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स्वतंत्रता दिवस पर सभी मित्रों को हार्दिक शुभकामनाये
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केंद्र की ‘मेहरबानी’, ‘पाकिस्तानी’ बन गए ‘हिंदुस्तानी’!
भाषा 02:47 PM IST Jun 14, 2015
नई दिल्ली। नरेंद्र मोदी की अगुवाई में भाजपानीत राजग सरकार ने शरणार्थी हिंदुओं को बड़ी राहत दी है। केंद्र सरकार ने अपने 1 साल के कार्यकाल में पाकिस्तान-अफगानिस्तान से भारत आए हजारों हिंदू शरणार्थियों को देश की नागरिकता दी है। नरेंद्र मोदी की सरकार ने पिछले 1 साल में करीब 4300 हिंदुओं और सिखों को देश की नागरिकता दी। गौर करने वाली बात है कि यूपीए-2 ने पूरे 5 साल में महज 1023 शरणार्थियों को भारतीय नागरिकता दी थी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा चुनाव अभियान के दौरान कहा था कि पाकिस्तानी और बांग्लादेशी हिंदू शरणार्थियों से दूसरे भारतीय नागरिकों की तरह ही व्यवहार होगा। बीजेपी की नीति रही है कि भारत शरण मांगने वाले ‘सताये हुए हिंदुओं का स्वाभाविक घर’ है। इस नीति के मद्देनजर ही गृह मंत्री राजनाथ सिंह की पहल पर इन शरणार्थियों को नागरिकता प्रदान की गयी। गौरतलब है कि मौजूदा समय में पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान के करीब दो लाख हिंदू और सिख शरणार्थी अभी भारत में रह रहे हैं।
आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि 2014 मई में मोदी सरकार के कार्यभार संभालने के बाद से मध्य प्रदेश में करीब 19000 शरणार्थियों को दीर्घावधि वीजा दिया गया। राजस्थान में करीब 11,000 और गुजरात में 4,000 दीर्घावधि वीजा दिए गए। अप्रैल में गृह मंत्रालय ने दीर्घावधि वीजा आवेदन सुपुर्दगी और विभिन्न एजेंसियों द्वारा इस पर गौर करने के लिए एक ऑनलाइन सिस्टम की शुरूआत की थी।
जोधपुर, जैसलमेर, बीकानेर और जयपुर में करीब 400 पाकिस्तानी हिंदू शरणार्थी बस्तियां है। वहीं, बांग्लादेश के हिंदू शरणार्थी अधिकतर पश्चिम बंगाल और पूर्वोत्तर के राज्यों में रहते हैं। जबकि ज्यादातर सिख शरणार्थी पंजाब, दिल्ली और चंडीगढ़ में रहते हैं।
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सब भाई और बहनों को भारत का नमस्कार
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मोदी जी ने अभी कोरीया में कहा था कि एक साल पहले हमें भारतीय कहलाने में शर्म महसूस होती थी ।
तो कुछ झुठे देशभक्तों और सेक्लुअरों को बड़ा दुख हो रहा था ।लेकिन मैं इन सेक्लूअर और देश को लूटने वाले चंदा चोरों पहले शर्म महसूस नहीं हो रही थी ।शर्म होती तो महसूस होती ।इन्हीं लूटखोरों की वजह से शर्म आती थी इन्होंने अपना घर भर लिया और देशवासियों को जाति धर्म क्षेत्र वाद बाकि कुछ नहीं बचा तो आरक्षण में देश को झोंक दिया ।।देश को गडढों में भर दिया ।।सब को पता है लेकिन सब झूठे राग अलाप रहें है 60 साल कांग्रेस के थे और पाँच साल बीजेपी के जिसे हम अटल युग कहते है शायद आप भुल गए मैट्रो हाईवे दिल्ली में विकास की रफ्तार अटल जी के समय आयी थी।तब भी एक भ्रष्टाचार उनकी सरकार पर लगा था जिसे हम ताबुत घोंटाला के नाम से जानते है जो बाद में साबित ही नहीं हुआ ।
अब हम ज्यादा पिछे न जाकर सिर्फ़ कांग्रेस शासन के दस सालों को ले तो उसे हम कहगें घोटाला 1 और घोटाला 2 जिसमें इतने घोटाले हुए तो शर्म तो आएगी ही
रोज सुबह उठते थे तो कांग्रेस की घोटाला योजना की बारिश शुरू हो जाती थी ।
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बड़ी शर्म आती थी एक साल पहले जब सोनिया गाँधी जैसी विदेशी महिला हमारे देश को लूट रही थी।
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बड़ी शर्म आती थी जब एक साल पहले देश का प्रधानमंत्री जब विदेश यात्रा पर जाता था तो किसी कौने में जाकर बैठ जाता था ।और पाकिस्तान का प्रधानमंत्री नवाज शरीर हमारे प्रधानमंत्री की तुलना एक देहाती औरत से करता था।
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एक साल पहले हमें बड़ी शर्म आती थी जब हमारे देश का प्रधानमंत्री या और नेता वंदे मातरम और भारत माता की जय कहने से शरमाते थे ।
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बड़ी शर्म आती थी जब भारत की संसद में रामजी और रामसेतू को खत्म करने का सवाल उठाया जा रहा था।
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बड़ी शर्म आती थी जब संसद में हिन्दूओ को खत्म करने का सांप्रदायिक हिंसा वाला कानून लाया जा रहा था ।और भी मुद्दे है हमारे देश में या वो जख्म जो उन्होंने हमारे देश को दिए जो भरते भरते सालों लग जाएँगे।
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मत सिखाओ मोदी जी को देशभक्ति ।मोदी जी ने तो एक साल में हमारे देश का कद इतना ऊँचा उठाया है।ये देश के चंदा खोर और कोयला चोर कभी नहीं उठा सकते थे ।
अब मोदी जी ने जन जन में देशभक्ति जगाई है देश में भी और विदेश में भी ।
उन्होंने विदेशीयों से भी जय हिंन्द कहला दिया
देश के लाए इतनी विदेशी इन्वेसटमेंट ले आए जो आज तक कोई भी सरकार नहीं लेकर आयी।कल बंगलादेश देश के साथ बाडॅर का मसला हलकिया ।मानता हूँ पिछली सरकार भी इस मुद्दे को सुलझाना चाहाती थी लेकिन जोड तोड़ और घोटालों करने की इच्छाशक्ति ने यह सब होने नहीं दिया इस मुद्दे को तो एक अच्छी नियत और इच्छा शक्ति वाले हमारे मोदी जी ने एक साल के कार्य काल में सुधार लिया जानते इस मुद्दे के सुलझाने से लाखों लोगों की मुश्किलें हल हो गई ।।
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मुझे गर्व है अपने हमारे हम सब के प्यारे और नेक दिल वाले प्रधानमंत्री पर
मुझे गर्व था अपने भारतीय होने का लेकिन पिछली सरकारों ने हमारे देश का सर शर्म से झुका रखा था ।
आखिरकार मोदी जी का विरोध क्यों ??? क्या मोदी जी कोई विदेशी है और बाहर सेआकर प्रधानमंत्री की कुर्सी पर बैठ गए है क्या आते ही उन्होंने घोटाले करने शुरू कर दिए है।
क्या उनके आने से संप्रदायिक हिंसा बढ़ गई है ।
क्या मोदी जी राष्ट्र विरोधी कार्य कर रहे है ।
क्या मोदी जी कामचोर है।
क्या मोदी जी हिन्दू है और मुस्लिम टोपी नहीं डालते है इसलिए बैकार है और जिन्होने मुस्लिम टोपी डाली उन्होंने मुसलमानो को सोने चांदी से तोल दिया ।
अब कांग्रेस पोशितऔर आपिये अल्पज्ञानी मूर्ख मोदी जी पर यह आरोप लगाते है ।
1: राम मंदिर नही बनाया।
2: घारा370 नहीं हटाया।
3:पी डी पी से गठबंधन क्यों किया।
4: 15 लाख सबके खाते में नहीं आए।
अच्छे दिन नहीं आए ।
5 जबसे प्रधानमंत्री बने है तब से विदेशों में ही भ्रमण कर रहे है आदि।
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तो कांग्रेसी पोषित अल्पज्ञानी मूर्खो ये बताओ ।
क्या तुम्हारी कांग्रेस की सरकार को सभी विषयों में 100/100 नंबर मिले थे जो एक साल में अपना पिछवाडा सोंक रहे हो।

