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भोलेनाथ आपकी
सारी मनोकामनाएं
पूर्ण करे.....

महा शिवरात्रि की हार्दिक
शुभकामनाएँ...........!!

जो अमृत पीते हैं उन्हें देव कहते हैं,
और जो विष पीते हैं उन्हें देवों
के देव "महादेव" कहते हैं ... !!!

♨ ॐ नमः शिवाय ♨


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• Manojj Vishwakarma
क्या हिन्दू कोड बिल की वजह से अब तक २ करोड़ से भी अधिक हिन्दू ख़तम हो चुके है
1 . क्या था हिन्दू कोड बिल ?
२. क्यों बनाया गया हिन्दू कोड बिल
३. आखिर क्यों जल्दी थी हिन्दू कोड बिल पास करवाने की ?
4 . हिंदु कोड बिल से हानि
5. कौन हिन्दू कोड बिल को पास करवाने का सबसे ज्यादा दवाब बना रहा था ?
6. क्या इसका विरोध हुआ ? क्या यह विरोध सफल हुआ ?कौन थे परम पूजनीय करपात्री जी महाराज !
7. और क्या क्या परिणाम होने वाले है इस हिन्दू कोड बिल की वजह से ?
8. और क्या है इसका समाधान ?
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क्या हिन्दू कोड बिल की वजह से अब तक २ करोड़ से भी अधिक हिन्दू ख़तम हो चुके है जी हाँ ! जब तक आप लोग इस पत्र को पढ रहे होंगे तब तक यह संख्या इससे भी ज्यादा पहुच चुकी होगी ! यह अब तक का सबसे बड़ा षड्यंत्र है जो पुरे विश्व में कही भी नहीं हुआ ! पूरी की पूरी हिन्दू जाती का सर्वनाश करने की क्षमता इस षड्यंत्र में है लेकिन यदि आप लोग इस को समझ गए तो इससे से बच जायेंगे !
1 . क्या था हिन्दू कोड बिल ?
अंग्रेजो ने हिन्दुओ को ख़तम करने के लिए कानूनों की एक सीरीज (series) तैयार की जिसके अंतर्गत निमंलिखित कानून थे :-
हिन्दू उतराधिकार, हिन्दू वसीयत अधिनियम , विधवा विवाह, विवाहित स्त्री के साम्पतिक अधिकार, तलाक, भरण पोषण कानून आदि !
अंग्रेजो ने भारत में अफवाह फैलाई की स्त्रिओ की दशा बड़ी ही ख़राब है और उनके साथ अत्याचार होता है ! जबकि सच्चाई यह है की पुरे विश्व में सिर्फ भारत में ही स्त्री को देवी माँ मान कर पूजा की जाती है -- क्या इस्लाम, christian, या अन्य किसी देश में ऐसा होता है ? विदेशी लोग सिर्फ एक दिन "स्त्री दिवस" बनाता है और भारत में यह कभी नवरात्रों में (18 दिन), रक्षा बंधन, भाई दोज, हरियाली तीज आदि पता नहीं कितने दिनों तक स्त्री दिवस ही बनाते है ! और हम भारत वासी और यहाँ की स्त्रिया इतनी भोली है की उनके एक दिन के स्त्री दिवस को मनाने के चक्कर में अपने २० दिनों के स्त्री दिवस को भूल गए ! खैर -- बात चल रही थी हिंदी कोड बिल की तो इन कानूनों को ही हिदू कोड बिल कहा गया !! बाद में इसका नाम बदल कर शारदा एक्ट बनाया गया लेकिन मूल उद्देश्य एक ही था !
