Post has attachment
#SecretOfGeeta

गी. अ. 7/15 मे रजगुण ब्रम्हा, सतगुण विष्णु, तमगुन शिव की भक्ति करने को मना किया है उन्हे मुर्ख और राक्षस स्‍वभाव के बताया है फिर हमारे धर्म गुरु गीता जी के विरुद्ध क्यों भक्ति करवा रहे है. क्या वास्तव मे उन्हे अपने धर्म ग्रंथों का सही ग्यान है???? फिर क्या विश्‍व में जितने भी धर्म गुरु है वे सभी अग्यानी है जो अपने ही धर्म ग्रंथों को नहीं समझ सके और करोड़ों भोले भाले श्रद्धालुओं का जीवन नाश कर दियाl ये अग्यानी दुहाई देते है शश्त्रो की और ग्यान सद ग्रन्थों से उलट! बुद्धिमान समाज इस विषय पर विचार अवशय करे l
Photo
Wait while more posts are being loaded