यू. टी. कैडर एजुकेशनल एम्प्लाइज यूनियन को भारत सरकार की मिनिस्ट्री ऑफ़ होम अफेयर्स, नई दिल्ही (इंडिया) का 13 जनवरी, 1992 का एक नोटिफिकेशन मिला है। जिस में ग्रेह मंत्रालय ने चंडीगढ़ प्रशासन को कड़े तरिके से हदायत दी है के चंडीगढ़ यू. टी. में केवल पंजाब के रूल्स और ऑर्डर्स ही लागु किए जाएंगे। इस का मतलब साफ है के चंडीगढ़ प्रशासन के पास अपने रूल बनाने की कोई भी पावर नहीं है। चंडीगढ़ प्रशासन के ऑफिसर्स पंजाब सरकार का वो रूल फॉलो करते है जिस में उन को फायदा होता है और जब नए बच्चों की नौकरी लगने की बारी आती है या जिस रूल से यहाँ के ऑफिसर्स को कोई फायदा नहीं होता तो वो सभी पर सेंटर गवर्नमेंट का रूल लगा देते है। सुप्रीमकोर्ट की कंस्टीटूशन बैंच ने सिविल अपील नंबर 3595-3612-1999 जिस में कर्नाटका स्टेट की उमा देवी के के केस का ज़िकर करते हुए मिनिस्ट्री ऑफ़ पर्सनेल , पब्लिक ग्रिएवंसस एंड पेंशन्स ( डिपार्टमेंट ऑफ़ पर्सनेल एंड ट्रेनिंग ) ने कहा है के जो भी कॉन्ट्रैक्ट एम्प्लॉई को किसी भी सरकारी विभाग में काम करते हुए 10 साल पुरे हो गए हो तो उस को उसी पोस्ट पर रेगुलर कर दिया जाए। अब इस भारत सरकार के फैसले को पंजाब सरकार ने मानते हुए 10 सालो से कॉन्ट्रैक्ट पर काम कर रहे सभी एम्प्लाइज को रेगुलर करने के आर्डर निकाल दिए और सभी कॉन्ट्रैक्ट पर काम कर रहे एम्प्लाइज पक्के भी हो गए। पर अफ़सोस तो यह है के चंडीगढ़ प्रशासन ने अभी तक भी सेंटर गवर्नमेंट और पंजाब सरकार का आर्डर फॉलो नहीं किया। अभी ईएसआई सेंटर के आर्डर के आधार पर चंडीगढ़ यू. टी. के साथ लगती स्टेट हिमाचल प्रदेश ने भी उन कॉन्ट्रैक्ट एम्प्लाइज को पक्का करने का फैसला लिया है जिस को काम करते 10 साल पुरे हो चुके है। यहाँ तक के चंडीगढ़ यू. टी. की म्युन्सिपल कारपोरेशन ने भी पिछले साल डेली वेज पर काम कर रहे 134 फोर क्लास एम्प्लाइज पक्के कर दिए थे। अब देखने वाली बात यह है के यह रूल चंडीगढ़ यू. टी. के शिक्षा विभाग में लगो क्यों नहीं हो रहा। अब हमे यह समझ नहीं आ रहा के चंडीगढ़ यू. टी. में कोण से रूल लगते है। शिक्षा विभाग, चंडीगढ़ यू. टी. में लगभग 172 के करीब कॉन्ट्रैक्ट पर टीचर्स काम कर रहे है और इन सभी को काम करते 18-18 साल हो गए है तो चंडीगढ़ प्रशासन ने इन को पक्का क्यों नहीं किया ?
अब आप को हम बताते है के चंडीगढ़ प्रशासन में रूल्स को लेकर क्या गोलमाल चल रहा है।