2:: क्या तुम्हें पहली नौकरी मिलते ही करोड़ों का घर ले लिया था अब कांग्रेस तो थी ही घोटालों और भ्रष्टाचारी की सरकार करोड़ों क्या अरबों का घर भी बना लो ।
चलो घर बनाया था तो पाँच वा माला पहले बनाया था या मजबूत नींव बनाई ?
3: गाड़ी चलाते ही पाँच वा गेयर पहले लगाते हो या स्कूल से पहले कालेज जाते हो ।
अब मोदी जी अगर स्थाई सरकार नहीं बना रहे तो आप ये बताओ कौन स्थाई सरकार बना रहा है। है जवाब किसी के पास ?? कोई नहीं बता रहा कि हिन्दुओ की रक्षा कौन सा प्रधानमंत्री कर सकता है ?
अब कोई यह भी नहीं बता रहा राम मंदिर कौन सा नेता बना सकता है?
किसानों की सुरक्षा कांग्रेस ने तो नहीं कि अब अगर मोदी जी भी फेल है तो आखिर कौन सा नेता किसानों की रक्षा कर सकता है ।30 सालों में जितनी बिज ली देश में बनी उतनी मोदी जी ने एक साल में बना दी तो क्या कोई दूसरा नेता इससे भी जल्दी तैयार कर देता फ्री में देने वाली सरकार तो बिलकुल भी नहीं दे सकती ।अब आप ही दो कोई दूसरा नेता पप्पू तो पहले ही 10 साल सरकार में ही बैठा छोटा भीम का कार्टून देखता था और हम सब को देशवासियोंभी उसकी सरकार ने कार्टून बना दिया था ।
अब ससुरा का नाति को अमेठी का फूड पार्क, कॉलेज, रोड्स, किसानों के हित याद आ रहे है जब चिप्स कै लेस के पैकेट में पूरे देश को खा रहा था उसके सूट बूट वाले खुद उसकी जीजाजी पिताजी नानानी जी देश को लूट रहे थे तब वो कहाँ था ।
अगर आज आपने मोदी जी का साथ नहीं दिया तो जैसे अटल जी की सरकार खोने के दस साल तक कांग्रेस ने देश को जम कर लूटा और अब आपने मोदी जी को नहीं पहचाना तो आने वाले 100 सालों तक फिर से लोभी व्याभीचारी आरक्षण जाति वाद गरीबों बेरोजगारी सब के सब हमारा खून चूसगें ।100 साल तक हम सब देशवासिअपनी दुर्दशा पर खुन के आँसु रोएगें और शायद ही फिर मोदी जी के बाद कोई हिन्दूओ के हितैषी हो मै ये नहीं कहता कि मोदी जी मुस्लिम विरोधी है ये कह कह कर कांग्रेसी और दूसरे लूटेरे गला फाड़ रहे है अब आप ही बता दो कितना दंगा फंसाद हो गया मोदी राज में ।
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अब मोदी जी ने कया क्या किया वो पता करो ।
अगर मोदी जी आगे के बीस साल तक हमारे प्रधानमंत्री बने रहेंगे ।भगवान उनको हमारे लिए हिम्मत और उनको हमेशा सेहतमंद रखे ।भगवान करे उनमें सत्ता का नशा उन पर कभी न चढ़े वैसे वो शेर है खरा सोना है नियत उनकी खरा सोने की तरह साफ है वह सभी देशवासियों से प्यार करते हें और करते रहगें ।
जब तक वो है हमें भविष्य की चिन्ता छोड़ देनी चाहिए क्योंकि देशकी बागडोर एक मजबूत और देशभक्त और ताकतवर व्यक्ति के पास है हमारा देश सुरक्षित है वह हम सब देशवासियों के भविष्य के लिए निरंतर प्रयास कर रहे है वह हमारे देश के स्वर्णिम भविष्य के जी रहे है इसलिए सबसे मेरी प्रार्थना है आप उनका विरोध करना बंद किजिए आप उन पर शक मत किजिए ।आप उनकी ताकत बनिए ऐसा नेता युगों में एक पैदा होता है
इस को आगे इतना शेयर करे तो शायद विरोधियों में स्वाभिमान जाग जाए।
जो देश प्रेमी है जो मोदी जी को भलीभाँति जानते है वह ही इसको शेयर करेंगे। देशदरोही कांग्रेसी आपिए और उनकी सहायक नदियाँ लालू खालू मायावती नितिश तो उसका विरोधी ही करेंगे क्या मोदी जी ने उनके लूटने के अभियान को रोक दिया है।और आप भी उन लूटेरो के अभियान को रोकें ।
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जय हिन्द
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सोचो
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सत्यम शिवम् सुन्दरम ! जय हिन्द, जय भारत ! वंदे मातरम ! 
                              "विजयी विश्व तिरंगा प्यारा,  झंडा ऊंचा रहे हमारा"

प्रिय मित्रों एवं बच्चों ! 
                            ॐ नमः शिवाय ! हर हर महादेव ! भगवान शिव आपकी सभी मनोकामनाएं पूर्ण करें ! ईश्वर आपको सदा सही राह पर चलायें, जिससे आपका प्रत्येक दिन मंगलमय हो ! 

मित्रों व् बच्चों ! 
                         यदि आप हिन्दू हैं और यह बिलकुल नहीं चाहते कि आने वाले समय में कभी भी आपको या आपके बच्चों को जबरन मुसलमान बनना पड़े, तो मेरे इस मैसेज को खासकर इसके महत्वपूर्ण सन्देश वाले भाग को एक बार ऊपर से नीचे तक अवश्य ही पढ़ें। और हाँ अगर आपको मेरी बात में सच्चाई नज़र आये अथवा सही लगे तो यह भी अवश्य ही बताएं कि इस खतरनाक आने वाले भविष्य से अपने सभी बंधु-बांधवों को भी सचेत करने के लिए क्या आप भी हमारे इस हिन्दू जन-जागृति अभियान का हिस्सा नहीं बनना चाहेंगे? अगर हाँ ! तो आप इस दिशा में क्या करेंगे? हो सकता है कि आपको मेरी यह भाषा कुछ अटपटी अवश्य लगे, लेकिन मेरी मज़बूरी है, इस प्रश्न ने (जिससे हम सभी की जिंदगी और हमारी आने वाली पीढ़ियों का भविष्य जुड़े हुए हैं) पिछले कुछ अरसे से मेरी रातों की नींद को उड़ा रखा है। हालाँकि आपके इस सन्देश को पढ़ने या न पढ़ने से अभी मुझे तो कोई फर्क नहीं पड़ेगा, क्यूँकि मैं तो स्वयं ही उम्र के उस पड़ाव पर हूँ, जहाँ से उस दौर को देख पाने का मौका शायद ही मिले। लेकिन हमारी भावी पीढ़ियों का भविष्य तो फिर भी उससे जुड़ा हुआ है। वैसे भी आप मुझसे तो झूठ भी बोल सकते हैं, लेकिन क्या अपने आप से या अपनी अंतरात्मा से भी झूठ बोल पाएँगे? इसलिए इसे पढ़ने के बाद भले ही फैसला कुछ भी करें, लेकिन एक बार पूरा जरूर पढ़ें, क्यूँकि तब आप न तो किसी थोथी धर्मनिरपेक्षता के अँधेरे में जियेंगे और न ही कभी किसी से कभी यह भी कह सकेंगे कि आपको वस्तुस्थिति का ज्ञान नहीं था। आखिर को यह हम सभी के अस्तित्व का प्रश्न जो है?
                 कहा जाता है कि जब कोई बात पढ़कर अथवा बोलकर बार-बार दोहराई जाती है, तब वो बात हमारे अवचेतन मन में गहरे तक बैठ जाती है। तब क्यों न हम अपनी भारतीय संस्कृति की नीचे लिखी हुई कुछ अच्छी बातों को दोहराएं, जिससे हमारे व्यक्तित्व का उचित विकास हो और हम अपने राष्ट्र के सर्वांगीण विकास में अपना महत्वपूर्ण योगदान दे सकें?

