सजदों में भीगती है जिनकी आँखे ..
वो लोग कभी किस्मत और तकदीर पर रोया नही करते ...

गलतियाँ हो अगर लिखने में तो गौर न करना,
तुम बस मेरे जज्बात पढ़ लेना..

जिसे पा नही सकते..
उसे सोचकर ही खुश होना ‘इश्क’ हैं

न तेरी अदा समझ में आती है ना आदत ऐ ज़िन्दगी,
तू हर रोज़ नयी सी,हम हर-रोज़ वही उलझे से.,

Post has attachment
हसरतें आज भी खत लिखती हैं मुझे,
पर मैं अब पुराने पते पर नहीं रहता ....
Photo

चौराहे पर चाय वाले ने हाथ में गिलास थमाते हुए पूछा......
"चाय के साथ क्या लोगे साहब"?
ज़ुबाँ पे लब्ज आते आते रह गए
"पुराने यार मिलेंगे क्या"??

सभी साथियों को नमस्कार,
सभी से निवेदन है कि अपने दोस्तों भाइयो को भी यहाँ आमंत्रित करे ताकि वे भी बहतरीन 2 लाइन शायरी का लुफ्त उठा सके आप की तरह।।
धन्यवाद।।
विष्णु विश्नोई

फ़िक्र तो तेरी आज भी करते है बस जिक्र करने का हक नही रहा !

कभी ना कभी वो मेरे बारे में सोचेगी जरूर,
कि हासिल होने की उम्मीद ना थी फिर भी ‪‎मोहब्बत‬ करता था…

Post has attachment
Wait while more posts are being loaded