2. क्यों बनाया गया हिन्दू कोड बिल
आजादी से पहले ही अंग्रेजो ने भारत को तोड़ने के लिए कई साजिसे रची थी उन्ही में से एक था हिन्दू कोड बिल ! इस एक बिल के माध्यम से इन्होने 50 सालो में वो काम कर दिखाया जो वो भारत में रह कर भी अगले 500 सालो में नहीं कर सकते थे ! असल में अंग्रेजो ने देखा की इतने सालो के बाद भी हम भारत पर पूरी तरह से पकड़ नहीं बना पा रहे है और न ही हम इनका धर्म परिवर्तन करवा पा रहे है तो इन्होने इसके लिए खोज शुरू की हम अभी तक क्यों सफल नहीं हो पाए तब अंग्रेजो ने एक अंग्रेज जिसका नाम टी बी मैकाले था उसको भारत में इस काम के लिए भेजा की जा कर पता करो हम सफल क्यों नहीं हो पा रहे है ? क्यों अभी तक एक से बढ कर एक क्रन्तिकारी हमारे सामने आ रहे है ? भूखे नंगे रह कर भी आखिर इनमे अपने देश के प्रति इतनी श्रधा क्यों है ? और सबसे बड़ा सवाल यह अपने देश को माँ कह कर क्यों बुलाते है ? तो फिर टी बी मैकाले ने पुरे भारत का भ्रमण किया और सब जगह एक ही बात नोट की कि भारत की ताकत है यहाँ का जॉइंट फॅमिली सिस्टम और जो यह पारिवारिक व्यवस्था है उसका केंद्र विन्दु माँ है !
टी बी मैकाले ने निम्नलिखित बाते नोट की :-
१. माँ ही परिवार की मुख्य भूमिका निभाती है क्योंकि वो ही पूरा दिन परिवार में रहती है और पूरा परिवार उसके दिशा निर्देश में ही कार्य करता है
२. पुरुष तो ज्यादातर बाहर खेती बाड़ी और व्यवसाय के कारण ज्यादातर बाहर ही रहते है ऐसे में घर के बाकी सदस्यों की जिम्मेदारी घर की बड़ी महिला पर आती है और वो ही सबको दिशा निर्देश , शिक्षा देती है ।
३. टी बी मैकाले ने नोट किया की बच्चो की प्रारंभी शिक्षा स्कूल में न हो कर घर पर ही माँ और बड़ी बुजुर्ग स्त्रिओं द्वारा ही दी जाती थी और उनकी शिक्षा का तरीका बड़ा ही प्रैक्टिकल होता था यानि की वो अपने बच्चो को वीरता और साहस की कहानिया सुनाया करती थी और साथ में वीर शिवाजी , राम लक्ष्मण, लव कुश, विक्रमादित्य , चाणक्य , अर्याभट , ध्रुव , भक्त प्रह्लाद इत्यादि की कथा कहानिया सुना सुना कर उसके मन को बचपन से ही मजबूत बना दिया करती थी और साथ में चाणक्य के फोर्मुले भी बताती थी तो साथ में यह भी शिक्षा देती थी की यह धरती हमारी माँ है क्योंकि यह हम सब को पालती है ! अब मैकाले को पता चल चूका था की क्रन्तिकारीयो की प्रोडक्शन कहाँ पर हो रही है !
४. बच्चो की प्रारंभिक शिक्षा के बाद उनको गुरुकुल में आगे की शिक्षा के लिए भेज दिया जाता था जहाँ पर गुरु ही उनके खाने पीने रहने और सोने की व्यवस्था करते थे ! इस प्रकार बच्चो का अपने गुरुओ के प्रति भी अत्यधिक प्रेम रहता था क्योंकि वो उसके संरक्षक थे ! मैकाले ने मुख्या बात नोट की कि यहाँ की जनता अपने गुरुओं को बहुत ही मान सम्मान देती है उनके कहे अनुसार ही चलती है और उन्ही के कहे अनुसार ही भारत में पर्व त्यौहार इत्यादि बनाये जाते है ! बीना गुरु के वो कुछ नया काम नहीं करते ! अब मैकाले को पता चल चूका था क्रन्तिकारी कहाँ कहाँ पैदा होते थे और कहाँ पाले जाते थे ? और कहाँ उनको ट्रेनिंग दी जाती थी और क्यों वो भूखे नंगे रह कर भी अपने परिवार, गुरु , देश और धरती माता के लिए हँसते हँसते प्राण त्याग देते थे !
