दोस्तों गोहत्था पर आज राजनीतिक भाजपा योगी हिंदूतत्व मोदी विकास पर भारतीय को मास ना खाने की सलाह देने वाले लोग जानते है रामायण मे वनवास के लिये निकले सिता ने माँ गंगा के पाणी हातो जोड़कर कहा था " हे माँ गंगे हमारा वनवास सफल कर लैटने के बाद हजार होम बली दुगी " जब सीता के सामने एक सुर्र्वण हिरन आया तब राम से कहा सीता ने " आर्य वह हिरन मुझे ला दो "राम शिकार को ढुढने गये कुच लोग सवाल करते है सीता हिरन के चमडे की चोली पहना चाहती थी पर सभी संपूर्ण रामायण मे चोली का जिर्क नहीं जब राजा दसरत ने अंजाने सावन बालक की हत्या की कयु ? कयु की दसरत भी शिकार करते थे प्राणीओ का मास खाते थे अगर मास नही खाते तो शिकार कयु राम आर्य थे आज वहीं ब्राम्हन शाकाहारी कैसे बने ? रावण होमबली विरोधी था एक बात ओर कयो शेर और आधमी मे फर्क है ? है तो कयु है ? शेर के पंजे के नाखून दाँतो की घडन अतडीया आधमी से मेल नहीं खाती शेर का आहार भोजन मास है आधमी का शरीर मास खाने लायक नहीं वह शाकाहार है हर जिव को नौसगिक आहार मिला है तो हम लोग एक दुसरे का भोजन कयु छिन रहे है इन्सान जब जंगली अवस्था मे था तब उसकी मजबूरी थी मास खाना अन्न की खोज नहीं हुई थी लेकिन आधुनिकाल मे भी जीव हत्या कयु जीओ और जीने दो की निती अपना ना है या मुसलमानों को देश से निकाल ने वाली भाजपा नीतियाँ अपना? है तो सवाल खुद से पुच्छो काँग्रेस की तरह एक ओरर पाकिस्तान बांग्लादेश निमाण करेगे 

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ABVP का सैनिक की कन्या को दिया हुआ धमकी प्रकरण वास्तव में जनता को बेवकूफ बनाने का,
मुख्य मुद्दे से ध्यान भटकाने का षडयंत्र मात्र है।

यह ब्राह्मणी मिडिया
और ब्राह्मणवादी लोगों का षडयंत्र माञ है
समझो
जानों
फिर समय खराब करो

#BanEVM

इतिहास उठा कर देखो

1) भारत का विभाजन करने के बाद
लोगों में चर्चा होने लगी कि भारत का विभाजन
क्यों हुआ ?
किसने किया ?
इस षडयंत्र का पता जनता को नहीं लगे इसलिए गांधी कि हत्या की गयी ताकि उससे बडी चर्चा कि जा सके और मुख्य मुद्दे से
लोगों का ध्यान हटाया जाये।

गांधी कि हत्या के बाद
लोगों में गांधी कि हत्या क्यों कि यह बडा मुद्दा खड़ा किया गया।

लिंक पर जाकर गांधी कि हत्या के षडयंत्र को जाने ।

2) ओबीसी को जब मंडल कमीशन लागू होना था
52% ओबीसी कोसंविधान के अनुसार 52% आरक्षण मिलना था
और उस आरक्षण में असंवैधानिक क्रिमी लेयर का षडयंत्र लागू करना था
परन्तु ओबीसी को यह बात पता नहीं चले इसके लिए उन्होंने

राम मन्दिर को मुद्दा बना कर बाबरी मस्जिद ढहाने का काम किया
और चर्चा बनी बाबरी मस्जिद
निशाना था ओबीसी

3) 2011 में जाति जनगणना का मुद्दा गरमाया
2011 में जाती जनगणना होनी थी
क्योंकि 1931 में अंगेजों नें जाति जनगणना करवाई उसके बाद नहीं हुई
इसलिए जब भी ओबीसी को सामाजिक आर्थिक विकास के कार्यक्रम व बजट देने कि बात आती है यह कहा जाता है कि
ओबीसी कि जनसंख्या पता नहीं है
इसलिए बजट अलाट नहीं किया जाता है

परन्तु जब 2011 में जब जाति जाति आधारित जनगणना कि बात आई
तो जाति आधारित जनगणना ना हो
इसके लिए
अन्ना हजारे और केजरीवाल नामक दलालों को भ्रष्टाचार का मुद्दा उठाकर ब्राहमणी मिडिया नें जोरशोर से उठाया
और संसद को मुख्य मुद्दों से भटका कर जाति जनगणना को रोका

