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सच्ची भक्ति की आखे देखे जहा,
निसंदेह पाती हे कृष्ण को वहा ।।
जिसने त्यागा 'मै','मेरा'दि असत्यका रूप,
उसने ही जाना सत्य का स्वरुप ।।
जो न दिख सके तन की आँखोसे,
वही दिख जाते हे भक्तिकी आँखोसे ।।
परब्रह्म कृष्ण वैसे तोह हे निराकार ,
किन्तु लेते हे हमारे लिए अवतार ।।
पढ़ी जिसने भगवदगीता एक बार
जान जाता हे वह जीवन का सार ।।
जय जय श्री राधेकृष्ण ।।

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जो हे वह सिर्फ कृष्ण हे 
सब उन्हिसे हे और 
उन्हीमें समां जायेगा |
बोलो भगवान श्री कृष्णचन्द्र की जय |

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koffee  wid  krishna
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सुदामा - मित्रता का असली मतलब क्या होता हे ?

श्री कृष्ण - जहा मतलब होता हे वहा मित्रता कहा होती हे !

|| जय श्री कृष्ण ||

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क्या आपको पता हे की महाराज परीक्षित जो की अभिमन्यु के पुत्र और अर्जुन के पौत्र थे वो कलियुग को रोक सकते थे किन्तु उन्होंने ऐसा नहीं किया | क्योकि

कलियुग में कोई भी मनुष्य थोडासा परिश्रम करके भी बड़ा पुण्य प्राप्त कर सकता हे.
सत्ययुग में जो पुण्य १० साल की तपस्या से मिलता हे वही त्रेतायुग में एक साल में ,द्वापारयुग में एक महीने में ,और कलियुग में सिर्फ एक दिन(दिन आर रात्र) में ही मिल जाता हे.

तो वो कैसे रोक सकते थे,कैसे इस अवसर को सबसे दूर कर सकते थे | जो होता हे अच्छे के लिए ही होता हे|
इसलिए पूरी श्रद्धा और प्रेम से आराधना करे श्री कृष्ण जी की |

DO YOU KNOW THAT KING PARIKSHIT(SON OF ABHIMANYU AND ALSO GRANDSON OF ARJUNA) THAT TIME WERE ABLE TO STOP KALIYUGA BUT HE DID NOT STOPPED HIM. WHY?
HERE IS THE ANSWER

IN SATYAYUGA ONE CAN EARN REWARD OR BLESSINGS BY DOING 10 YEARS OF PENANCE AND THE SAME REWARD CAN BE EARNED IN TRETAYUG BY DOING 1 YEAR OF PENANCE ,IN DWAPARYUGA IN 1 MONTH OF PEANANCE AND IN KALIYUGA SAME REWARD CAN BE EARNED IN ONLY ONE DAY(DAY AND NIGHT).

SO CHANT GLORIES OF SHRI KRISHNA,AND THIS MANTRA "JAI SHREE KRISHNA".

|| जय श्री कृष्ण ||
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