अब जबकि टी बी मैकाले को पता चल गया था वो वापस इंग्लॅण्ड भागा और अपनी रिपोर्ट दी ! अब अंग्रेजो ने इस सिस्टम को ख़त्म करने के लिए बहुत ही दूर की चाल सोची ! अंग्रेजो की एक खासियत थी जो आज की सरकारों में भी है, वो यह की वो किसी भी इल्लीगल काम को लीगल बना सकते थे वो भी मात्र एक कानून बना कर उदाहरण के लिए बिजली विभाग को प्राइवेट कर दिया और अब वो प्राइवेट कंपनी खूब लूट रही है अब अगर शिकायत करो तो कहते है की हम क्या कर सकते है यह तो कानून है ! जो बिजली १ रुपे यूनिट मिल सकती है वो ५ रुपे मिल रही है क्यों ? क्योंकि कानून है ! आप पेड़ उगा सकते है लेकिन काट नहीं सकते क्यों क्योंकि कानून है , लेकिन सरकारी ठेके वाली कंपनी काट सकती है !
इसी तरीके से अंग्रेजो ने भारत की पारिवारिक रीड़ की हड्डी को तोड़ने के लिए हिन्दू कोड बिल का प्रावधान रखा और उसमे ऐसे ऐसे कानून रखे गए जिससे परिवार में एक को लालच हो और दुसरे को पीड़ा ! अब उन्होंने निर्णय कर लिया था की भारत में स्त्री ही शक्ति है और इसी शक्ति के बल पर यह अभी तक खड़े है और यही स्त्री शक्ति बच्चो में अच्छे संस्कार डालती है और उन्हें एक अच्छा नागरिक और देश भक्त बनाती है और उन्होंने इसी शक्ति को नष्ट भ्रष्ट करने के तरीके खोजने शुरू कर दिए जिसके लिए उन्होंने मिथ्या झूठा प्रचार तंत्र बनाया ! सबसे पहले उन्होंने स्त्री को अपने सपोर्ट में करने के लिए यह प्रचार किया की अंग्रेज उनके साथ है और उनके भले और उन्नति के लिए कार्य कर रहे है साथ ही साथ यह अफवाह फैलानी शुरू कर दी की स्त्री को भारतीय पुरुष घर पर कैद कर के रखते है ! उन्हें घर से निकलने नहीं देते !
उन्हें पैसा नहीं देते ! उन्हें घूँघट में रखा जाता है , घर की नौकरानी बना रखा है! इस तरीके से प्रचार करके उन्होंने समाज के एक छोटे से वर्ग को अक्रर्षित करने का कार्य किया और इसके लिए उन्होंने उस समय के अपने मीडिया तंत्र न्यूज़ पेपर और भारतीय चमचो को इस कार्य में लगाया !
बाद में उन्होंने तलाक कानून, स्त्री मुक्ति , स्त्री पैत्रक सम्पति कानून , विधवा पुनर्विवाह कानून का एक प्रारूप ( ड्राफ्ट ) बनाया और उसे पेश किया ! जिसका नाम उन्होंने हिन्दू कोड बिल रखा ! असल में इस हिन्दू कोड बिल की योजना 1856 में ही शुरू हो चुकी थी ! इस बात की पुष्टि के लिए आप (पारस दीवान की किताब- आधुनिक हिन्दू विधि पेज संख्या 30 देखे ) । हिन्दू कोड बिल पूर्ण रूप से भारतीय स्त्रिओ को और यहाँ के बच्चो को नष्ट भ्रष्ट करने के लिए ही बनाया गया ! मुख्या बात यह है की आज़ादी से पहले ही हिन्दू कोड बिल की नीव रख दी गयी थी और आज़ादी के फ़ौरन बाद इसको लागू करवाने की होड़ मच गयी , सोचो क्यों ? जबकि सभी लोगो को पता है की आज़ादी के वक़्त भारत के दो टुकडे अंग्रेजो ने कर दिए और जिस वजह से हिन्दू मुसलमानों में दंगा हुआ और लाखो लोगो की मौत हो गयी !
3 . आखिर क्यों जल्दी थी हिन्दू कोड बिल पास करवाने की ?
यहाँ यह मुख्य प्रश्न है की जब देश आजाद हुआ उस वक़्त सबसे ज्यादा जरुरी क्या था ?