भ्रष्टाचार ना कम हुआ
ना लोकपाल लागू हुआ
परन्तु इससे नेताओ का निर्माण हुआ
केजरीवाल मुख्य मंञी बना
वी के सिंह रक्षा मंञी बना
किरण बेदी राज्यपाल बनी

अन्ना ओबीसी का होकर
ओबीसी के विरोध में षडयंत्र में शामिल हुआ
वह धन्ना ही रहा

4) रोहित वेमुला कि संस्थानिक हत्या हुई
मिडिया नें बहुत दबाने कि कोशिश कि परन्तु सोशियल मिडिया नें इसको राष्ट्रीय मुद्दा बनाया
तो मिडिया को मजबूर होकर रोहित वेमुला को मुख्य समाचार में लेना पडा
परन्तु यह मुख्य मुद्दा नहीं बनें
इसके लिए वामपंथी कन्हैया कुमार जो बिहार का भुमिहार ब्राह्मण है
इसको काम पर लगाया गया
फर्जी बाते जेएनयू में उठाई गई
और ब्राहमणी मिडिया नें रात दिन एक करके उसको चलाया गया

कन्हैया क्या खा रहा है
कन्हैया क्या कर रहा है
वह क्या कह रहा है
कन्हैया कहाँ सो रहा है
यह मुद्दा बना कर रोहित वेमुला के आंदोलन को दबाया गया

साथियों हमें लोकतंत्र को बचाने का आंदोलन चलाना चाहिए
जब महाराष्ट्र में लोकतंत्र को ख़त्म करने वाली EVM मशीन के मुद्दे पर इतना बडा आंदोलन चल रहा है
और लोकतंत्र का चौथा खम्भा उसकी बात बिलकुल नहीं कर रहा है
इसका मतलब वह षडयंत्र में शामिल है

इसलिए बेमानी
बेवकूफ भरी बातों को रात दिन चला कर हमें मुख्य मुद्दे से भटका रहा है
यही षडयंत्र है
जिसे हमें जानना
समझना चाहिए

https://youtu.be/7bcgH6sXViM

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गुरमेहर कि गुलमोहर कहानी...

देश में सबसे बडे राज्य और भारतीय राजनिती कि दिशा तय करनेवाले उत्तर प्रदेश के चुनाव हो रहे है। चुनाव से पहले ही भाजपा का रवैय्या देश में हिंदु-मुस्लिम माहौल बनाने का था। जिसके माध्यम से वे हिंदुओं के नाम पर देश का बडा तपका ओबीसी के वोटों का जुगाड कर सके। इसलिए उन्होंने ‘तीन तलाख’ और करीना-सैफ के बेटे ‘तैमुर’ के नाम को लेकर बवाल खडा किया। चुनाव के दो चरणों के बाद प्रधानमंत्री ने खुद ‘शमशान-कब्रस्तान’ और ‘बिजली’ को लेकर सांप्रदायिक वातावरण बनाने का प्रयास किया। ‘दिवाली के दिन बिजली होती तो ईद के दिन भी मिलनी चाहिए, कोई भेदभाव नहीं होना चाहिए’ ऐसे दहाडनेवाले मोदी जी भुल गये के युपी में एक भी मुसलमान को टिकट ना देकर उनके ही पार्टी ने मुसलमानों के साथ भेदभाव किया है। जब कोई भी सांप्रदायिक वातावरण नहीं बना पाया तब मोदी ने चुनावी प्रचार में ‘गधा’ घुसेडकर ‘गधेपंथी’ करना शुरु कर दिया। जब मोदी और भाजपा की ‘गधेपंथी’ जनता के सामने आने लगी तब संघ ने उत्तर प्रदेश के चुनाव को मिडिया से ब्लैक आऊट करने के लिए अपने दुसरे संगठनाओं को काम पर लगाया, उनमें से एक है ABVP!