                 "श्रीमद भगवद्गीता में भगवान श्री कृष्ण ने स्पष्ट कहा है कि न्याय-अन्याय अथवा धर्म-अधर्म की लड़ाई में बीच का कोई मार्ग ही नहीं होता अर्थात कोई भी पक्ष जो न्याय का समर्थक है, तो उसे अन्याय के प्रतिकारस्वरूप पूरी तरह से न्याय के साथ खड़े होना चाहिए। इसी प्रकार जो कोई भी पक्ष धर्म या न्याय के पक्ष में नहीं है, तो उसे परोक्ष-अपरोक्ष रूप से अन्याय का समर्थन करने वाला ही मानना चाहिए। भगवान श्रीकृष्ण ने आगे इस बात को भी स्पष्ट किया है कि अधर्मियों से समाज एवं धर्म की रक्षा के लिए अधर्मियों के खिलाफ किये गए किसी भी प्रकार के छल-बल एवं हिंसा के प्रयोग को पाप की श्रेणी में नहीं रखा जा सकता। लेकिन उसका उद्देश्य केवल और केवल धर्म की स्थापना ही होना चाहिए।"

                "कोई भी धर्म राष्ट्र-धर्म अथवा देशभक्ति से बड़ा नहीं होता। किसी भी प्रकार के देशद्रोह की केवल एक ही सजा मृत्यु-दंड होनी चाहिए। जिस देश अथवा राज्य की अधिकांश जनता कायर हो, वहां विदेशी शक्तियों अपना आधिपत्य अधिक आसानी से जमा पाती हैं। अन्याय करने वाले से उस अन्याय को चुपचाप सहने वाला अधिक दोषी होता है, जिसके कारण समाज में कायरता बढ़ती है और अन्यायी को बल मिलता है। अतः अन्याय का प्रतिकार अवश्य करें व् अपने बच्चों एवं छोटे भाई-बहनों को भी अन्याय का प्रतिकार करने की ही शिक्षा दें।" 

                "जैसे काली से काली घटाएँ भी सूर्य के प्रकाश को बिखरने से अधिक समय तक रोक नहीं सकती, उसी प्रकार झूठ को कैसी भी चाशनी में लपेट कर परोसने या सत्य को सात तालों के भीतर कैद करने पर भी सत्य को छिपाया अथवा दबाया नहीं जा सकता। और झूठ के सारे अंधकार को चीर कर एक न एक दिन सच का सूरज निकलता जरूर है। सत्य एवं अहिंसा के पथ पर चलना कुछ कठिन भले ही हो, लेकिन केवल सत्य और अहिंसा का मार्ग ही सर्वश्रेष्ठ होता है, इसलिए सदा सत्य बोलने की कोशिश करें। सत्य को बोलने का सबसे बड़ा फायदा ये है कि आपको कोई भी बात याद नहीं रखनी पड़ती, जबकि एक झूठी बात को छिपाने के लिए कभी-कभी सैंकड़ों झूठ बोलने पड़ते हैं। लेकिन एक बात अवश्य याद रखें कि सत्य और अहिंसा कायरों के हथियार नहीं, अतः अपनी कायरता को छिपाने के लिए इनका सहारा लेकर अपने बच्चों एवं समाज को मूर्ख बनाना अपने आपको धोखा देने जैसा ही है।"

               "साफ़ दिल, नेक नियत और सही इरादे से किये जाने वाले हर काम में परमात्मा स्वयँ आपके साथ रहते हैं !" 

               "दूसरों के साथ वो व्यवहार कभी न करें, जो आप स्वयं अपने लिए नहीं चाहते !" 

               "याद रखें कि हमारा चरित्र उस भव्य इमारत की भांति होता है, जिसे बनाने में तो कभी-कभी बरसों लग जाते हैं, लेकिन गिराने में केवल कुछ पल की ही देरी लगती है। ठीक उसी प्रकार चरित्र निर्माण हिमालय पर चढ़ने के समान दुर्गम है, परंतु गिरने के लिए केवल हमारा एक गलत कदम ही पर्याप्त है !"

               "प्रकृति का यह नियम है कि संसार में जो कुछ भी हल्का है, वही ऊपर उठता है। इसलिए अपने उत्थान के लिए अपने अंदर के अहंकार को निकाल कर अपने आपको हल्का करें !" 

               "वैसे तो कुछ भी बोलकर अपने शब्द वापस लेना दोगले नेताओं का ही चलन है, फिर भी आप अपने लफ़्ज़ों को तोलकर बोलिए ! ताकि कभी वापस भी लेने पढ़ें तो वजन न लगे !"

               "इस देश में पैदा होने, यहाँ की आबो-हवा में खेल-कूद कर पले बढे होने के कारण इस देश के प्रति हमारे कुछ फ़र्ज़ व् क़र्ज़ होते हैं। यदि आप के मन में अपने इस देश के प्रति प्रेम और आदर की भावना न हो, यदि यहाँ का नागरिक होने के बावजूद आप अपने उन कर्तव्यों का पालन ठीक से नहीं करते, अपने माता-पिता, बुजुर्गों एवं गुरुजनों को यथोचित सम्मान नहीं देते व् केवल दूसरों में मीन-मेख निकालकर ही आप अपना जीवन व्यतीत करते हैं, तो निश्चय ही आप इस देश की धरती पर बोझ और इंसानियत के नाम पर कलंक हैं !"

               "Inactivity and idleness is the sign of a dead body ! if you have got any free time, don't waste it. You can utilize the same for the sake of the betterment of society, mankind and work for the national interests." 
               "निष्क्रियता और आलस्य एक मृत शरीर की पहचान है ! यदि आप के पास खाली समय है, तो इसे व्यर्थ बर्बाद मत करो। आप अपने खाली समय का सदुपयोग समाज, मानवता की बेहतरी और राष्ट्रीय हितों के लिए काम करके भी कर सकते हैं !" 