बंटवारे में मारे गयी लाखो लोगो का पुनर्वास ?
बंटवारे में मरे गए लाखो बच्चो का लालन पालन
बंटवारे में मारे गए लाखो लोगो के लिए रोजगार उपलब्ध करवाना ?
बंटवारे से अलग करोडो भूखे लोगो को २ वक़्त की रोटी उपलब्ध करवाना ?
करोडो लोगो के नंगे बदन पर कपडे की व्यवस्था करना ?
पाकिस्तान से हुई लड़ाई का नुकसान की भरपाई करना या ?????? इन सब लोगो की चिंता को छोड़ कर सिर्फ और सिर्फ हिन्दू कोड बिल को पास करवाने के लिए एडी चोटी का जोर लगाना ?? *** सोचो आखिर हिन्दू कोड बिल में ऐसा क्या था की इसको पास करवाने की जल्दी थी *******
अंग्रेज जाने से पहले किसी भी कीमत पर भारत की स्त्रिओं और यहाँ की पारिवारिक व्यवस्था और परिवार को ख़तम करना चाहेते थे जिसके लिए हिन्दू कोड बिल पास होना जरुरी था क्योंकि यही वो कानून था जिससे भारत के घर घर में लड़ाई शुरू हो जाती और फिर से कुछ ही सालो बाद भारत के दुबारा टुकड़े हो सकते थे
4 . हिंदु कोड बिल से हानि
आज जो कुछ भी हम सांस्कृतिक पतन देख रहे है वो हिन्दू कोड बिल की ही देन है ! स्त्री तलाक कानून के नाम पर अब तक देश में करीब अनुमानत : 35 लाख से भी ज्यादा परिवार बिखर गए है इसमें सभी जाति के लोग शामिल है जिसमे ओ बी सी , एस सी , एस टी हरिजन भी शामिल है ! एक अनुमान के मुताबिक अब तक 25 लाख वैवाहिक मुकदमे कोर्ट में पेंडिंग चल रहे है और हर केस से वर और वधु के औसतन 5 लोग जुड़े होते है
25,00000 x 5 = 1, 25,00000 यानि एक करोड़ पच्चीस लाख लोग दिन रात आपस में लड़ रहे है रो रहे है , मर रहे है और सबसे मुख्या बात यह है की जो बच्चे पैदा होते वो भी नहीं हुए यानि 50 लाख बच्चे पैदा ही नहीं होने दिए इस कानून ने और जो पैदा हो भी गए तो बो किसी भी लायक नहीं रहें क्योंकि बीना माँ बाप के प्यार के बच्चे क्या बनेगे यह सब जानते है !
परिवारों के कारन स्त्री न तो अपने पीहर की रही और न ही अपने ससुराल की और उनके बच्चे भी राम भरोसे है ! क्योंकि बीना माँ बाप का बच्चा क्या बनेगा आप खुद ही अंदाजा लगा सकते हो !
स्त्री मुक्ति के नाम पर आज की नारी खुद ही नंगी हो कर क्लब और बार में नाच रही है !
सामान अधिकार के नाम पर खुद भी शराब, सिगरेट पी रही है अब ऐसी माँ अपने बच्चे को देश भक्ति की शिक्षा देने से तो रही !
विद्या बालन को बोल्ड सीन के लिए रास्ट्रीय पुरुष्कार मिलता हो तो यहाँ की छोटी छोटी बच्चिया नंगे होने को ही वरीयता दे रही है !
स्त्री शसक्तीकरण के नाम पर सौन्दर्य प्रतियोगिताये आयोजित की जा रही है जिसमे उनके अंगो की एक एक इंच की नपाई होती है !
" नजर तेरी गन्दी और कपडे में पहनू " जैसे शब्द हर लड़की बोल रही है ! तो जल्द ही कल को लड़के भी नंगे खड़े हो कर लड़ाई करेंगे और यही अंग्रेज लोग चाहते थे जिसमे वो पूरी तरीके से सफल हो गए है !!
5. कौन हिन्दू कोड बिल को पास करवाने का सबसे ज्यादा दवाब बना रहा था ?