गुरमेहर कौर नामक एक छात्रा ने ABVP का विरोध किया जब कि ऐसा करने कि अब कोई वजह नहीं थी। गुरमेहर के पिताजी का देहांत १९९९ में हुए कारगिल युध्द में हुआ था। उस युध्द के लिए भाजपा भी उतनी ही जिम्मेवार है जितना कि पाकीस्तान है, लेकिन इस समय उसका विरोध करना और भी ABVP के नाम से, हमें समझने में देर नहीं लगी कि ये कोई गहरा षडयंत्र है।
पंजाब कि गुरमेहर कौर खत्री है। वही खत्री जिनके बारे में कहाँ जाता है के उनमें ब्राम्हण, क्षत्रिय और वैश्य ऐसे तीनों वर्ण के गुण(दोष) होते है। वे ब्राम्हणों से तीन गुना ज्यादा खरतनाक होते है। देश में निजीकरण लानेवाले और देश को अमरीका के हाथों बेचनेवाले पुर्व प्रधानमंत्री तथा पुर्व अर्थ मंत्री डा.मनमोहन सिंह भी खत्री ही तो थे। इससे आप अंदाजा लगा सकते हो के खत्री कितने खतरनाक होते है...

गुरमेहर ने जैसे ही ABVP का विरोध किया ABVP ने भी उस मुद्दे को उठाकर हंगामा करना शुरु कर दिया जैसे सब कुछ पहले से ही तय किया हुआ हो। ABVP को बहुजनवादी छात्र संगठन तो हर रोज चुनौती देता है, विरोध करता है, लेकिन वे इन बहुजन छात्र संगठनाओं के साथ नहीं उलझते, क्योंकि वे भलिभाँती जानते है के अगर इनसे उलझेंगे तो इन्हें प्रसिध्दी मिल जायेगी जैसे हैदराबाद युनिवर्सिटी के ASA(आंबेडकराईट स्टुडंट्स असोसिएशन) को मिली थी। गुरमेहर कौर और अभाविप का झगडा जैसे ही शुरु हुआ सारा ब्राम्हण-बनिया मिडिया इस झगडे कि नौटंकी पर स्थिर हुआ और मोदी के ‘गधेपंथी' कि जगह इस झगडे ने ले ली। उत्तर प्रदेश का चुनाव ब्लैक आऊट होने लगा, प्राईम टाईम में गुरमेहर कौर और अभाविप दिखने लगी।

इसमें एक और षडयंत्र यह भी है कि जैसे भुमिहार कन्हैय्या को हिरो बनाकर बहुजन छात्रों पर थौपने का कार्यक्रम चल रहा था, वैसे ही अभाविप के विरोधी सारे छात्र गुरमेहर कौर के समर्थन में खडे हो जाय और उसका नेतृत्व स्थापित हो सके। कथित आंबेडकरी जिन्हें एक पैसे कि भी अकल नहीं है वे गुरमेहर का समर्थन करते दिखाई दे रहे है। हजारों सालों से ब्राम्हणों ने किये षडयंत्रों को याद मत करों, लेकिन कम से कम कुछ महिने पहले कन्हैय्या के माध्यम से हुए षडयंत्र को याद करके तो वर्तमान का आकलन करों...
इस खेल में कम्युनिस्ट भी बडी हिस्सेदारी निभाते दिखाई दे रहे है। उनकी माने तो अभाविप एक सांप्रदायिक और ब्राम्हणवादी संगठन है और उनसे मुकाबला करने के लिए sfi या कम्युनिस्ट विचारोवाला संगठन जरुरी है। जैसे अभाविप ब्राम्हणवादी है वैसे ही कम्युनिस्ट भी ब्राम्हणवादी है, फर्क सिर्फ इतना है कि अभाविप खुला दुश्मन है और कम्युनिस्ट छिपा हुआ, वो आस्तिन का साँप है, इनसे हमें ज्यादा सतर्क रहने की आवश्यकता है। इन दोनों ब्राम्हणवादी छात्र संगठनाओं के लिए बहुजनवादी छात्र संगठन ही सबसे बडी चुनौती है...

अंत में इस ब्राम्हणवादी खेल में हम बहुजनों ने अपने दिमाग से ही सोच-विचार करना चाहिए नहीं तो हम ब्राम्हणों के रणनिती का शिकार बन जायेंगे।

संकेत विद्रोही.
09004248821

👹 दहशतवाद आणि प्रसारमाध्यमे :
( जो हा मेसेज वाचतील, विचार करतील ते खरे भारतीय !)