प्रिय मित्रों एवं बच्चों ! 
                      आप सभी इस बात से भली भांति परिचित हैं कि नेताओं की बातों पर आँख मूँद कर विश्वास करने वालों का हश्र सदा बुरा ही होता है। सोचो कि भगवान ने हम सभी को बुद्धि और दिमाग किसलिए दिए हैं, यदि हम उनका इस्तेमाल ही न करें? और आप सब भी तो इस बात से सहमत हैं कि विश्व के समस्त नेताओं की प्रवृति तो गिरगिट जैसी होती है, पल-पल में ही बदल जाती है। इससे ज्यादा दुखद और क्या होगा कि भारतीय नेताओं के कारण तो बेचारे गिरगिटों को भी बहुत बड़ी मात्रा में आत्महत्या करनी पड़ रही है क्यूँकि उनका कहना है कि जितनी देर उन्हें ये सोचने में लगती है कि अपना अगला रंग क्या बदलूँ, उतनी देर में तो कुछ भारतीय नेता अपना बयान तीन बार बदल लेते हैं। 
                भारत एक हिन्दू बहुल देश होते हुए भी यहाँ कदम कदम पर हमारे हिन्दू धर्म को अपमानित होना पड़ता है, साथ ही कुव्यवस्था के कारण यह देश भी एक बार फिर से विनाश और विभाजन की ओर अग्रसर होता प्रतीत हो रहा है। इन सब बातों के अलावा कुछ मुस्लिम देशों में पिछले कुछ समय से हिन्दू व् गैर-मुस्लिम लोगों के साथ दुर्व्यवहार, सामूहिक जन-सँहार और जबरन धर्मान्तरण की अनगिनत घटनाओं के बाद इस देश को भी एक मुस्लिम देश बनाने की उठती मांग ने हमें सकते में डाल दिया है और सोचने पर मज़बूर कर दिया है कि नेहरू और गांधी की बेवकूफी और साज़िश के कारण क्या भारत और हिंदुत्व का अस्तित्व इस दुनिया से ही खत्म होने जा रहा है? 
                यह बात मात्र कपोल-कल्पना समझ कर सिर्फ लापरवाही में हंसी में ही उड़ा देने की नहीं है, अपितु इस पर ठन्डे दिमाग से बैठ कर मंथन करने की आवश्यकता है। क्यूँकि दुनिया का इतिहास इस बात का गवाह है कि दुनिया के नक़्शे में पहले जितने भी हिन्दू धर्म पर चलने वाले देश थे, भारत और नेपाल जैसे इक्का दुक्का देश के अलावा उन सभी का अस्तित्व आज खतम हो चूका है और वो सभी न सिर्फ आज कट्टर इस्लामिक में गिने जाते हैं, बल्कि जो देश हिन्दू जनसँख्या की बहुलता से हिन्दू देशो की श्रेणी में गिने जाते थे, आज वहाँ हिन्दू ढूंढने से भी नहीं मिलते, क्यूँकि वहां न सिर्फ हिन्दू सभ्यता और संस्कृति के प्रतीकों ही नष्ट किया गया, बल्कि वहाँ के मूल निवासी हिन्दुओं का अस्तित्व भी समाप्त कर दिया गया है। जो कुछ थोड़े बहुत अपनी जान बचाने में कामयाब भी हुए, उन्हें अपने अस्तित्व को बचाने के लिए अपने ही देश से अपनी समस्त चल-अचल संपत्ति को त्याग कर पलायन करना और संसार के विभिन्न हिस्सों में जा कर बसना पड़ा है। 
                  कांग्रेस और उसके सहयोगियों की कुनीतियों, मुस्लिम चाटुकारिता और दुर्व्यवस्था के कारण न सिर्फ मुस्लिम समाज के अपराधी प्रवृति के लोगों के हौसले बुलंद होते जा रहे हैं, जिसका सीधा असर हमारे हिन्दू समाज और उस की बहु-बेटियों की सामाजिक सुरक्षा पर पड़ रहा है। आये दिन देश में बढ़ते जा रहे सामूहिक बलात्कार के किस्से और थोड़े थोड़े अंतराल पर देश के विभिन्न भागों में होते दंगे इसके ज्वलंत उद्दाहरण हैं।

                  भारत का एक हिन्दू राष्ट्र बनना जरुरी क्यों व् हमारी धर्मनिरपेक्षता की इस आज की नीति का क्या कोई तर्कसंगत औचित्य है? 
                  धर्मनिरपेक्षता का अर्थ है, सभी धर्मों को एक समान इज्जत देना और सभी धर्मों पर चलने वालों को एक समान अधिकार देना। हम हिन्दू और हमारा सनातन धर्म तो सदा से ही सभी धर्मों को इज्जत ही नहीं बल्कि दूसरों को अपने धर्म से भी अधिक वरीयता ही देता आया है। भारत का इतिहास भी इसका गवाह है और आगे भी हम हिन्दुओं में से शायद ही कोई विरला किसी अन्य धर्मानुयायी के साथ मुस्लिम्स या क्रिश्चियन्स जैसी बर्बरता बरते। लेकिन क्या किसी भी मुस्लिम देश में गैर मुस्लिम्स को समानता का अधिकार है, यदि नहीं तो फिर मुस्लिम्स और क्रिश्चियन्स की क्या गारंटी, उनका क्या भरोसा?    
                  स्वयँ ही सोचिये कि आज जबकि देश में मुस्लिम बहुसंख्यक नहीं है, फिर भी सम्पूर्ण भारत में उनके कारनामें जगजाहिर हैं, तो जब वो इस देश में बहुसंख्यक होंगे, तब उनका रवैय्या बाकी सबके साथ कैसा होगा? क्या वो इसे भी एक मुस्लिम राष्ट्र नहीं बनाएंगे, जिसकी माँग वो देश के कई हिस्सों में पहले से ही कर भी चुके हैं, फिर उन्हें भारत को एक मुस्लिम राष्ट्र बनाने से कौन रोकेगा? भविष्य में ऐसा होने से रोकने के लिए भारत का हिन्दू राष्ट्र होना क्या जरुरी नहीं?   
                 मैं यह नहीं कहता कि धर्मनिरपेक्षता की नीति गलत होती है, लेकिन जब स्वयं मुस्लिम ही इस नीति को ना मानें और धर्मनिरपेक्षता और देशभक्ति को अपने इस्लाम में हराम बताएँ, तो फिर इस नीति का भला उनके साथ क्या औचित्य है? जो मुस्लिम आज खुले आम इसे अपने धर्मानुसार हराम बताते हैं? क्या भारत की केंद्र सरकार में अपनी सत्ता होने पर वो हिन्दुओं या अन्य धर्मानुयायियों की खातिर अपने धर्म के विरुद्ध जाकर सहिष्णुता बरतेंगे?