सबसे बड़ा फायदा विश्व के पूंजीपति देशो को होना था जिसमे प्रमुख था ब्रिटेन, फ्रांस, पुर्तगाल आदि और इसके लिए उन्होंने पहली भारतीय सरकार को इस कानून को लागू करवाने के लिए मजबूर किया या यह कहे की उस समय की सरकार भी खुद यही चाहती थी की हिन्दुओं का घर बर्बाद हो !
6 . क्या इसका विरोध हुआ ? क्या यह विरोध सफल हुआ ? कौन थे परम पूजनीय करपात्री जी महाराज !
जी हाँ इसका बहुत ही जबरदस्त विरोध हुआ था और यह सच है की यदि संत स्वामी करपात्री जी हिन्दू कोड़ बिल के विरोध में राम राज्य परिषद् को खड़ा नहीं करते तो भारत के अब तक 2 टुकड़े और हो चुके होते ! नेहरू की कृपा से हिन्दू कोड बिल बनाया गया था, जिसमें तलाक की व्यवस्था की गई जो कि हिन्दू धर्म के सर्वथा विपरीत थी।
अखिल भारतीय राम राज्य परिषद भारत की एक परम्परावादी हिन्दू पार्टी थी। इसकी स्थापना स्वामी करपात्री ने सन् १९४८ में की थी। इस दल ने सन् १९५२ के प्रथम लोकसभा चुनाव में ३ सीटें प्राप्त की थी। सन् १९५२, १९५७ एवम् १९६२ के विधान सभा चुनावों में हिन्दी क्षेत्रों (मुख्यत: राजस्थान)में इस दल ने दर्जनों सीटें हासिल की थी। आजाद भारत के पहले आम चुनाव 1952 में उत्तर प्रदेश के जनपद इलाहाबाद की फूलपुर संसदीय सीट पर पंडित जवाहरलाल नेहरू को स्वामी प्रभुदत्त ब्रह्मचारी ने बतौर प्रत्याशी चुनौती दी थी। इनका विरोध नेहरू के हिंदू कोड बिल को लेकर था। नेहरू की पैतृक भूमि इलाहाबाद में प्रभुदत्त ब्रह्मचारी का प्रचार इस कदर आकर्षक और भावनात्मक था कि जनता से लेकर मीडिया तक आंदोलित थे केसरिया पगड़ी, बढ़िया ऐनक और सफेद जामे में सजे-धजे ब्रह्मचारी, उनके भजन गायकों और नर्तकों ने लोगों को खूब लुभाया। ब्रह्मचारी भाषणों में जनता को बताते कि इस विधेयक से धर्म का नाश होगा, परिवारिक शोषण बढ़ेगा, भई-बहनों में वैमनस्य पैदा होगा, जातीय मतभेद होंगे, संपत्ति विवाद और विवाह में विसंगतियां बढ़ंगी और इन झगड़ों से वकीलों को फायदा होगा।
करपात्री जी के द्वारा जो आन्दोलन और चुनाव हुआ उसके फलसवरूप सरकार को हिन्दू कोड बिल को छोड़ना पड़ा और उन्होंने कुछ समय के लिए इसका विचार भी त्याग दिया परन्तु अति चालक विदेशियो के कारण यह हिन्दू कोड बिल खंड खंड रूप में पार्लियामेंट में पास किया गया !
हाल में ही उच्चतम न्यायालय ने यह स्वीकार किया है कि भारतीय संसद ने आज तक जो कानून बनाए वह सिर्फ हिन्दू सम्प्रदाय तक ही सीमित थे। अन्य सम्प्रदायों के मामले में सरकार को कानून बनाने की हिम्मत नहीं हुई क्योंकि वह पर्सनल लॉ के मामले में काफी संवेदनशील हैं। सरकार उनके पर्सनल लॉ में हस्तक्षेप करने की हिम्मत नहीं करती।
स्वामी करपात्री (१९०५ - १९८०) भारत के एक महान सन्त, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी थे। उनका मूल नाम हरि नारायण ओझा था। वे हिन्दू दसनामी परम्परा के भिक्षु थे। दीक्षा के उपरान्त उनका नाम "हरीन्द्रनाथ सरस्वती" था किन्तु वे "करपात्री" नाम से ही प्रसिद्ध थे क्योंकि वे अपने अंजुली का उपयोग खाने के बर्तन की तरह करते थे। उन्होने अखिल भारतीय राम राज्य परिषद नामक राजनैतिक दल भी बनाया था। धर्मशास्त्रों में इनकी अद्वितीय एवं अतुलनीय विद्वता को देखते हुए इन्हें 'धर्मसम्राट' की उपाधि प्रदान की गई। वे ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य स्वामी ब्रह्मानन्द सरस्वती के शिष्य थे।
8. और क्या है इसका समाधान ?
