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The build-up, arrival and the departure for one more year of Ma Durga, 2017

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So much for Modi's admonition to his people to watch what they are saying. Here's this BJP man calling Mamata Banerjee Surpanakha. #t #f

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This lively photo was captioned - "Thanks for the baby, Superman". #t #f

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Today you go to bank branch you will see one executive sitting and typing like anything on the computer. And you will think, “Oho future of country is brighter than 200 watt bulb, look at the hardworking youths!” Ha ha ha. Lies and chicanery. Hardworking youth is sitting and putting bio data on matrimonials website during working hours. #t #f

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What a great photo of Dev Anand and Dilip Kumar bonding during their heydays.

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The little girl of #Kathua

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নতুন আশা নতুন রোদ
নতুন আলো নতুন ভোর
মিষ্টি হাঁসি দুষ্টু চোখ
স্বপ্ন গুলো সফল হোক
শুভ নববর্ষ

A transliteration:

[ New hope new daylight
New illumination new dawn
Sweet smile, mischievous eyes
May your dreams come true
Wishing you an auspicious new year ]
Photo

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Processions, street performances and tableaus in Kolkata to celebrate Bengali new year.

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I Sent the Horses Back Home by Anonymous
Translated into Hindi by Hridayesh Joshi

मां
घोड़े घर पहुंच गये होंगे
मैंने उन्हें रवाना कर दिया था
उन्होंने घर का रास्ता ढूंढ लिया ना मां

लेकिन मैं खुद आ न सकी
तुम अक्सर मुझे कहा करती
आसिफ़ा इतना तेज़ न दौड़ा कर
तुम सोचती मैं हिरनी जैसी हूं मां
लेकिन तब मेरे पैर जवाब दे गये

फिर भी मैंने घोड़ों को घर भेज दिया था मां

मां वो अजीब से दिखते थे
न जानवर, न इंसान जैसे
उनके पास कलेजा नहीं था मां

लेकिन उनके सींग या पंख भी नहीं थे
उनके पास ख़ूनी पंजे भी तो नहीं थे मां
लेकिन उन्होंने मुझे बहुत सताया



मेरे आसपास फूल, पत्तियां, तितलियाँ
जिन्हें मैं अपना दोस्त समझती थी
सब चुप बैठी रही मां
शायद उनके वश में कुछ नहीं था

मैंने घोड़ों को घर भेज दिया

पर बब्बा मुझे ढूंढते हुये आये थे मां
उनसे कहना मैंने उनकी आवाज़ सुनी थी
लेकिन मैं अर्ध मूर्छा में थी
बब्बा मेरा नाम पुकार रहे थे
लेकिन मुझमें इतनी शक्ति नहीं थी
मैंने उन्हें बार बार अपना नाम पुकारते सुना
लेकिन मैं सो गई थी मां
अब मैं सुकून से हूं
तुम मेरी फिक्र मत करना

यहां जन्नत में मुझे कोई कष्ट नहीं है
बहता खून सूख गया है
मेरे घाव भरने लगे हैं
वो फूल, पत्तियां, तितलियाँ
जो तब चुप रहे
उस हरे बुगियाल के साथ यहां आ गये हैं
जिसमें मैं खेला करती थी

लेकिन वो.. वो लोग अब भी वहीं हैं मां
मुझे डर लगता है
ये सोचकर

उनकी बातों का ज़रा भी भरोसा मत करना तुम
और एक आखिरी बात
कहीं भूल न जाऊं तुम्हें बताना मैं
वहां एक मन्दिर भी है मां
जहां एक देवी रहती है
हां वहीं ये सब हुआ
उसके सामने
उस देवी मां को शुक्रिया कहना मां
उसने घोड़ों को घर पहुंचने में मदद की | #t #f

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Bengali New Year - How the Hilsa ( ইলিশ মাছ ) unites the two Bengals. #t #f
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