अब पंजाब सरकार ने सेव मुक्ति के बाद दो साल की एक्सटेंशन दी तो चंडीगढ़ प्रशासन के ऑफिसर्स ने फायदा देखते हुए जल्द यह रूल अपने ऊपर लगो कर लिया।
1. सेंटर गवर्नमेंट अपने एम्प्लाइज को दिवाली पे बोनस देती है , पर चंडीगढ़ यू. टी. में काम कर रहे किसी भी एम्प्लाइज को यह सुविधा नहीं मिलती क्योकि यहाँ के एम्प्लाइज को यह कह दिया जाता है के आप लोग पंजाब को फॉलो करते हो।
2. जब किसी भी सरकारी एम्प्लाइज की डेथ हो जाती है तो पंजाब सरकार उस एम्प्लाइज के घर के एक मेंबर को सरकारी नौकरी देती है , पर चंडीगढ़ यू. टी. में काम कर रहे किसी भी एम्प्लाइज को यह सुविधा नहीं मिलती क्योकि यहाँ के एम्प्लाइज को यह कह दिया जाता है के आप लोग सेंट्रल गवर्नमेंट के साथ हो।
3. सेंट्रल गवर्नमेंट अपने हर एम्प्लाइज को 12 Casual Leave ही देती है, चाहिए वो पुरष है या महिला। पर पंजाब में महिला को नौकरी लगते समय से ही 20 Casual Leaves मिलनी शुरू हो जाती है और दस साल तक पुरष को केवल 10 Casual Leaves ही मिलती है।
4. सेंट्रल गवर्नमेंट अपने हर एम्प्लाइज को पर बच्चा 1000/- एजुकेशन भत्ता देती है यानि जिन के दो बच्चे है, उन एम्प्लाइज को साल का 24,000/- मिलता है। पर चंडीगढ़ यू. टी. में काम कर रहे किसी भी एम्प्लाइज को यह सुविधा नहीं मिलती क्योकि यहाँ के एम्प्लाइज को यह कह दिया जाता है के आप लोग पंजाब को फॉलो करते हो।
5. पंजाब में कॉन्ट्रैक्ट पर काम कर रहे एम्प्लाइज को पांच साल की सर्विस पूरी होने पर रेगुलर कर दिया जाता है। पर चंडीगढ़ यू. टी. में काम कर रहे किसी भी एम्प्लाइज को यह सुविधा नहीं मिलती क्योकि यहाँ के एम्प्लाइज को यह कह दिया जाता है के आप लोग सेंट्रल गवर्नमेंट के साथ हो।
6. सेंट्रल गवर्नमेंट अपने हर एम्प्लाइज को बेसिक पे के अनुसार कन्वेंस भत्ता देती है। पर पर चंडीगढ़ यू. टी. में काम कर रहे किसी भी एम्प्लाइज को यह सुविधा नहीं मिलती क्योकि यहाँ के एम्प्लाइज को यह कह दिया जाता है के आप लोग पंजाब को फॉलो करते हो।
7. चंडीगढ़ यू. टी. में सर्विस लगने के लिए सेंट्रल गवर्नमेंट की शर्ते लगाई जाती है और पंजाब की सर्विस लगने की शर्तो को दरकिनार कर दिया जाता है।
यू. टी. कैडर एजुकेशनल एम्प्लाइज यूनियन चंडीगढ़ प्रशासन को निवेदन करती है के भारत सरकार की मिनिस्ट्री ऑफ़ होम अफेयर्स, नई दिल्ही (इंडिया) का 13 जनवरी, 1992 का एक नोटिफिकेशन जारी किया जाए और सभी रूल और आर्डर पंजाब के ही माने जाए। और 10-10 सालो से कॉन्ट्रैक्ट पर काम कर रहे सभी एम्प्लाइज को रेगुलर किया जाए।



