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prabhatjankipul
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कला-साहित्य का पुल- कानकी पुल
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प्रकृति करगेती के कविता संग्रह से कुछ कविताएँ
इस साल पुस्तक मेले में खूब कविता की किताबें आई. पिछले साल कम आई थी. जाने-पहचाने कवियों की किताबें आई कुछ चुपचाप कवियों की भी. प्रकृति करगेती का पहला कविता-संग्रह 'शहर और शिकायतें' चुपचाप कवि की किताब है. प्रकृति को कहानियों के लिए पुरस्कार मिल चुका है, कवित...

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पद्म पुरस्कारों के आगे पीछे
भारत सरकार के पद्म पुरस्कारों की घोषणा होने वाली है. पद्म पुरस्कारों को लेकर सदानंद पॉल ने एक रोचक लेख लिखा है- मॉडरेटर  ======================= भारत की आबादी 125 करोड़ से भी कई करोड़ अधिक है , किन्तु भारत सरकार द्वारा प्रतिवर्ष
गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या (...

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दिव्या विजय की कुछ कविताएँ
युवा लेखिका दिव्या विजय कविताएँ भी लिखती हैं. उनकी कुछ छोटी छोटी कविताएँ- मॉडरेटर  =============================================================== अक्सर जब मुझे रात में नींद नहीं आती तो उसकी वजह अब तुम नहीं होते **** तुम मेरे कोई नहीं तुमने मात्र एक बार क...

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जब नाश मनुज पर छाता है वह नारायण बन जाता है
नॉर्वे-प्रवासी मूल मिथिला निवासी पेशे से डॉक्टर वेशे से व्यंग्यकार प्रवीण कुमार झा आजकल फेसबुक पर किसिम किसिम का संगीत ज्ञान देने लेने में लगे थे. लेकिन यूपी की चुनाव लीला देखकर लगता है उनसे रहा नहीं गया. प्रकट हुए नारायण अवतार में- मॉडरेटर  ===============...

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उपासना झा की कहानी 'सारा आकाश'
इधर युवा लेखिका उपासना झा की रचनाओं ने सबका ध्यान आकर्षित किया है. विषय, भाषा, संतुलन, भाषा का संयम. उनकी रचनाओं को पढ़ते हुए यह लगता ही नहीं है कि किसी युवा लेखक को पढ़ रहे हों. जैसे यह कहानी- मॉडरेटर  ============ रात भर तेज़ बारिश हुई थी। आँगन में , लान में...

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लद्दाख में कोई रैंचो नहीं रहता
आज दिल्ली विश्व पुस्तक मेले का आखिरी दिन है. इस मेले में एक किताब रामजी तिवारी की आई है 'लद्दाख में कोई रैंचो नहीं रहता' .  वाणी प्रकाशन से प्रकाशित इस किताब में अंडमान, लद्दाख, थाईलैंड, केरल और बलिया के एक पिछड़े इलाके के यात्रा संस्मरण दर्ज हैं. सुबह सुबह ...

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खोदा पहाड़ निकला अकबर!
अकबर इतिहास के ऐसे नायक हैं जिनके साथ इतिहास ने सदा न्याय किया है.
आम तौर पर साहित्य में वे किरदार नायक बनते आए हैं जिनके साथ इतिहास न्याय नहीं कर
पाता. चाहे महराना प्रताप हों या दारा शिकोह इतिहास में इनके ऊपर जितना नहीं लिखा
गया है साहित्य में लिखा गया है....

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रेडियो कोसी के लेखक पुष्यमित्र से बातचीत
रेडियो कोसी असल में एक अंचल की कहानी है. लेखक पुष्यमित्र से जानकी पुल ने एक बातचीत इसी उपन्यास को लेकर की- मॉडरेटर  ================== 1. रेडियो कोसी उपन्यास में क्या है ? कोसी की एक ही कहानी है , जो रेणु जी ने परती परिकथा में लिखी , नागार्जुन ने वरुण के बे...

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सीता का तीसरा निर्णय
 देवदत्त पट्टनायक की पुस्तक सीता के पांच निर्णय का एक अंश. किताब राजपाल एंड सन्ज प्रकाशन से आई है. अंग्रेजी से इसका अनुवाद मैंने किया है- प्रभात रंजन  =================================== समुद्र के ऊपर बहुत लम्बी यात्रा के
बाद सीता ने खुद को लंका द्वीप में प...

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2016 में अनुवाद की कुछ किताबें
2016 की अनुवाद पुस्तकों पर एक लेख आजकल पत्रिका के लिए लिखा था. आज प्रस्तुत कर रहा हूँ- प्रभात रंजन  =========== हिंदी इस अर्थ में भी अखिल भारतीय भाषा कही जा
सकती है कि हिंदी में प्रकाशित होने वाली पुस्तकों में प्रत्येक साल एक बड़ा हिस्सा
विभिन्न भाषाओँ से अन...
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