PREVENTIVE MEDICICINE IN HOMOEOPATHY
• बीमारी आते ही उस पर ब्रेक लगाइए –
आजकल पूरे देश में गर्मी के साथ ही कई जगह बारिश भी हो रही है. इस तरह मौसम के परिवर्तन के कारण कई तरह के रोग फैलने लगते हैं.
जैसे हमारी कार या बाइक के सामने कोई आ जाए, तो हम उस होने वाले एक्सीडेंट से बचने के लिए अपनी गाड़ी के ब्रेक को लगाकर उस दुर्घटना से हम अपना बचाव कर लेते हैं.
इसी तरह क्या हमारे शरीर के लिए भी ऐसी ही कोई व्यवस्था हो सकती है कि जब हमे लगे कि हम बीमार हो रहे हैं, या होने वाले हैं, तो हम उचित दवाई का ब्रेक लगाकर उस बीमारी को अपने शरीर में फैलने से पहले ही रोक दें.
इस संसार में कई तरह की चिकित्सा प्रणाली प्रचलन में हैं, किन्तु होम्योपैथी को छोड़कर किसी भी अन्य चिकित्सा प्रणाली में कोई भी ऐसी दवाई नहीं होती है जो आने वाले रोग, आ रहे रोग, या फ़ैल रहे रोग को वहीँ पर रोक दे और शरीर को निरोगी कर दे.
होम्योपैथी में कई रोगों की जो प्रिवेन्टिव या प्रतिषेधक दवाइयाँ (Preventive Medicines) होती हैं, उन दवाओं का प्रयोग किसी भी बीमारी के महामारी बनने या हेाने की संभावना होने पर, या उस बीमारी के फैलने की सूचना मिलने पर सम्बंधित रोग हेाने से पूर्व या शुरुवात में ही किया जा सकता है; अर्थात इन दवाओं का प्रयोग सुरक्षात्मक दृष्टि से किया जाता है, जिससे आगे होने वाले ऐसे सभी रोगों से बचा जा सके।
आपके परिवार में किसी भी बीमारी आने की पूर्व सूचना या लक्षण सबसे पहले आपको या आपकी पत्नी को ही मिलती है, अतः अगर आप तुरंत ही उस बीमारी पर ब्रेक लगाने के लिए Aconite 30 की पांच बूँद आधा कप पानी से दो बार दो घंटे के अंतर से दे, तो उससे अधिकाँश रोग वही पर रुक जाते हैं और बीमारी ख़त्म हो जाती है.
इसके बाद भी अगर आपको लगे कि किसी बीमारी की शुरूवात हो रही है, तो उससे बचाव के लिए आप निम्न प्रिवेन्टिव दवाइयों के द्वारा उस बीमारी पर ब्रेक लगाकर उसे वहीँ पर रोक सकते हैं.
• रोग का नाम और उसकी प्रतिषेधक दवाईयां -
1. आँख आना या कन्जेक्टिवाइटिस - सल्फर 30, नैट्रम म्यूर 30 या आर्जेन्टम नाइट्रिकम 1M
2. छोटी माता या चिकन-पॉक्स – पल्सेटिला 200
3. खसरा या Measles – मोर्बिलिनम 200
4. उल्टा-सीधा खाने से पेट खराब हेाना – मर्कसाल 200
5. टान्सिल फूलना - बैराइट आयोडाइट 3X
6. मम्पस Mumps – पैरोटिडिनम 200
7. डिफ्थीरिया - डिफ्थिरिनम 200
8. कंठमाला - आयोडम 30
9. हैजा - कुप्रम मेट 200, कैम्फर 200
10. प्लेग - टेरेन्टुला म्युबेनसिस 30 या 200, सल्फर 30
11. टी.बी. तपेदिक - टयूबरक्युलिनम 1M
12. कोढ, कुष्ठ रोग - सल्फर 200
13. गर्मी के दिनों में होने वाले फोड़े - आर्निका 30
14. साधारण ज्वर - एकोनाइट 30 बेलाडोना 30 ब्रायोनिया 30 जेल्सीमियम 30 फैरम फास 30 मिलाकर दिन में तीन बार
15. इन्फ्लूऐंजा (फ्लू) - इन्फ्लूएंजिनम 200, आर्सेनिक एल्ब 6, जेल्सिमियम 30
16. मलेरिया - मलेरिया ऑफ 30, इपिकाक 30 और नैट्रम म्यूर 30, लेप्टेन्ड्रा वर्जिनिका 6
17. टायफाइड ज्वर - टायफाइडिनम 200, क्यूप्रम सल्फ 2X
18. डेंगू ज्वर - यूपेटोरियम पर्फ 200 सप्ताह मे एक बार और पाइरोजिनियम 30 दिन में दो बार
19. मस्तिष्क ज्वर - बेलोडोना 200, आर्जेन्टम नाइट्रिकम 200
20. स्कारलेट या आरक्त ज्वर - बेलोडोना 6 या 30
21. सर्दी - कालीकार्ब 200, आयोडम 200
22. काली खाँसी - पर्टुसिन 200
23. धनुष्टंकार (टिटेनस) ज्वर - हाइपोरिकम 30, लीडम पाल 200
24. पोलियो - जेल्सीमियम 3, लेथाइरस सैटाइवा 3
25. रक्तस्त्राव - मिलिफोलियम 30 या 200
26. पथरी - कल्केरिया कार्ब 200, कल्केरिया रिनेलिस 2X
27. बार-बार पथरी बनने की प्रवृति होना - चायना 200 या 1M
28. बुढ़ापे की क्षीणता या कमजोरी - बैराइट कार्ब 30
29. मकड़ी का विष - लीडम पाल 30
30. जीव-जन्तुओं के काटने पर विष फैलना - इचिनेशिया अंग 6 या 30
31. कुकर खाँसी - ड्रोसेरा 1X, पर्टुसिन 30
32. अपेन्डिसाइटिस - सोराइनम 200
33. चेचक - वैरियोलिनम 200, थूजा 200
34. कनफेड़े - पिलोकार्पिनम 200, पैराटिडीनम 200
अपने परिवार की भलाई के लिये इस लेख को सेव कर इसके प्रिंट निकलवा कर अपने घर में दीवार पर लगा लें और लोक हित में अगर आप चाहे तो इसकी बहुत सी फोटो-कापी करवा कर लोगो को बाँट भी सकते हैं.
साथ ही जब भी कोई बीमारी या महामारी फ़ैल रही हो, तो उसकी उपरोक्तानुसार दवाई बनवा कर आसपास के लोगो में आप निशुल्क बांट सकते हैं. इस तरह आप बहुत कम खर्च में लोगो का भला कर सकेंगे.
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