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Okay, I feel suffocated in crowd but I don't have problem with the crowd of books around me. Becoz they are my frnds n they don't feel irritation to behavior.....
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इन लम्हों के दामन - In Lamhon Ke Daaman (Jodhaa Akbar, Sonu Nigam, Madhushree)

Movie/Album: जोधा अकबर (2008)
Music By: ए आर रहमान
Lyrics By: जावेद अख्तर
Performed By: सोनू निगम, मधुश्री

इन लम्हों के दामन में
पाकीज़ा से रिश्ते हैं
कोई कलमा मोहब्बत का
दोहराते फ़रिश्ते हैं
खामोश सी है ज़मीं
हैरान सा फ़लक है
इक नूर ही नूर सा
अब आसमां तलक है

नगमें ही नगमें हैं जागती-सोती फ़िज़ाओं में
हुस्न है सारी अदाओं में
इश्क है जैसे हवाओं में

कैसा ये इश्क है, कैसा ये ख्वाब है
कैसे जज़्बात का उमड़ा सैलाब है
दिन बदले, रातें बदली, बातें बदली
जीने के अंदाज़ ही बदले हैं
इन लम्हों के दामन...

समय ने ये क्या किया
बदल दी है काया
तुम्हें मैंने पा लिया
मुझे तुमने पाया
मिले देखो ऐसे हैं हम
कि दो सुर हों जैसे मद्धम
कोई ज़्यादा ना कोई कम
किसी राग में
के प्रेम आग में
जलते दोनों ही के
तन भी हैं मन भी
मन भी हैं तन भी

मेरे ख़्वाबों के इस गुलिस्ता में
तुमसे ही तो बहार छाई है
फूलों में रंग मेरे थे लेकिन
इनमें खुश्बू तुम्हीं से आई है

क्योँ है ये आरज़ू, क्योँ है ये जुस्तजू
क्योँ दिल बेचैन है, क्योँ दिल बेताब है
दिन बदले, रातें बदली, बातें बदलीं
जीने के अंदाज़ भी बदले हैं
इन लम्हों के दामन में...

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I always want to write like this -

ओढ़ के धानी रीत की चादर 
आया तेरे शहर में राँझा तेरा 
दुनिया ज़माना झूठा फ़साना  
जीने मरने का वादा सांचा मेरा 
हो शीश-महल ना मुझको सुहाये 
तुझ संग सूखी रोटी भाये 
मन मस्त मगन  
मन मस्त मगन बस तेरा नाम दोहराये

―― Amithabh bhatayacharye
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जो भी मैं कहना चाहूँ
बर्बाद करे, अल्फाज मेरे.....


Ya ya ya....
Ya ya ya ye hmm....
Ya ya ya hmm..... (ya ya ya hmm)
O ya ye (o ya ye.....)
Ya ya ya ya..... (ya ya ya.....)
O o o .. (o o o ..)
O o o o.. (o o o o..)

Jo bhi main, kehna chahoon
Barbaad karein alfaaz mere
Alfaaz mere...

O ya ye.....

Jh jh...♪ ♫..chh chh...♪ ♫

Kabhi mujhe lage ki jaise
Saara hi ye jahaan hai jaadu
Jo hai bhi aur nahi bhi hai ye
Fiza, Ghata, Hawaa, Baharein
Mujhe karein ishaare ye
Kaise kahoon
Kahani main innki

Jo bhi main kehna chahoon
Barbaad karein, alfaaz mere
Alfaaz mere

O ya ye
O ya ya ya (ya ya ya)
O ya ya ya (ya ya ya)

Maine yeh bhi socha hai aksar
Tu bhi main bhi sabhi hai sheeshe
Khudhi ko hum sabhi mein dekhein
Nahin hoon main hoon main toh phir bhi
Sahi galat, tumhara main
Mujhe paana, paana hai khud ko

Jo bhi main (o yea)
kehna chaahoon (o yea)
Barbaad kare alfaaz mere (o yea)
Alfaaz mere (o yea)

Ya ya yea yea
Oo yea yea.... oo oo ..


__ Irshad kamli
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