                                         महत्वपूर्ण सन्देश 

              भारत का एक जल्द से जल्द एक हिन्दू राष्ट्र बनना जरुरी क्यों?
क्या कीजियेगा, जब आज से 20-30 साल बाद भारत भी एक इस्लामिक देश बन जायेगा? आप अपनी जान देंगे, विदेश चले जायेंगे या कि अपने बच्चों सहित मुस्लिम बन जायेंगे?
              क्या आप नहीं जानते कि आज़ादी के बाद से आज तक भारत के छह करोड़ से भी अधिक हिन्दुओं को जोर-जबरदस्ती से या लालच देकर मुस्लिम अथवा क्रिश्चियन बनाया जा चूका है? लेकिन तब भी सुरक्षा की क्या गारंटी है, क्यूँकि जो सुन्नी मुस्लिम लोग आज अपने ही शिया समुदाय को ठिकाने लगाने पर तुले हुए हैं, जबकि शिया समुदाय तो उन्हीं के इस्लाम का सदियों पुराना हिस्सा है, फिर क्या भरोसा कि कल को वो धर्म परिवर्तन से अपनी जान बचाने वालों को भी जिन्दा छोड़ेंगे या नहीं? 
              क्या आप नहीं जानते कि हिन्दू बहुल भारत होते हुए भी झारखण्ड के पहले से नक्सली पीड़ित रहे ख़ास भाग में आतंकवादियों द्वारा वहाँ रहने वाले हिन्दुओं को इलाका खाली करने या जान माल से हाथ धोने की धमकी भरे सन्देश भेजे जा चुके हैं, जिसकी चर्चा न्यूज़ चैनल की भी सुर्खियां बनी?
              क्या कश्मीर को २५ साल पहले ही हिन्दुओं से खाली नहीं कराया जा चूका है? क्या आप नहीं जानते कि आज अरुणाचल और आसाम आदि राज्यों के कुछ मुस्लिम बहुल खास इलाकों में से भी लाखों की संख्या में हिन्दुओं का पलायन जारी है? 
               क्या आप पश्चिम बंगाल, केरल, अरुणाचल और आसाम के कुछ मुस्लिम बहुल खास इलाकों में रहने वाले हिन्दुओं की सैंकड़ों-हज़ारों की संख्या में आगजनी आदि से हुई जान माल की क्षति की अनगिनत बार की घटनाओं से वाकिफ नहीं, जिसके कारण आज केरल में हिन्दू नाममात्र ही बचे हैं?
               क्या आप नहीं जानते कि भारत के बहुसंख्यक हिन्दू समुदाय को अल्प संख्या में लाने और बांग्लादेशी मुस्लिम घुसपैठियों द्वारा यहाँ भारत में मुस्लिम जनसँख्या को बढ़ाने की एक सोची समझी साज़िश चल रही है, जिसके तहत बांग्लादेश बनने अर्थात 1971 से अब तक इसी साज़िश को अंजाम देने के लिए बांग्लादेश से सात करोड़ से भी अधिक मुसलमानों को अनाधिकृत रूप से भारत में प्रवेश कराया जा चूका है, जिसका साथ लालू,मुलायम और मायावती और ममता बैनर्जी के अलावा सम्पूर्ण कांग्रेस के नेता भी बखूबी दे रहें हैं। इसीलिए ये सभी अक्सर ही उन बांग्लादेशी घुसपैठियों को वापस बांग्लादेश भेजने के प्रश्न पर भड़क जाते हैं, क्यूँकि उनमें से अधिकांश को तो अपना वोट बैंक बढ़ाने की खातिर ये लोग पहले ही भारत की नागरिकता दे भी चुके हैं। यदि बांग्लादेशी घुसपैठियों की वापसी पर सख्ती से अमल होता है, तो इन सबकी ये साज़िश भी सामने आ जाएगी।
क्या आप नहीं जानते कि बांग्लादेश में वहाँ रहने वाले बंगाली हिन्दुओं पर कैसे कैसे कहर ढाये जा रहे हैं, जिसके कारण वो लोग भी वहाँ से पलायन करने पर मज़बूर हैं?
                  क्या आप नहीं जानते कि पाकिस्तान में अपनी चल-अचल धन-संपत्ति छोड़कर अपनी जान बचाने की खातिर वहाँ के हिन्दुओं को लाखों की संख्या में भारत के राजस्थान आदि में शरण लेनी पड़ी है, जो किसी भी कीमत पर वापस पाकिस्तान जाने को तैयार नहीं? उन लाखों हिन्दुओं को तो यहाँ के मूल निवासी होने पर भी आज तक भारत की नागरिकता नहीं दी गई है, जबकि इन लालू, मुलायम मायावती और ममता बैनर्जी आदि के शासनकाल में और कांग्रेस शासित प्रदेशों में कांग्रेस के इशारे पर करोड़ों की संख्या में बांग्लादेशी मुस्लिम घुसपैठियों को यहाँ की नागरिकता दे दी गई है, आखिर क्यों?  
                  आप चाहे लड़कें हों या लड़की हों, आदमी हों या औरत हों, जवान हों या बूढ़े हों, अमीर हों या गरीब हों, नेता हों या अभिनेता हों, कर्मचारी हों या व्यापारी हों, जज हों या वकील हों, भले ही हम लोग कितने भी पढ़े लिखे हों या बिलकुल अनपढ़ हों लेकिन यदि हम हिन्दू हैं तो क्या यह हमारा फ़र्ज़ नहीं बनता कि हम अपने अपने लेवल पर हम में से हर एक का यह कर्तव्य बनता है कि अपने से मिलने जुलने वाले हर एक व्यक्ति से संसार के सभी 56 हिन्दू देशों के इस्लामिक देश बनने और वहां के मुस्लिम्स के  द्वारा वहां उन देशों में रहने वाले हिन्दुओं के ऊपर किये जा रहे जुल्मों-सितम व् अत्याचारों के बारे में अवश्य बातचीत अवश्य ही करें, क्यूँकि यह न केवल आपके और आपकी बल्कि उन सभी की आने वाली पीढ़ियों की भी जिंदगी का प्रश्न है,   जिनसे आप इस बारे में बातचीत करेंगे।
                   कभी यहाँ की भोली भाली जवान व् खूबसूरत लड़कियों की मासूमियत और नासमझी/अनभिज्ञता का लाभ उठाकर उन्हें लव-जेहाद जैसे हथकंडों में फंसाया जाता है, जिसमें कभी कभी तो अपने आपको जरुरत से ज्यादा मॉडर्न व् समझदार समझने वाली पढ़ी-लिखी मगर हकीकत में निहायत ही बेवकूफ किस्म की लड़कियां भी फंस जाती हैं, जिनका परिणाम अक्सर ही समाचार-पत्रों में चर्चा का विषय बन जाया करता है तो कभी कभी उनकी यह आधुनिकता भरी समझ उन्हें आत्महत्या की कगार तक भी पहुँचा देती है। कभी इन लोगों के द्वारा कभी यहाँ हिन्दुओं के गरीब व् अनपढ़ तबके खासकर पिछड़ी जाति के लोगों को ऊँची जाति के लोगों के खिलाफ भड़काया जाता है। मुसीबत तो यह है कि इन तथाकथित पिछड़ी जातियों के पढ़े-लिखे लोग भी बिना कुछ सोचे समझे ही इन लोगो की हाँ में हाँ मिला देते हैं, जिसका परिणाम यह होता है कि उस समय वहाँ मौजूद अन्य गरीब व् अनपढ़ लोग उनकी बात को सही समझकर खुद अपने ही हिन्दू धर्म की जड़ें खोदने का काम शुरू कर देते हैं। कभी सोचा है कि ऐसा सिर्फ हिन्दू धर्म के लोगों के साथ ही क्यों किया जाता है?
                   क्या आपको पता है कि समस्त संसार के अधिकांश देश या तो क्रिश्चियन हैं या इस्लामिक अथवा मुस्लिम देश। जबकि बहुसंख्यक हिन्दुओं का इकलौता देश यह भारत ही है या नाममात्र का छोटा सा गरीब देश नेपाल। इस्लाम व् क्रिश्चयन दोनों ही धर्म किसी भी प्रकार से समस्त संसार के ताकतवर देशो पर अपनी हुकूमत चाहते हैं, ताकि संसार के बाकी कमज़ोर देशों को अपनी आधीन कर सकें या इच्छानुसार चला सकें। और यही इच्छा इन दोनों धर्मों की भारत के बारे में भी है। इनका केवल एक ही मकसद है कि किसी भी प्रकार से किसी भी प्रकार से यहाँ के बहुसंख्यक हिन्दू आपस में लड़ें, कमज़ोर हों और उनका हिन्दू धर्म से मोह भंग हो सके और वो यहाँ के बहुसंख्यक हिन्दुओं को अल्प संख्यक बना सकें, ताकि अपनी सुविधानुसार जब जी चाहे इसे एक क्रिश्चियन या इस्लामिक देश में परिवर्तित किया जा सके।
                 क्रिश्चियन देशों में और मुस्लिम देशों में सबसे बड़ा अंतर यही है कि क्रिश्चियन धर्म वाले देश अन्य गरीब देशों के लोगों को अपरोक्ष रूप से लूट-लूट कर अमीर बनना चाहते हैं, तो मुस्लिम धर्मानुयायी अपराध के रस्ते दूसरे धर्मानुयायियों की धन-संपत्ति आदि को हड़प कर के अमीर बनना चाहते हैं, जिसका सबसे बड़ा उद्दाहरण बांग्लादेश और पाकिस्तान सहित सभी मुस्लिम देशों में गैर-मुस्लिम लोगों खासकर हिन्दुओं को मार-पीट कर, उन्हें मारकर अथवा वहां से खदेड़ कर उनकी संपत्ति पर कब्ज़ा किया जाना है। भारत के कश्मीर से हिन्दू 25 साल पहले ही भगा दिए गए, जो आज तक देश के विभिन्न भागों में खानाबदोशों की जिंदगी बसर कर रहे हैं। केरल, आंध्र आदि में तो ओवैसी भाइयों की दादागिरी जगजाहिर है ही, इसके अलावा पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश व् महाराष्ट्र आदि राज्यों के बहुत बड़े भागों को आजकल वहाँ रहने वाले हिन्दुओं ने ही मिनी पाकिस्तान का नाम भी दे दिया है, क्यूँकि वहां केवल मुस्लिम्स की ही हुकूमत चलती है।
