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मसूड़ों से खून , पायरिया



मसूड़ों से खून आना एक आम समस्या है। सुन्दर और स्वस्थ मसूड़े अच्छे स्वास्थ्य की निशानी है। लेकिन जब दाँतों पर प्लाक (पीला सा मैल )

जम जाता है तो दांत और मसूड़े के बीच जगह बन जाती है और यहाँ संक्रमण के कारण मसूड़े में सूजन पैदा हो जाती है। इसे जिंजीवाइटिस

( Gingivitis ) कहते हैै। दाँतो पर से प्लाक या मैल की सफाई नहीं होने पर यह टार्टर में बदल जाता है। इससे मसूड़ों में खून व पस आना

शुरू हो जाता है और समस्या गंभीर होकर पेरिडोनटाइटिस ( Peridontitis ) नामक बीमारी में बदल जाती है। इसे ही पायरिया Payriya

या पायोरिया payoriya के नाम से जाना जाता है। इसके कारण मसूड़े की हड्डी गल जाती है , दाँत गिर जाते है , मुंह से बदबू आती है।

खाना पीना , बातचीत करना मुश्किल हो जाता है।





पहले पायरिया को सिर्फ दाँत या मसूड़े की सामान्य बीमारी समझा जाता था। परंतु अब यह पता लग चुका है कि इसकी शुरुआत भले ही मुंह

से होती है ,लेकिन यह एक गंभीर बीमारी है जिसके परिणाम स्वरुप हार्ट अटेक , स्ट्रोक , डायबिटीज कंट्रोल करने में परेशानी , साँस की

परेशानी , पाचन की गड़बड़ी , अग्नाशय में संक्रमण आदि भी हो सकते है।

गर्भवती महिलाओं में इसके कारण समय से पहले डिलीवरी , बच्चेका जन्म के समय कम वजन आदि परेशानी पैदा हो सकती है। अतः समय

से पायरिया का उपचार होना आवश्यक है।



पायरिया के लक्षण



कृपया ध्यान दें : किसी भी लाल रंग से लिखे शब्द पर क्लिक करके उसके बारे में पूरी जानकारी पा सकते है।
— ब्रश करने के दौरान या बाद में मसूड़ों से खून आना। सेब ( apple ) , अमरुद जैसे कड़क फल जैसी चीजें दाँत से काटकर खाने पर खून

आना।

— मसूड़ों का लाल होना , सूजन आना या नरम पड़ना।

— लगातार मुंह से बदबू आना या मुंह का स्वाद ख़राब रहना।

— दाँत और मसूड़े के बीच जगह अधिक बढ़ना।

— दाँत का हिलना या अपनी जगह से खिसकना।



मसूड़ों से खून , पायरिया के कारण



पायरिया का मुख्य कारण दाँतो और मसूड़ों की सही तरीके से देखभाल नहीं करना होता है। मसूड़े और दांत के बीच की जगह में मेल या

प्लाक जमा होने से यह समस्या उत्पन्न होती है। प्लाक के कारण धीरे धीरे दांत और मसूड़े के बीच जगह बढ़ती जाती है। इसमें संक्रमण हो

जाता है। संक्रमण बढ़ने पर जगह और गहरी होती चली जाती है। मसूड़े गल जाते है और उनसे खून और पस आने लगता है। दांत हिलने

लग जाता है और अंत में गिर जाता है।



गलत तरीके से दांतों की सफाई या गलत तरीके से ब्रश करने से दांतों पर जमा प्लाक की सफाई नहीं हो पाती। इस वजह से समस्या बढ़

जाती है। इसके अलावा बहुत दबा के ब्रश करने से मसूड़े छिल सकते है। गलत तरीके से फ्लॉस का उपयोग करने से भी मसूड़ों में चोट लग

सकती है जो संक्रमण का कारण हो सकता है। ये सब पायरिया का कारण बन सकते है।



टूथ पिक का अधिक उपयोग करने से मसूड़ों को नुकसान पहुँच सकता है। जिसके कारण समस्या बढ़ सकती है। टूथ पिक का गलत तरीके

से काम में लेने से दांतो के बीच की जगह बढ़ती चली जाती है जिसमे खाने की वस्तु ज्यादा फंसने लगती है। यह संक्रमण बढ़ने का कारण

