Post has attachment

Post has attachment
Dijamin jitu

Post has attachment

Post has attachment

Post has attachment

Post has attachment
मैने पूछा झूम झूम फांसी कैसे चंढ जाते थे..
नंगे पैर अग्नि के अंगारों पर कैसे चले जाते थे..
वे बोले जैसे दीपक पर बलिदान पतंगा होता है..
मृत्यु भयभीत नहीं करती जब हाथ तिरंगा होता है https://youtu.be/gxh8pK3dY9c सुना है बहुत बारिश है तुम्हारे शहर में,
ज्यादा भीगना मत..
अगर धूल गई सारी ग़लतफहमियां,
तो फिर बहुत याद आएंगे हम |

Post has attachment

Post has attachment

Post has attachment

Post has attachment
Wait while more posts are being loaded