                कश्मीर पहले ही खाली करवा चुके हैं, झारखण्ड के बहुत बड़े भाग में तो ISIS के आतंकवादियों द्वारा हिन्दुओं को घर छोड़कर चले जाने की धमकी के पर्चे भी समाचारों में आ ही चुके हैं और अरुणाचल एवं आसाम आदि में से भी कश्मीर की तर्ज पर हिन्दुओं का पलायन लगातार जारी है। जबकि अमीर गरीब या ऊँच-नीच की ये जातिगत विसंगतियाँ किस धर्म में नहीं हैं? क्या क्रिश्चियन व् इस्लाम में नहीं हैं? क्या क्रिश्चियन धर्म में रोमन कैथोलिक व् प्रूटेस्टेंट नहीं होते? क्या उनमें आपस में शादियाँ आसानी से हो जाती हैं, फिर यह तोहमत केवल हिन्दू धर्म पर ही क्यों लगायी जाती है? क्या इस्लाम में शिया-सुन्नी नहीं होते, जिनमें संसार के सभी कोनों में अक्सर ही मुठभेड़ भी होती रहती हैं? क्या उनमें विभिन्न जातियां नहीं होती? और तो और जो लोग धर्म परिवर्तन करके मुसलमान बन भी जाते हैं, उन्हें भी इस्लाम को शुरू में ही अपनाने वाले लोग भी दोयम दर्जे का मुसलमान यांनी मुहाजिर कहते हैं। मुस्लिम वर्ग के लोग  दिल्ली तो इन मुठभेड़ों का खास गवाह रहा है, जब कुछ साल पहले तक भी मुहर्रम के अवसर पर इस्लाम के इन दोनों वर्गों के लोग ताजिये निकलते वक्त अक्सर ही भिड़ जाया करते थे।
                 अब यह फैसला आपको करना है कि आप मुसलमान बनना चाहते हैं या क्रिश्चियन, क्यूँकि आपको जिन्दा रहने के लिए या तो आपको किसी क्रिश्चियन देश में जा कर बसना होगा या आपको इन दोनों में से एक को तो अवश्य ही चुनना होगा। वर्ना आने वाले 30 साल के बाद तो आपकी भावी पीढ़ी का अंत तय है। इसलिए अभी से सोच लीजिये कि आपको भविष्य में हिन्दू बनना है या क्रिश्चियन। मुसलमान आपको मार-मार कर मुस्लिम बनाएंगे और क्रिश्चियन लालच देकर। लेकिन फायदा क्रिश्चियन बनने में है, क्यूँकि क्रिश्चियन देश लूटते भले ही हों, लेकिन वो किसी को जान से नहीं मारते। वो बात अलग है कि वो आपको लालच देकर क्रिश्चियन बनाने की कोशिश करेंगे। बन गए तो ठीक वर्ना मुसलमान आपको मुसलमान बना देंगे या मार देंगे।
                 लेकिन इतना तो तय है कि भारत में रह कर आप किसी भी हालत में हिन्दू नहीं रहेंगे, क्यूंकि तब तक तो यह एक इस्लामिक देश बन चुका होगा। जिसका सबसे बड़ा सबूत संसार के सभी हिन्दू 56 देशों का पहले ही इस्लामिक देशों में तब्दील होना है और पिछले साल 15 अगस्त को भारत को एक इस्लामिक देश बनाने की मांग केरल में उठ भी चुकी है, जिसके फोटोज आप मेरी पुरानी पोस्ट्स में भी देख सकते हैं।
                 इस सबसे बचने का एकमात्र केवल एक ही मार्ग है कि इससे पहले कि मुस्लिम मैजोरिटी में आकर यहाँ उत्पात मचाएं और इस देश को एक इस्लामिक देश बना पाएं, उससे पहले ही आप को अपने सभी जानकारों को यह मैसेज और सन्देश देकर समस्त भारत में भाजपा की सरकार बनाकर इस देश को भाजपा के ज़रिये एक हिन्दू राष्ट्र में ही बदल दिया जाएँ, क्यूँकि इस बात को तो सभी जानते हैं कि भारत को हिन्दू राष्ट्र बनाने का सपना केवल भाजपा, आरएसएस और अन्य हिन्दू संगठन ही देखते हैं।
                 आप यह भी सोच सकते हैं कि कहीं मैं कोई भाजपा का एजेंट या उसका समर्थक तो नहीं? हकीकत तो यही है कि मैं कोई भाजपा एजेंट या समर्थक नहीं हूँ, लेकिन अगर होता भी उससे क्या फर्क पड़ जाता? अगर मैं मुस्लिम संगठनो को भी समर्थन करूँ, तो उससे भविष्य में हिन्दुओं और हिंदुस्तान पर आने वाला यह संकट क्या टल जायेगा?
                 और हाँ एक बात यह भी याद रखियेगा कि अकेले मोदी जी भी इस विषय में कुछ खास नहीं कर पाएंगे, जब तक कि आप उन जैसे ही कुछ कट्टर देशभक्त और कट्टर हिन्दू नेताओं को उनका इस मुहीम में साथ देने के लिए नहीं चुनते। क्यूँकि हो सकता है कि भारत को एक हिन्दू देश बनाने की घोषणा होते ही मुसलमान सारे भारत में एक बार जोर-शोर से दंगा फैलाने की कोशिश करें? जिसको काबू करने के लिए सारे भारत में सशक्त भाजपा और कट्टर पंथी हिन्दू नेताओं के हाथ में वहां की सत्ता अवश्य होनी चाहिए, खासकर उन प्रदेशों में, जिनमें वहाँ के लोग बड़े भाग को मिनी पाकिस्तान का नाम पहले ही दे चुके हैं, ताकि किसी भी समुदाय के जान-माल की ज्यादा हानि न हो सके।
                 अपने मुस्लिम मित्रों को भी आप यह कहकर भारत को एक हिन्दू राष्ट्र बनाने की इस मुहीम में भाजपा का साथ देने के लिए संतुष्ट कर सकते हैं कि हमारा इतिहास भी इस बात का गवाह है कि प्राचीन काल से आज तक कभी किसी भी हिन्दू राजा ने गैर हिन्दुओं पर अत्याचार नहीं किये, वरना यहाँ कभी कोई दूसरा धर्म पनप ही नहीं पाता, जबकि बाबर, महमूद गजनवी, चंगेज़ खान, तैमूरलंग, मुहम्मद गौरी और औरंगज़ेब समेत न जाने कितने ही मुस्लिम बादशाहों के द्वारा हिन्दू मंदिरों को तोड़ने, उन्हें लूटने और यहाँ की हिन्दू प्रजा पर जुल्मो-सितम के किस्से तो इतिहास में भरे पड़े हैं। उन्हें इस बात का भरोसा दिलाइये कि हिन्दू राष्ट्र बनने के बाद भी उनके साथ किसी किस्म का कोई भेदभाव नहीं किया जायेगा।
               अगर मेरी बात आपको ठीक से समझ में आ पायी हो, तो आप इसे आगे भी शेयर कर सकते हैं। आप मेरी किसी भी पोस्ट के व्यूज को देखकर सुनिश्चित कर सकते हैं, कि मेरी हर पोस्ट को हज़ारों लोग अवश्य ही देखते हैं। इसलिए अपने इस मैसेज को इस पोस्ट के ज़रिये हज़ारों लोगों को भेज कर अपने हिस्से का अपना काम मैं तो कर चुका हूँ। आगे का काम आपका है कि आप यह मैसेज अपने आगे के हज़ारों लोगों को कैसे भेज पाते हैं अथवा उन्हें भी यह हकीकत कैसे समझा पाते हैं? चाहें तो इसके लिए आप इस मैसेज के हज़ारों प्रिंट छपवाकर यह काम आसानी से कर सकते हैं। लेकिन सावधान ! कांग्रेस व् अन्य राजनीतिक पार्टियों से जुड़े हुए लोगों और कट्टर मुसलमानों से बचकर, क्यूँकि इससे उनकी इस देश को मुस्लिम देश बनाने की साज़िश नाकाम जो हो सकती है, तो ज़ाहिर है कि मेरी तरह आप भी उनकी नज़रों में खटक सकते हैं।
                  क्या आप नहीं जानते कि भारत में भाजपा व् अन्य हिन्दू संगठनो के नेताओं को छोड़कर अन्य सभी नेता, मीडिया, अन्य वर्गों/धर्मों के लोग व् मुस्लिम समुदाय सहित समाज के सभी ताकतवर तबके न केवल कदम कदम पर हिन्दू धर्म के बारे में तरह तरह की उल-जुलूल बातें फैलाने की ही भरसक कोशिश करते हैं, बल्कि अक्सर यह भी देखने में आता है कि ये सभी लोग व् नेता जब कभी उन्हें हिन्दुओं को किसी भी बात पर नीचा दिखाने और अपमान करने का मौका मिलता है, तो उसमें अपनी तरफ से कोई कसर भी बाकी नहीं छोड़ते? इसका भी एक कारण है कि इनमें से अधिकाँश नेता व् मीडिया कर्मी या तो मुसलमान बन ही चुके हैं या बनने को तैयार बैठे हैं, जिसका खुलासा हम पहले की कई पोस्ट्स में भी कर चुके हैं।                             लेकिन फैसला तुरंत अवश्य करें, वरना देर होने पर तो पछताने का भी कोई फायदा नहीं होगा। 
                                                                               - उमा शंकर पराशर       