बन सकता है।



गुटका , तम्बाकू , सुपारी , पान आदि के अधिक उपयोग से मसूड़ों में घाव हो सकते है। गुटका सुपारी आदि कड़क होने के कारण मसूड़े को

नुकसान पहुँचाते है। सुपारी आदि चबाने से उसमे लगातार चोट पहुंचती रहती है और घाव बढ़ता चला जाता है। इसका परिणाम संक्रमण के

रूप में सामने आता है। धूम्रपान भी मसूड़े के लिए हानिकारक होता है। धूम्रपान के कारण क्षतिग्रस्त मसूड़ों को ठीक होने का समय भी नहीं

मिल पाता और मसूड़े की कार्यक्षमता भी कम हो जाती है।



पोष्टिक भोजन लेना शरीर के प्रत्येक अंग के लिए जरुरी होता है। मसूड़े और दांतों के स्वास्थ्य के लिए भी विटामिन , खनिज आदि से युक्त

भोजन आवश्यक होता है। इससे प्रतिरोधक क्षमता भी बनी रहती है और संक्रमण बढ़ता नहीं है। पौष्टिक भोजन की कमी जल्द ही मसूड़े

ख़राब कर सकती है। विशेष कर विटामिन C तथा विटामिन K की कमी नहीं होनी चाहिए।




किसी किसी को मीठा अधिक खाने की आदत हो जाती है। इससे मुंह में एसिड अधिक बनता है जो दांतों और मसूड़ों के लिए हानिकारक

होता है। यह संक्रमण का कारण बन जाता है।



माहवारी के समय , गर्भावस्था में तथा मेनोपॉज होने पर हार्मोन में बदलाव होने से मसूड़े अधिक संवेदनशील हो जाते है। जिसके कारण मसूड़ों

में सूजन आ सकती है। ऐसे में ज्यादा सावधान रहने की जरुरत होती है।



डायबिटीज के कारण या कुछ अन्य बीमारी के कारण प्रतिरोधक क्षमता कम होने पर मसूड़ों में संक्रमण होकर पायरिया हो सकता है।



नकली दाँत या बत्तीसी के सही फिट नहीं होने के कारण मसूड़े पर लगातार चोट लगते रहने से संक्रमण हो सकता है। मसूड़े में लगी चोट का

उपचार नहीं होने पर भी परेशानी पैदा हो सकती है।



अनुवांशिकता के कारण मसूड़े यदि कमजोर हों यानि परिवार में किसी को कमजोर मसूड़े के कारण पायरिया हो तो आप भी इसके शिकार

हो सकते है। अतः ज्यादा ध्यान रखना चाहिए।



मसूड़ों से खून , पायरिया से बचाव



— नर्म ब्रिसल वाला ब्रश काम में लेना चाहिए। इससे सुबह और रात को सोते समय ब्रश से दाँतों की सफाई सही तरीके से करनी चाहिये।

सही तरीके से ब्रश करना डेंटिस्ट से सीख लेना चाहिए। कुछ भी खाने के बाद कुल्ला करके मुंह साफ कर लेना अच्छा रहता है। इससे प्लाक

नहीं जमेगा।



— कुछ लोग जेब में या पर्स में खाने का सामान रखते है और थोड़ी थोड़ी देर में उसे मुंह में डालकर खाते रहते है। इस आदत से बचना चाहिए।



— पौष्टिक भोजन लेना चाहिए। ताकि प्रतिरोधक क्षमता बनी रहे और संक्रमण नहीं हो पाये।



— तम्बाकू , गुटका , सुपारी , पान आदि न खाएं। इनकी वजह से मसूड़े क्षतिग्रस्त हो जाते है और उनमे संक्रमण हो जाता है। धूम्रपान करने से

भी मसूड़े ख़राब होते है। अतः सिगरेट बीड़ी आदि का उपयोग नहीं करना चाहिए।



— नकली दाँत या नकली बत्तीसी काम ले रहे है तो चेक करवा लें कही इसके कारण मसूड़े को चोट तो नहीं पहुँच रही है।



