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~~~ :: वक्त की धारा :: ~~~

मैंने .. हर रोज .. जमाने को .. रंग बदलते देखा है ....
उम्र के साथ .. जिंदगी को .. ढंग बदलते देखा है .. !!

वो .. जो चलते थे .. तो शेर के चलने का .. होता था गुमान ..
उनको भी .. पाँव उठाने के लिए .. सहारे को तरसते देखा है !!

जिनकी .. नजरों की .. चमक देख .. सहम जाते थे लोग ..
उन्ही .. नजरों को .. बरसात .. की तरह ~~ रोते देखा है .. !!

जिनके .. हाथों के .. जरा से .. इशारे से .. टूट जाते थे ..पत्थर ..
उन्ही .. हाथों को .. पत्तों की तरह .. थर थर काँपते देखा है .. !!
जिनकी आवाज़ से कभी .. बिजली के कड़कने का .. होता था भरम ..
उनके .. होठों पर भी .. जबरन .. चुप्पी का ताला .. लगा देखा है .. !!

ये जवानी .. ये ताकत .. ये दौलत ~~ सब ख़ुदा की .. इनायत है ..
इनके .. रहते हुए भी .. इंसान को ~~ बेजान हुआ देखा है ... !!

अपने .. आज पर .. इतना ना .. इतराना ~~ मेरे .. युवा यारों ..
वक्त की धारा में .. अच्छे अच्छों को ~~ मजबूर हुआ देखा है .. !!!

कर सको......तो किसी को खुश करो......दुःख देते ........तो मेने हजारों को देखा है....

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ॐ - and its benifits to human body
ॐ ॐ के 11 शारीरिक लाभ: ॐ अर्थात् ओउम् तीन अक्षरों से बना है , जो सर्व
विदित है । अ उ म् । "अ" का अर्थ है उत्पन्न होना , " उ" का
तात्पर्य है उठना , उड़ना अर्थात् विकास , " म" का
मतलब है मौन हो जाना अर्थात् "ब्रह्मलीन" हो जाना। ॐ
सम्पूर्ण ब्रह्माण्ड की उत्पत्...

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