विश्वविद्यालय के अधिनियम की धारा 4 में उल्लिखित विश्वविद्यालय के उद्देश्यों में बताया गया है कि विश्वविद्यालय का उद्देश्य - दूरस्थ शिक्षा पद्धति के माध्यम से हिन्दी को लोकप्रिय बनाना होगा'। साथ ही धारा 5 के उपबन्ध (5) के अन्तर्गत विश्वविद्यालय को प्रदत्त शक्तियों में यह बताया गया है कि दूरस्थ शिक्षा के माध्यम से उन व्यक्तियों को जिनके बारे में वह निर्धारित करे, सुविधाएँ प्रदान करना है'|

इस पृष्ठभूमि के आलोक में 15 जून, 2007 को महात्मा गांधी अन्तरराष्ट्रीय हिन्दी विश्वविद्यालय के दूरस्थ शिक्षा कार्यक्रम का उदघाटन भारत के राष्ट्रपति महामहिम डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम द्वारा किया गया।

इस अवसर पर बोलते हुए डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम द्वारा रेखांकित किया गया कि -

विश्वविद्यालय के दूरस्थ शिक्षा केन्द्र का उद्देश्य हिन्दी भाषा के माध्यम से ज्ञान के नवीनतम अनुशासनों की शिक्षा समाज के हर तबके-विशेष तौर पर समाज के हाशिए पर रह रहे शिक्षा से वंचित लोगों तक पहुँचाना है। यह केन्द्र हिन्दी भाषा को आधार बनाकर प्रबन्धन, सूचना प्रौद्योगिकी, अनुवाद आदि अनुशासनों में शिक्षण, मौलिक सोच एवं लेखन को प्रोत्साहित करने हेतु कटिबद्ध है। यह केन्द्र स्त्री-अध्ययन, अहिंसा एवं शांति अध्ययन जैसे नवीनतम अनुशासनों को व्यापक समाज तक पहुँचाने का प्रयास करेगा ताकि विश्वशान्ति एवं समता जैसे मूल्यों को व्यावहारिक तौर पर सिद्ध किया जा सके। हिन्दी में मौलिक-वैकल्पिक सोच एवं शोध के लिए प्रतिबद्ध इस विश्वविद्यालय का दूरस्थ शिक्षा केन्द्र यह प्रयास करेगा कि एक ओर दूरस्थ शिक्षा कार्यक्रम शोध/अनुसंधान द्वारा हिन्दी एवं ज्ञान के अनुशासनों में मौलिक सृजन करे, साथ ही, दूसरी ओर हिन्दी भाषा के माध्यम से रोजगारोन्मुख पाठ्यक्रमों द्वारा समाज की आवश्यकताओं की पूर्ति कर सके। देश में उच्च शिक्षा के लगातार महँगे एवं आमजन की पहुँच से दूर होने के इस दौर में दूरस्थ शिक्षा की भूमिका निर्विवाद एवं महत्वपूर्ण है। अत: यह केन्द्र उन सभी व्यक्तियों के लिए शिक्षा प्राप्ति का एक बेहतर अवसर प्रदान कर सकेगा जो किसी कारण शिक्षा प्राप्त नहीं कर सके। आशा है कि इसी राह पर चलते हुए यह केन्द्र अपने ध्येय 'शिक्षा जन-जन के द्वार' को चरितार्थ कर सकेगा। 

महात्मा गांधी अन्तरराष्ट्रीय हिन्दी विश्वविद्यालय का दूरस्थ शिक्षा केन्द्र वर्तमान शिक्षा व्यवस्था के लिए विकल्प उपस्थित करने, हिन्दी में मौलिक सोच एवं अनुसंधान, समाज के हर तबके विशेष तौर पर शिक्षा से वंचित तबकों के लिए उच्च शिक्षा तक पहुँच आसान बनाने हेतु ज्ञान के नवीनतम अनुशासनों की हिन्दी भाषा के माध्यम से मौलिक प्रस्तुति एवं नवीनतम तकनीकों का प्रयोग करते हुए दूरस्थ शिक्षा कार्यक्रमों के हिन्दी माध्यम से प्रचार-प्रसार को सुनिश्चित करेगा।
Wait while more posts are being loaded