इसका एक ही समाधान है जो परम पूजनीय करपात्री जी ने उस समय में किया था ! संगठित हो कर राम राज्य परिषद् को मजबूत बनायो और चुनाव लड़ो और पार्लियामेंट में जाकर खुद के कानून बनाओ ! और राम राम जपते चलो और -- हनुमान , सुग्रीव, जामवंत , वानर सेना को आपस में जोड़ो और मिल कर रावन की लंका का दहन कर डालो !!
बोलो सिया वर राम चन्द्र की जय !
Watch Pradhanmantri: Episode 5 on Hindu Code Bill  
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Just within four years after Independence, then Prime Minister Pt. JL Nehru was getting open challenge from people. Who was

आदरणीय भाईओ, माताओं, बुजुर्ग और बहनों !
हम आज एक ऐसे विषय के बारे में आपको अवगत कराना चाहते हैं , जिससे की भारत देश के अधिकाँश निर्दोष पुरुष, माताएं, बहने, बच्चे और बुजुर्ग पीड़ित है ! जिसका नाम है सेक्शन - 498A और डोमेस्टिक वोइलेन्स ! इस धारा की शुरुआत तो महिलाओ को सुरक्षा प्रदान करने हेतू की गयी थी लेकिन कुछ लालची तत्वों द्वारा इन धाराओ का बेजा इस्तेमाल किया जा रहा है ये भी एक कडवा सच है ! जिस से तंग आकर हमारे देश के अधिकाँश युवा आत्महत्या का रास्ता चुन रहे हैं ! लालची तत्वों द्वारा लगाये गए झूठे आरोपों से उनकी समाज में इज्जत , नौकरी आदि सब धूमिल हो जाती है ! दहेज़ क़ानून का जिस प्रकार दुर्रुप्योग हो रहा है, इसके शिकार पति ही नहीं बल्कि अपनी आधी से ज्यादा सम्मानपूर्वक उम्र बिता देने वाले बुजुर्ग भी हैं ! जिन्होंने अपने जीवन साथी के साथ एक शानदार जिंदगी व्यतीत की लेकिन आज उनपर झूठे दहेज़ क़ानून की विपदा कुछ नापाक इरादे रखने वाली बहुओ के कारण जिंदगी के अंतिम पड़ाव में आई है ! लालची पक्षों द्वारा कहने मात्र भर से युवक के माता - पिता, भाई - बहिन, व अन्य रिश्तेदारों को बिना जांच व पड़ताल के जेलों में डाल दिए जाते है ! ये भी नहीं देखा जाता की उसकी बहिन गर्भवती है या उसके माता - पिता किसी गंभीर बिमारी से जूझ रहे हैं, और इन सब में महिला आयोग सिर्फ पत्नियों का साथ देती है ! हम ये पूछते हैं कि क्या हमारी माताएं एवं बहनें महिलाएं नहीं है ? वो अपनी समस्या लेकर कहाँ जाएँ ? भारत के सर्वोच्च न्यायालय द्वारा 498A धारा को "लीगल टेरेरीसम" की संज्ञा प्राप्त हुयी है ! आंकड़े यही दर्शाते है की 98% दहेज़ के मामले झूठे हैं !सर्वोच्च न्यायालय द्वारा 498A धारा में बदलाव करने हेतू केंद्रीय सरकार को कई बार चेताया गया है, लेकिन केंद्रीय सरकार द्वारा सुधार करने के उलट इस क़ानून को और ज्यादा ही परिवार विरोधी बना दिया गया !