज तक ये विमान हमारे एयरफ़ोर्स के हैंगरों में पहुच चुके होते..
● गलती से कांग्रेस ने हेलीकॉप्टर और सेना के ट्रक खरीद लिए तो उसे "ऑगस्टा वेस्टलैंड हेलीकाप्टर घोटाला" और "टाट्रा ट्रक घोटाला" नाम से ये देश जानता है..
● अब आते हैं नौसेना की स्थिति पर, क्या हालात बना दी कांग्रेसियों ने 2004 से 2014 तक हादसों की झड़ी लगा दी और नौसेना की शान INS सिंधुरक्षक का खड़े खड़े तबाह हो जाना और 18 नौसैनिकों का मरना वो जख्म है जिसे सिर्फ एक हादसा नहीं माना जा सकता था....
नौसेना प्रमुख एडमिरल डीके जोशी ने तो इस्तीफा दे दिया मगर उसके बाद फिर हादसे का होना ये बताने को पर्याप्त था की 10 सालों में नेवी वारशिप का रखरखाव हुआ ही नहीं या हुआ भी तो बड़ी हथियार दलाल लाबी इसमें सम्बद्ध थी..
● घोटाले और मुफ्तखोरी से तबाह देश का खजाना तुमने मोदी को दिया था जो कोई युद्ध नहीं झेल सकता था.. यही कारण है की उस देश के खजाने को भरने के चक्कर में आज मोदी कभी सेस बढ़ाता है तो कभी पेट्रोल डीजल पर वैट बढ़ा के देश को मजबूत करता है और हमारी थोक के भाव गालियां भी सुनता है....

● कुछ लोगो की नौटंकी तो चलती रहती है। फ्री के वाईफाई, फ्री के बिजली,फ्री के पानी पर। अगर युद्ध हुआ तो ऐसे लोगों को जीत हार से मतलब नहीं होगा उन्हें मतलब होगा युद्ध के बाद निश्चित बढने वाली महंगाई से..
महंगाई बढ़ गई जी..मोदी ने टैक्स लगा दिया जी...ऐंड सो आन ।
.
★★★ अब कुछ मानसिक रूप से अपरिपक्व बच्चे, ये कहेंगे की अब तो मोदी है जो करना है कर लो...तो भाई जहाजो के आर्डर मोदी खुद फ़्रांस में देकर आया है...जहाज का आर्डर दिया है न की पिज्जा का जो दो मीनट में बनकर आधे घंटे में आ जाये, कुछ साल लगेंगे बनाने और डिलिवरी में..सेना का आधुनिकीकरण जारी है.नए आयल रिजर्व अगस्त सितम्बर 2015 से बनने शुरू हो गए..

करोडो के हथियारों की खरीद को रक्षामंत्री मनोहर पारिकर ने अप्रूव कर दिया. कांग्रेस की चहेती हथियारों की दलाल लाबी को भगा दिया गया है..

एक एक सौदे पर PMO की नजर है...!!! आपलोग भी अपनी नजर बनाये रखें!!! धैर्य रखें अच्छे दिनो का आगाज हो चूका है।।
ये पोस्ट अगर आप अनपढ़ मतदाताओं और आम जनमानस को समझा सकें तो ये आपका समस्त देशप्रेमियों पर अहसान होगा!

साभार : सत्य मेव जयते
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कायरता का तेल चढ़ा है
लाचारी की बाती पर
दुश्मन नंगा नाच रहे है
भारत माँ की छाती पर,
दिल्ली वाले इन हमलों पर
दो आंसू रो देते हैं
कुत्ते चार मारने में
हम सत्रह शेर खो देते हैं!!...???
जय हिन्द वंदेमातरम्
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19/9/16
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शिव, शिवलिंग और जुड़े अनुष्ठान