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असली सुवर

लखनऊ. सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव ने
कारसेवकों पर गोली चलवाने के आदेश को
अपनी गलती मान ली है। उनका कहना है
कि 30 अक्टूबर 1990 में अयोध्या में
कारसेवकों पर गोली चलवाने के आदेश के
बाद उन्हें हिंदू वोट मिलना कम हो गए।
उन्होंने सांप्रदायिक ताकतों के खिलाफ
काफी संघर्ष किया है। यह सही बात है कि
उन्होंने अयोध्या में उस समय फोर्स का
इस्तेमाल किया था और फायरिंग का
आदेश दिया था। इसमें 16 लोगों की मौत
हो गई थी और बहुत से लोग घायल हो गए थे।
इसके बाद कारसेवकों ने 6 दिसंबर 1992 तक
बाबरी मस्जिद गिरा दी थी। इसके बाद से
हिंदू वोटर उनसे पूरी तरह से कट गए। उनके इस
फैसले का नकारात्मक प्रभाव पड़ा। उनकी
पार्टी की यूपी विधानसभा चुनाव में
हार हुई। इसके बाद उनके पार्टी के 1993 और
2003 में सत्ता में आ पाई। ये बातें उन्होंने
सोमवार को लखनऊ में राम मनोहर
लोहिया के 105वीं जयंती पर कही।
कार्यक्रम में सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह
और राज्यपाल राम नाइक ने राम गोपाल
यादव की लिखी किताब 'डॉ. लोहिया
और उनका समाजवाद' का विमोचन
किया।
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My dear brothers and sisters ! 
                              Namaskar. 
                                   II ॐ नमः शिवाये II
                                                       आप सभी भाई-बहनों एवं बच्चों को माता रानी के पावन नवरात्रों एवं अपने भारतीय हिन्दू नव-वर्ष की हार्दिक शुभकामनायें। ईश्वर आपको इस नव-वर्ष में सभी प्रकार के सुख-संपत्ति और धन-धान्य प्रदान करें और आपकी सभी प्रकार की आर्थिक, पारिवारिक, सामाजिक प्रतिष्ठा को बढ़ाएं।मेरी कामना है कि भोले बाबा भगवान शिव आपकी सभी उचित मनोकामनाओं को पूर्ण करें। भोले बाबा का शुभाशीष हर पल सदैव आप के साथ रहे, उनकी कृपा प्राप्त करके आप हर प्रकार के दुःख-दर्द से दूर रह कर संसार के समस्त सुखों का जीवन भर आनंद उठा सकें। भोले बाबा मेरे सभी नेट भाइयों को दिन दूनी रात चौगुनी तरक्की दें और आप सभी के घर में सभी प्रकार के सुख-शांति एवं सम्पन्नता की बरसात करते रहें तथा उनकी सभी उचित मनोकामनाओं को जल्दी से जल्दी पूरा करें, ताकि मुझे भी सारा साल आप लोगों से एक के बाद एक खुशखबरियाँ मिलती रहें। भोले बाबा से मेरी यही प्रार्थना है कि वो आप के जीवन को हर तरह की खुशियों के रंगों से सदा ही सराबोर रखें। 
                                Jai bhole nath and very very good morning. Wish you a very very nice and cheerful day full of joys happiness alongwith a very very happy and prosperous New Year. May bhole baba fulfill all your desires lavishly in the coming New Year 2015.
                                                                           - पूनम शर्मा 

N.B : I strictly believe in and follow my Indian culture only and hence I am not at all interested in making the boys my friends. As such all of my posts are addressed to my brothers and sisters on net only. In case you too consider yourself one among them, can treat me as a friendly sister(not as sisterly friend), and can address me as didi or sister while addressing me, then only you are supposed to write some comment on my posts, otherwise you not only need to keep away from my posts but also to remove my name from your circle at once. मैं केवल अपनी भारतीय सभ्यता को ही मानती और उसी पर चलती हूँ तथा वेस्टर्न कल्चर पर चलने वाली लड़कियों की तरह लड़कों से दोस्ती करने का भी मैं कोई शौक नहीं रखती। इसीलिए मेरी सभी पोस्ट्स केवल मेरे भाई-बहनों के नाम ही होती हैं। यदि आप खुद को भी मेरे उन्हीं भाई-बहनों में से ही एक समझते हों तथा मुझे अपनी एक दोस्त जैसी बहन (बहन जैसी दोस्त नहीं) मानकर मुझसे बात करते समय मुझे दीदी या सिस्टर बोलकर सम्बोधित कर सकते हों, तभी मेरी पोस्ट्स में कमेंट करें, वरना ना सिर्फ मेरी सभी पोस्ट्स से दूर ही रहें, बल्कि मेरा नाम भी अपने सर्किल से तुरंत रिमूव कर दें।

प्रिय भाइयों और बहनों ! क्या आप जानते हैं कि आप में से अधिकतर लोगों की प्रोफाइल में किसी भी पोस्ट में हमारी तरह से ज्यादा लोगों के कमेंट्स, लाइक्स और शेयर ना होने का असली कारण क्या है? इसका सब से बड़ा एक ही कारण यह है कि एक तो आपको बहुत कम लोगों ने अपने सर्किल में add किया हुआ है, और ऊपर से आप सभी अपनी पोस्ट्स को प्राइवेटली शेयर करके खुद ही दूसरे लोगों को अपने साथ जुड़ने का रास्ता बंद कर देते हो, जिससे वो लोग, जो आपके सर्किल में नहीं हैं, वो आपकी पोस्ट्स को देख ही नहीं पाते। जबकि आपको शायद इस बात का मलाल भी होता होगा कि हमारी पोस्ट्स में भी ज्यादा लोग लाइक और शेयर क्यूँ नहीं करते, होता है ना? एक बात याद रखिये कि छिपाता वही है, जो कुछ गलत करता है। जब आप कुछ अच्छा करते हैं, तो उसे छिपाने की बजाए सभी को जानने दीजिये, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग आपके अच्छे विचारों को जानें और आप के साथ जुड़ें। इसलिए आगे से आप अपनी सभी पोस्ट्स को प्राइवेटली की बजाए पब्लिकली शेयर किया कीजिये अर्थात अपनी पोस्ट किसी के साथ शेयर करते वक्त नाम लिखने वाली लाइन में सबसे पहले पब्लिक पर क्लिक करें और उसके बाद उन सबके नाम add करते जाएँ, जिन्हें आप अपनी वो पोस्ट भेजना चाहते हों। I hope you can understand my suggestion well and would follow the same in future.
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दुनिया मेँ 53 इस्लामिक देश हैँ. जिनकी कुलआबादी 162 करोड़ हैँ । आइये, इन इस्लामिक देशोँ की औकात जानने का प्रयास करते है....

