जूनून-ए-इश्क था तो कट जाती थी रात ख्यालो में......



सजा-ए-इश्क आयी तो हर लम्हा सदियों सा लगने लगा।
Naadan

मैं मुस्कुराता हुआ आईने में उभरूँगा,.......



वो रो पड़ेगी अचानक सिंगार करते हुए...!!!
Naadan

रुकावटे तो ज़िन्दा इन्सान के लिए हैं।




मय्यत के लिए तो सब रास्ता छोड़ देते हैं।।
Naadan

दोस्तो...

इस इश्क की गली के बहार एक बोर्ड लगा दो...


ये रास्ता जानलेवा है

Naadan💔👈👈👈

वो छोड़ के गए हमें न जाने उनकी क्या मजबूरी थी...


खुदा ने कहा इसमें उनका कोई कसूर नहीं;


ये कहानी तो मैंने लिखी ही अधूरी थी।
Naadan

मेरी नींद हो गयी है किसी के कैद में गिरफ्त ।।।

यारो कोई उपाय बताओ छुड़ाने की ।।।
🅿😭🔫

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➰ हमारी अधूरी कहानी ➰
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