स्वर्ण सिंह कम्बोज राकेश पूरी
प्रधान जनरल सेक्रेटरी
(09463206019) (9478025192)

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20 साल बाद शनि अमावस्या, जयंती एक साथ

भगवान शनिदेव की कृपा पाने के लिए भक्तों को शनिश्चरी अमावस्या पर इस बार दो दिन उपासना करने का मौका मिलेगा। 4 जून को जहां शनि अमावस्या है,वहीं 5 जून को शनि जयंती मनाई जाएगी। शनिश्चरी अमावस्या पर सर्वार्थ सिद्धि योग,अमृत सिद्धि योग का संयोग बनेगा। शनि जयंती पर रोहिणी नक्षत्र,अमावस्या तिथि और उच्च चंद्रमा का भी योग बना है। ऐसा संयोग करीब 20 साल बाद बन रहा है। इन विशेष संयोगों में भगवान शनिदेव की पूजा-अर्चना और विशेष धार्मिक अनुष्ठान कराने के लिए रामलीला मैदान स्थित शनि मंदिर में विशेष रूप से व्यवस्थाएं जुटाई गई हैं।

ज्योतिषाचार्य पं.शिवशंकर शर्मा ने बताया कि शनिश्चरी अमावस्या 4 जून को सुबह 11.49 बजे से शुरू होगी,जो 5 जून को सुबह 8.30 बजे तक रहेगी। 5 जून को शनि जयंती मनाई जाएगी। चूंकि शनि का जन्म मध्यकाल में होना माना जाता है,इसलिए इस दिन शनि जन्मोत्सव मनाना शास्त्रोक्त रहेगा। शनिवार व रविवार दोनों दिन अमावस्या है। लिहाजा दोनों दिन शनि की उपासना करने के एेश्वर्य की प्राप्ति होगी,क्योंकि शनि देव ऐश्वर्य के कारक हैं।

घटना-दुर्घटना से बचने के लिए शनि का अभिषेक करें

श्री शर्मा ने बताया कि शनि इस समय वृश्चिक राशि में मंगल के घर में संचलन कर रहा है,इसलिए घटना-दुर्घटना से बचने के लिए शनि का अभिषेक करें। इस समय मेष,मिथुन,सिंह,धनु,तुला और वृश्चिक राशि वालों पर शनि की ढैया या साढ़े साती चल रही है। शनि की कृपा पाने के लिए अभिषेक,दान,पुण्य और पूजा-अर्चना करना चाहिए। जिन राशि वाले जातकों पर शनि की साढ़े साती और ढैया चल रही है,वे पूजा व दान से शनिदेव को खुश कर राहत पा सकते हैं।

कैसे करें शनिदेव की पूजा

रामलीला मैदान स्थित नवग्रह शनिधाम मंदिर के पुजारी राजू जोशी ने बताया कि शनिश्चरी अमावस्या पर मंदिर में कई धार्मिक अनुष्ठान होंगे। इनकी तैयारियां चल रही हैं। सुबह अभिषेक के बाद शनिदेव का शृंगार किया जाएगा। इसके बाद विशेष पूजा-अर्चना कराई जाएगी। शनिदेव की कृपा पाने के लिए अनुष्ठान भी कराए जाएंगे। श्री जोशी ने बताया कि प्रत्येक माह की पूर्णिमा और अमावस्या को पितृ-शांति के लिए विशेष पूजा करनी चाहिए। इस दिन सुबह पीपल के पेड़ पर या शनिदेव की प्रतिमा पर काला तिल युक्त जल अर्पित करना चाहिए। शशनि जयंती पर तेल से अभिषेक करने के साथ दशरथ स्रोत का पाठ करें। शनि जयंती पर काली वस्तुओं का दान करना श्रेष्ठ रहेगा।

शनि जयंती के मौके पर खरीदी के लिए शुभ संयोग

शनि जयंती पर विशेष संयोग बनने के साथ ही खरीदी का श्रेष्ठ मुहूर्त है। इस दिन स्थायीजय योग भी होगा। ज्योतिषियों की मानें तो इस दिन बन रहे योग में बाजार से आभूषण,वाहन आदि की खरीदी शुभ व स्थायित्व को प्रदान करने वाली रहेगी।
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O Lord, look not upon my evil qualities
Thy name, O Lord, is Same-Sightedness
Make of us both the same Brahman!

One drop of water is in the sacred Jumna,
And another is foul in the ditch by the roadside,
But, when they fall into the Ganges ,
both alike become holy.

So Lord, look not upon my evil qualities
Thy name, O Lord, is Same-Sightedness,
Make of us both the same Brahman!

One piece of iron is the image in the temple,
And another is the knife in the hand of the butcher,
But when they touch the philosopher’s stone,
both alike turn to gold.

So, Lord, look not upon my evil qualities,
Thy name, O Lord,  is Same-Sightedness
Make of us both the same Brahman!
~Sant Surdas
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