शिव कौन है? इस चित्रण में शिव को एक इंसान के रूप बनाया गया था, या भारतीय प्राचीन ऋषियों द्वारा मानव जाति के लिए इस ब्रह्मांडीय चेतना को समझने के लिए यह चित्र नियोजित किया गया था, । हम इस चित्रण के प्रत्येक पहलू का विश्लेषण करते हैं:
1. गंगा नदी सिर से बह रही है - जिसका अर्थ है; किसी भी व्यक्ति, जिसका शुद्ध विचार 365 दिनों के लिए एक सहज निर्बाध ढंग से व्यक्त किया जा रहा है; और जो कोई इस तरह के प्रवाह में एक डुबकी लेता है, दैवीय शुद्ध हो जाता है।
2. माथे पर आधा चाँद - जिसका अर्थ है; मन और अनंत शांति के साथ चित्त संतुलन।
3. तीसरा नेत्र - जिसका अर्थ है; जो अमोघ अंतर्ज्ञान की शक्ति के अधिकारी और भौंहों के मध्य से ब्रह्मांड को अनुभव-दर्शन करने की क्षमता है।
4. गले में नाग - जिसका अर्थ है; एकाग्रता की शक्ति और सांप की तीव्रता के साथ ध्यान में तल्लीन।
5. शरीर राख में लिपटे - किसी भी क्षण में मृत्यु के आगमन के बारे में मनुष्य को भूल नहीं।
6. शिव द्वारा त्रिशूल की पकड़ - जिसका अर्थ है; ब्रह्मांड सर्वव्यापी परमात्मा् की शक्ति द्वारा आयोजित किया जाता है और यह ब्रह्मांड मौलिक तीन सूक्ष्म क्षेत्रों में विभाजित है; जो अस्तित्व के आयाम हैं।
7. डमरू त्रिशूल से बंधा - जिसका अर्थ है्; स्पंदन इस पूरे ब्रह्मांड की प्रकृति में है और सब कुछ आवृत्तियों में भिन्नता से बना है; सभी तीन क्षेत्र विभिन्न आवृत्तियों के बने होते हैं और ब्रह्मांडीय चेतना द्वारा प्रकट, एक साथ बंधे हैं।
8. शिव ऋषियों और राक्षसों के साथ समान रूप से हैं - जिसका अर्थ है; निरपेक्ष चेतना या परमात्मा सभी आत्माओं का एकमात्र स्रोत है, इस प्रकार, अपने सभी बच्चों को प्यार करता है। हमारे कर्म हमें असुर या देवता बना रहे हैं।
9. शिव के साथ नशा - जिसका अर्थ है; शिव (कूटस्थ चेतना) के साथ एक आत्मा के मिलन के समय में चमत्कारिक नशा, शराब की बोतलों के कई लाख से अधिक है।
10 कैलाश शिव का वास है - जिसका अर्थ है; शांत वातावरण में आध्यात्मिकता का घर है। शिव अकेले हिंदुओं के लिए नहीं हैं।
11. पार्वती शिव की पत्नी हैं - प्रकृति और ब्रह्मांडीय चेतना सदा एक दूसरे से विवाहित हैं। दोनों एक दूसरे से सदा अविभाज्य हैं। प्रकृति और परमात्मा का नृत्य एक साथ, क्योंकि, पूर्ण निरंतर चेतना (परम सत्य) ब्रह्मांडीय चक्र की शुरुआत में द्वंद्व पैदा करते हैं।
12. शिव योगी हैं - वह निराकार सभी रूपों में है। समाविष्ट आत्मा ( जीव), योग के विज्ञान के माध्यम से ब्रह्मांडीय चेतना के साथ एकता को प्राप्त करने के लिए है। योग ही उसका सिद्धांत है।
13. ज्योतिर्लिंग ही शिव का प्रतीक है - ब्रह्मांडीय चेतना भौंहों के मध्य में गोलाकार प्रकाश के रूप में प्रकट होती है। यह आत्मबोध या आत्मज्ञान के रूप में कहा जाता है। समाविष्ट आत्मा प्रकृति के द्वंद्व और सापेक्षता की बाधाओं को पार करती है और मुक्ति को प्राप्त होती है।
14. शिवलिंग पर दूध डालना - सर्वशक्तिमान भगवान से प्रार्थना करना ; भौंहों के मध्य में, मेरे अंधकार को दूधिया प्रकाश में बदलना।
15. शिवलिंग पर धतूरा प्रसाद - भगवान से प्रार्थना, आध्यात्मिक नशा करने के लिए अनुदान।
16. शिव महेश्वर हैं - शिव परमेश्वर ( पारब्रह्म ) नहीं है, क्योंकि परम चेतना अंतिम वास्तविकता है जो सभी कंपन से परे है। कूटस्थ चैतन्य एक कदम पहले है।
17. नंदी शिव के वाहन के रूप में - सांड धर्म का प्रतीक है। इस जानवर में लंबे समय तक के लिए बेचैनी के बिना शांति के साथ स्थिर खड़े़े रहने की अद्वितीय और महत्वपूर्ण विशेषता है। स्थिरता - आध्यात्मिकता का वाहन है।
18. राम और कृष्ण शिव भक्त - जब आकार में निराकार अवतरित होता है, मनुष्य के लिए अपनी असली पहचान स्थापित करता है।
शिवोहम्

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