असामाजिक तत्वों के झूठा साबित हो जाने के बावजूद भी  क़ानून  में उन्हें सजा का कोई प्रावधान नहीं है ! जो की पीड़ित पक्ष  पर एक नकारात्मक प्रभाव के रूप में सामने आता है ! आईबीएन - 7 पर प्रस्तुत होने वाले कार्यक्रम " जिंदगी लाइव " पर यदि देखे कि ऐसे झूठे मुकद्दमे झेलने वाले परिवार का क्या हाल होता है, तो कलेजा मुहं को आ जाए ! कई पुरुषो ने आत्महत्या कर ली, कई युवको ने अपने पिता को खो दिया , तो कई ने अपनी माताओ को ! एक गलत शादी के फैसले ने उनको अनाथ एवं उनके माता -पिता को वंश विहीन तक बना डाला ! लेकिन हमारी सरकार को इन सब बातों से कुछ लेना देना नहीं है ! हम चाहते हैं की सच को न्याय मिले चाहे वो कोई भी पक्ष हो ! इसके लिए हम "मेन वेलफेयर मिनिस्ट्री" की मांग कर रहे हैं ! ताकि इस देश के पुरुषो कि पीड़ा को भी सुना जाए जो कि अब तक किसी भी सरकारी संघटन के द्वारा सुना नहीं जाता ! हमारे देश में जानवरों तक के लिए सरकारी संघठन बने हुए हैं, लेकिन पुरुषो के लिए कोई संघठन नहीं है ! क्या इस देश में पुरुष जानवरों से भी गए गुजरे हैं ? अब सरकार द्वारा किये जा रहे "हिन्दू मेरिज एक्ट" में बदलाव पूरे तरीके से परिवार विरोधी हैं ! जिसका नाम है आई, आर, बी, ऍम ! इसका  फायदा जरूरतमंद को कम और शादी जैसे पवित्र बंधन को कारोबार बनाने वाले असमाजिक तत्वों को ज्यादा मिलेगा , फेरे लेने के तुरंत बाद ही स्त्री चाहे तो तालाक ले सकती है, इसके आलावा वो आप के साथ साथ आपके परिवार एवं आपके रिश्तेदारों पर झूठे दहेज़ और  क्रूरता का मुकद्दमा कर सकती है और साथ ही मासिक भत्ता , पति के निजी एवं पैतृक सम्पति में 50 % तक हिस्सेदारी भी ले सकती है ! जिसका विरोध पति नहीं कर सकता ! हमेशा से क़ानून में बदलाव सिर्फ हिन्दुओ के लिए किया जाता है ! इस से हिन्दू युवाओं को धर्म परिवर्तन की और प्रेरित किया जायेगा  , और हिदुतत्व को ख़त्म करने पर आमदा सरकार यही चाहती है ! हमारा ध्येय है कि जरूरत मंद को इसका लाभ मिले, न कि शादी जैसे पवित्र बंधन का कारोबार करने वाले असामाजिक तत्वों को ! हमारा आपसे अनुरोध है कि आई, आर, बी, ऍम जैसे पश्चिमी सभ्यता वाले विधेयक को किसी भी तरीके से भारत में लागू नहीं होने देना चाहिए ! ताकि भारतीय सभ्यता एवं भारतीय पारिवारिक गृहस्थी जीवन बर्बाद न हो और इस भारत देश के नवयुवक जो कि इन झूठे मामलो से पीड़ित है उनमे आत्महत्या करने कि भावना न पनपे ! झूठे दहेज़ के आरोप महामारी की तरह पूरे हिन्दुस्तान में फेल रहे हैं ! हमारे बुजुर्गो ने हमे सदा अपने सम्मान से यही बताया था की उन्होंने कभी कोई गलत काम नहीं किया और न ही वो कभी जेल गए ! लेकिन आज उनका ये सम्मान भी इस महामारी के आगे झुकता नज़र आ रहा है !
आशा करता हूँ कि इस नेक कार्य में हमें आपका समर्थन अवश्य प्राप्त होगा !
इसी कामना के साथ,
आपके आभारी,

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Males can die ...they DON'T NEED JUSTICE 
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Male Techie dead... is the girl friend arrested ? NO ...