👹 9 फेब्रु 2017 रोजी मध्य प्रदेश मध्ये BJP,RSS संबंधित 11 लोकाना ATS चे संजीव समी यांनी अटक केल्याचे सांगितले.
👹 हे BJP, RSS संबंधित लोक पाकिस्तानी ISI ला भारतातील सैन्य ठिकाणे व इतर गुप्त माहिती टेलिफोन केंद्रातून देत होते.
👹 यावेळी ATS ला 3000 सिमकार्ड, 50 मोबाईल, 35 सिम बाक्स मिळाले.
👹 हे BJP चे लोक :
1)ध्रुव सक्सेना BJP IT Cell चा अध्यक्ष
2) जितेंद्र ठाकूर
3) कुश पंडित
4) त्रिलोक सिंह भदौरिया
5) मनीष गांधी
6) मोहीत अग्रवाल
7) मोहन भारती
8) संदिप गुप्ता
9) बलराम सिंह
10) रितेश खुल्लर
11) आशिष
👹 ( हे BJP IT Cell , भभाजयुमो ,गौरक्षा समिति, बजरंग दल चे पदाधिकारी आहेत )
👹 2016 च्या नोव्हेंबर मध्ये J& K च्या आरेसपुरा सेक्टर मध्ये सतविंदर सिंह व दादू याना सैन्य ठिकाने व अन्य फोटो व इतर कारणांमुळे अटक करण्यात आली होती.
👹 सखोल चौकशी केल्यावर लक्षात आले की, भारतीय गुप्त माहिती बलराम हा BJP चा कार्यकर्ता पाकिस्तानी ISI च्या सांगण्यावरून गोळा करून पाठवत होता.
👹 या बदल्यात म प्र च्या सतना व अन्य ठिकाणच्या बलराम च्या बॅंक खात्यात पाकिस्तानी ISI कडून पाठवला जात होते
👹 बलराम च्या विविध 110 खात्यात वर्षात 5 करोड पेक्षा अधिक रक्कम पाकिस्तान कडून जमा झाली आहे.
👹 पैकी 10% म्हणजे 50 लाख बलराम या BJP संबंधित दलालाला मिळाले.
👹 दिल्ली च्या एका कोचिंग सेंटर चा गुलशन सेन हा या सर्वाचा Master Mind आहे . त्याने दिल्ली, म प्र, तेलंगाना, आंध्र, महाराष्ट्र, ओरिसा, उ. प्र. मध्ये सुमारे 1000 सिम बाक्स भाडेतत्वावर दिले आहेत.
👹 गुलशन सेन ला उ प्र ATS ने पकडले आहे व तो सध्या लखनौ जेलमध्ये आहे .
👹 यानंतर सतना मधून राजीव उर्फ रज्जन तिवारी यालाही अटक करण्यात आली आहे.
👹 देशातील कित्येक रेल्वे अपघातात आतंकवादी संबंधाची चर्चा आहे. BJP च्या दहशतवाद्यानी दिलेल्या माहितीवरून या घटना घडवल्याची शक्यता आहे
👹 पूंछ, उरी मध्ये पाकिस्तानी दहशतवादी हल्ला झाला; तो होण्यास या BJP च्या दहशतवादी लोकांनी पाकिस्तानी ISI ला दिलेल्या माहितीवरून तर झाला नसेल ना ?
❓ देशात 18 पेक्षा अधिक आतंकवादी व तत्सम खटले RSS संबंधित संघटना वर सुरू आहेत; याची चर्चा ही माध्यमे करीत नाहीत.
❓ देश आतंकवादी लोकांच्या ताब्यात आहे अशी चर्चा देशात सुरू आहे मग माध्यमे यावर गप्प का ?
❓📻📰📺 देशभक्ती, धर्म, संस्कृती चा डांगोरा पिटणार्‍या RSS, BJP, VHP, बजरंग दल, गौरक्षा समिति यांच्या देशाशी केलेल्या गद्दारी बाबत बहुतेक प्रसार माध्यमे गप्प बसले आहेत.
📰📺📻 हि माध्यमे JNU , वगैरे बाबत बनावट व्हिडिओ च्या माध्यमातून आकांडतांडव 🗣 करताना दिसली.
📺📻📰 माध्यमे राष्ट्रभक्ती ची प्रमाणपत्रे वाटताना दिसतात.
🇮🇳 आता मात्र हिच माध्यमे गप्प आहेत . हि माध्यमे जनतेपासून सत्य दडविण्याचा प्रयत्न करत आहेत ; तर अशा देशद्रोही व गद्दार वर्तमान पत्रे व टि. व्ही. चॅनेल वर भारताच्या नागरिकांनी बहिष्कार टाकावा हेच योग्य !

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