— हर छः महीने में डेंटिस्ट के पास जाकर दाँत और मसूड़े चेक करवा लेने चाहिए।



मसूड़ों से खून , पायोरिया के घरेलु नुस्खे



पायोरिया के लिए मंजन



सेंधा नमक – 30 ग्राम

बादाम का जलाया हुआ छिलका – 10 ग्राम

कपूर – 1 ग्राम

काली मिर्च – 5 ग्राम

फिटकरी भस्म – 2 ग्राम

अकरकरा – 2 ग्राम

लौंग – 2 ग्राम



इन सबको मिलाकर बारीक पीस लें। इस मंजन को सुबह शाम दांतों पर हलके हाथ से मलें। कम से कम आधा घंटे रखने के बाद ही कुल्ला

करें। इससे पायोरिया ठीक होता है। मसूड़ों से खून आना बंद होता है।



— सेंधा नमक बारीक पीस कर कपडे से छान लें। इसमें से तीन चुटकीनमक हथेली में लेकर इसमें सरसों का तेल मिलाकर पतला लेप बना

लें। अंगुली की मदद से इसकी बहुत हलके से मसूड़ों पर मालिश करें। फिर हलके गुनगुने पानी से कुल्ला कर लें। कुछ दिन नियमित इस

प्रकार रोजाना दिन में दो बार मालिश करने से मसूड़ों की सूजन , मसूड़ों में टीस चलना बंद होता है तथा फूले मसूड़ों से खून गिरना बंद होता

है।



— सरसों के तेल व हल्दी का बारीक पाउडर मिलाकर रात को सोते समय नियमित कुछ दिन हलके हाथ से मालिश करने से मसूड़े दर्द

करना , मसूड़ों में खून आना आदि में बहुत लाभ होता है।



— कैस्टर ऑइल में कपूर मिलाकर लगाने से मसूड़ों से खून आना बंद होता है।



— नारंगी के छिलके सूखा लें। इन्हें पीस कर बारीक चलनी से छान लें। इस चूर्ण से सुबह शाम नियमित मंजन करने से पायरिया ठीक हो जाता

है।



— अमरुद के ताजा पत्ते चबाने से मसूड़े और दांत मजबूत होते है मसूड़ों से खून आना बंद होता है। पत्ते निगलना नहीं है , थूक देना है।



— आधा चम्मच शहद में दो बूँद नींबू का रस मिलाकर मसूड़ों पर लगाने से मसूड़ों से खून निकलना बंद होता है।



— अनार के फूल तथा अनार के पत्ते छाया में सुखा कर बारीक पीस लें। इसे मंजन की तरह सुबह शाम उपयोग में लेने से मसूड़ों से खून व

पीप आना बंद होता है।



— आम की गुठली की गिरी को बारीक पीस कर मंजन की तरह सुबह शाम काम में लेने से पायोरिया ठीक होता है।



— सुबह खाली पेट पालक का रस और गाजर का रस मिलाकर नियमित पीने से पायोरिया ठीक होता है। पालक को कच्चा ही चबाकर खाने

से भी लाभ होता है।



— तिल के तेल से गण्डूष क्रिया ( Gandush Kriya ) करने से मसूड़े मजबूत होते है और पायरिया ठीक होता है। इस क्रिया के लिए दो चम्मच

तिल का तेल (Sesame Oil ) मुंह में भर लें। इसे 4 5 मिनट तक मुंह में घुमाते रहें , फिर थूक दें। इससे मुंह के सभी प्रकार की समस्या में

आराम मिलता है।



मसूड़े , पायोरिया तथा दाँतों के लिए आयुर्वेदिक मंजन



दालचीनी , काली मिर्च , भुना हुआ धनिया , भुना हुआ नीला थोथा , कपूर कचरी , सेंधानमक , मस्तगी , चोपचीनी – सभी 10 10 ग्राम।

पपड़िया कत्था – 20 ग्राम , माजूफल – 5 नग।

( पंसारी के यहाँ ये सभी वस्तुएं मिल सकती है )



इन सबको मिलाकर बारीक पीस लें। बारीक चलनी से छानकर किसी बोतल में भरकर कर रख लें। यह मंजन नियमित रूप से सुबह शाम

उपयोग करने से दाँत और मसूड़े लंबे समय तक मजबूत और स्वस्थ बने रहते है। इससे पायरिया भी मिटता है।
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