1. कई इस्लामिक देश इतने छोटे हैँ कि उनसेज्यादा बड़ा तो हमारा गोवा राज्य होगा.....

2. ज्यादातर इस्लामिक देश भुखमरी से जूझ रहेँ हैँ....

3. पाकिस्तान के अलावा कोई मुस्लिम देश परमाणुंसंपन्न नहीँ है....

4. इन 53 इस्लामिक देशोँ की सारी सेनाओँ को जोड़लिया जाये तो लगभग 19.62 लाख सैनिक है.जबकि भारत के पास 16.82 लाख आर्मी और 11.31लाख रिजर्व सैनिक है.....

5. किसी इस्लामिक देश के पास विमान वाहकयुद्धपोत नहीँ है. भारत के पास 5 युद्धपोत है....

6. किसी इस्लामिक देश के पास Anti BalasticMissile नहीँ हैँ. चीन, जर्मनी के बाद भारतदुनिया का तीसरा देश है जिसके पास मिसाईल्सको हवा मेँ नष्ट करने की शक्ति है....

7. किसी इस्लामिक देश के पास 1200Km सेज्यादा की मारक शक्ति वाली मिसाईल नहीँ हैँ.भारत के पास 7000Km तक दुश्मनोँ को मारनेवाली पृथ्वी-5 मिसाईल है....

8. किसी इस्लामिक देश के पास सुपर सोनिकमिसाईल नहीँ है. भारत के पास ब्रह्मोस जैसी सुपरसोनिक मिसाईल है. ये शक्ति सिर्फ अमेरिका,जर्मनी, चीन और रूस के पास है.....दुनिया मेँ कुल आतंकवादियोँ की संख्या 2.13 लाख है .
CIA के अनुसार मान लिया कि सारे इस्लामिक देशआतंकवादियोँ के साथ मिलकर भारत के साथ युद्धकरते हैँ तो भी भारतीय सेना मात्र 14 दिनोँ मेँ सारे इस्लामिक देशोँ मेँ तिरंगा फैराने की हिम्मत रखती हैँ...... हमेँ विदेशियोँ से ज्यादा दिक्कत नहीँ है. जरूरत हैआस्तिन के साँपोँ का मुंह कुचलने की और हमें विश्वास हैकि वर्तमान भारत सरकार जल्दी कर देँगी......
जय हिंद, जय भारत. !!

1 लाइक और 1 शेयर तो बनता है भाई?




!! हिंदुत्व जिंदाबाद था जिंदाबाद हैं और जिंदाबाद रहेगा !! जय हिन्दू राष्ट्र हिंदुस्तान !!!!!!!
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My dear brothers and sisters ! 
                              Namaskar. 
                                   II ॐ नमः शिवाये II
                                                       आप सभी भाई-बहनों एवं बच्चों को माता रानी के पावन नवरात्रों एवं अपने भारतीय हिन्दू नव-वर्ष की हार्दिक शुभकामनायें। ईश्वर आपको इस नव-वर्ष में सभी प्रकार के सुख-संपत्ति और धन-धान्य प्रदान करें और आपकी सभी प्रकार की आर्थिक, पारिवारिक, सामाजिक प्रतिष्ठा को बढ़ाएं।मेरी कामना है कि भोले बाबा भगवान शिव आपकी सभी उचित मनोकामनाओं को पूर्ण करें। भोले बाबा का शुभाशीष हर पल सदैव आप के साथ रहे, उनकी कृपा प्राप्त करके आप हर प्रकार के दुःख-दर्द से दूर रह कर संसार के समस्त सुखों का जीवन भर आनंद उठा सकें। भोले बाबा मेरे सभी नेट भाइयों को दिन दूनी रात चौगुनी तरक्की दें और आप सभी के घर में सभी प्रकार के सुख-शांति एवं सम्पन्नता की बरसात करते रहें तथा उनकी सभी उचित मनोकामनाओं को जल्दी से जल्दी पूरा करें, ताकि मुझे भी सारा साल आप लोगों से एक के बाद एक खुशखबरियाँ मिलती रहें। भोले बाबा से मेरी यही प्रार्थना है कि वो आप के जीवन को हर तरह की खुशियों के रंगों से सदा ही सराबोर रखें। 
                                Jai bhole nath and very very good morning. Wish you a very very nice and cheerful day full of joys happiness alongwith a very very happy and prosperous New Year. May bhole baba fulfill all your desires lavishly in the coming New Year 2015.
                                                                           - पूनम शर्मा 

N.B : I strictly believe in and follow my Indian culture only and hence I am not at all interested in making the boys my friends. As such all of my posts are addressed to my brothers and sisters on net only. In case you too consider yourself one among them, can treat me as a friendly sister(not as sisterly friend), and can address me as didi or sister while addressing me, then only you are supposed to write some comment on my posts, otherwise you not only need to keep away from my posts but also to remove my name from your circle at once. मैं केवल अपनी भारतीय सभ्यता को ही मानती और उसी पर चलती हूँ तथा वेस्टर्न कल्चर पर चलने वाली लड़कियों की तरह लड़कों से दोस्ती करने का भी मैं कोई शौक नहीं रखती। इसीलिए मेरी सभी पोस्ट्स केवल मेरे भाई-बहनों के नाम ही होती हैं। यदि आप खुद को भी मेरे उन्हीं भाई-बहनों में से ही एक समझते हों तथा मुझे अपनी एक दोस्त जैसी बहन (बहन जैसी दोस्त नहीं) मानकर मुझसे बात करते समय मुझे दीदी या सिस्टर बोलकर सम्बोधित कर सकते हों, तभी मेरी पोस्ट्स में कमेंट करें, वरना ना सिर्फ मेरी सभी पोस्ट्स से दूर ही रहें, बल्कि मेरा नाम भी अपने सर्किल से तुरंत रिमूव कर दें।

प्रिय भाइयों और बहनों ! क्या आप जानते हैं कि आप में से अधिकतर लोगों की प्रोफाइल में किसी भी पोस्ट में हमारी तरह से ज्यादा लोगों के कमेंट्स, लाइक्स और शेयर ना होने का असली कारण क्या है? इसका सब से बड़ा एक ही कारण यह है कि एक तो आपको बहुत कम लोगों ने अपने सर्किल में add किया हुआ है, और ऊपर से आप सभी अपनी पोस्ट्स को प्राइवेटली शेयर करके खुद ही दूसरे लोगों को अपने साथ जुड़ने का रास्ता बंद कर देते हो, जिससे वो लोग, जो आपके सर्किल में नहीं हैं, वो आपकी पोस्ट्स को देख ही नहीं पाते। जबकि आपको शायद इस बात का मलाल भी होता होगा कि हमारी पोस्ट्स में भी ज्यादा लोग लाइक और शेयर क्यूँ नहीं करते, होता है ना? एक बात याद रखिये कि छिपाता वही है, जो कुछ गलत करता है। जब आप कुछ अच्छा करते हैं, तो उसे छिपाने की बजाए सभी को जानने दीजिये, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग आपके अच्छे विचारों को जानें और आप के साथ जुड़ें। इसलिए आगे से आप अपनी सभी पोस्ट्स को प्राइवेटली की बजाए पब्लिकली शेयर किया कीजिये अर्थात अपनी पोस्ट किसी के साथ शेयर करते वक्त नाम लिखने वाली लाइन में सबसे पहले पब्लिक पर क्लिक करें और उसके बाद उन सबके नाम add करते जाएँ, जिन्हें आप अपनी वो पोस्ट भेजना चाहते हों। I hope you can understand my suggestion well and would follow the same in future.
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