IS her mother arrested ? NO 
......NO.....NO......NO JUSTICE .... NO EQUALITY 
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Arrested by the Delhi police when we were protesting before Sonia Gandhi Awas against New Upcoming hindu Marriage Act (No Fault divorce) 
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be united all man of india against feminist.By Manojj Vishwakarma & Navneet Agarwal (All Indian Men Union)
Please Give Your Valuable Ideas/ Suggestions.............. URGENT...!!!
Kind Attention........!!!!! Respected Enlightened Citizens, Activists & Victims of False Cases of Dowery , Domestic Violence , Rape Cases, Sexual Harashment at Work Places Cases........
UPA Government is planning to bring the New Law Hindu Marriage Property Bill called as Ir-revertible Breakdown of Marriage ( IrBM ). According to this Law just after 15 minutes of Marriage she can Apply for the Divorce , you Donot have any Right to oppose and she will take Away your 50% Property like Ancestoral / Parental Home, Land, Agriculture Land, Bank Deposits, Shares, Jewellery. This will Create a way to Greedy women they will marry to Snatch your Property . This Law is Applicable on Hindus only. Their Liablity to Repay Borrowed Money like Loans is Zero. Already People are compelled to Suicide due to Misuse of these Laws & Govt is doing nothing to punish such Women. Tomorrow/ Day after Tomorrow this bill will be presented in Parliament & we want that we should come on Roads outside Parliament to oppose this Bill. On 1st May we were arrested from Prime Minister's Residense, , on 9 th August 2013 also we protested against this bill at 10 janpath Sonia Gandhi's House. Please come out on Roads without ant Fear. in Last 2.5 Years i have been Arrested for Public Cause. No Problem with Jobs/ Carrier Because -- Right to Express / Freedom is your Fundamental Right . This is not Crime, therefore no effect on Jobs. This Activity has to be done on Tuesday 13 August 2013.
Please give your Valuable inputs and Confirmations in Advance. No False Promises Please.................. Regard's
Manojj Kr. Vishwakarma-- The Public Solution Factory
Social Activist ,RTI Activist & Scientist
M--09017419231/ 09910597896
Navneet Agarwal (All Indian Men Union) 9837114446
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Protest Against Hindu Marriage Property Bill Amendment
Tuesday at 11:00am
Patel Chock Metro Station, Gate no. 1, Near- Jantar MantarN.Delhi
By Manojj Vishwakarma & Navneet Agarwal
Please Give Your Valuable Ideas/ Suggestions.............. URGENT...!!!
Kind Attention........!!!!! Respected Enlightened Citizens, Activists & Victims of False Cases of Dowery , Domestic Violence , Rape Cases, Sexual Harashment at Work Places Cases........
UPA Government is planning to bring the New Law Hindu Marriage Property Bill called as Ir-revertible Breakdown of Marriage ( IrBM ). According to this Law just after 15 minutes of Marriage she can Apply for the Divorce , you Donot have any Right to oppose and she will take Away your 50% Property like Ancestoral / Parental Home, Land, Agriculture Land, Bank Deposits, Shares, Jewellery. This will Create a way to Greedy women they will marry to Snatch your Property . This Law is Applicable on Hindus only. Their Liablity to Repay Borrowed Money like Loans is Zero. Already People are compelled to Suicide due to Misuse of these Laws & Govt is doing nothing to punish such Women. Tomorrow/ Day after Tomorrow this bill will be presented in Parliament & we want that we should come on Roads outside Parliament to oppose this Bill. On 1st May we were arrested from Prime Minister's Residense, , on 9 th August 2013 also we protested against this bill at 10 janpath Sonia Gandhi's House. Please come out on Roads without ant Fear. in Last 2.5 Years i have been Arrested for Public Cause. No Problem with Jobs/ Carrier Because -- Right to Express / Freedom is your Fundamental Right . This is not Crime, therefore no effect on Jobs. This Activity has to be done on Tuesday 13 August 2013.
Please give your Valuable inputs and Confirmations in Advance. No False Promises Please.................. Regard's
Manojj Kr. Vishwakarma-- The Public Solution Factory
Social Activist ,RTI Activist & Scientist
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