Profile cover photo
Profile photo
prabhat semwal
About
Posts

Post has attachment
तू बोळ की आस मा
घोणा बादल छंटै जाला त्यरा ते अगास मा जी लै आज ज्यु भरिक कब तलक मन्नु रालु तू बोळ की आस मा      प्रभात सेमवाल (अजाण )सर्वाधिकार सुरक्षित

Post has attachment
भली नि लगदी
मी भली नि लगदी तीरि स्या दुन्या जख मुखड़ो पर सबुका मुखड़ा लग्यां  हेसणा छ झूटी हेंसी  सब्बी का सब्बी  अर मन का  टुकड़ा -टुकड़ा  हुयां     प्रभात सेमवाल (अजाण )सर्वाधिकार सुरक्षित          

Post has attachment
हिमालै himalai
ऊँचा हिमालै मा न कबि बसंत औन्दु न कबि हरु भरु रैंदु न कबि डाई ज़मदी न कबि घास खिलदी सदानि ही ह्यून डक्यू रैंदु जू ह्यूं गद्न्यों मा बगिक दून्या कि तीस बुजान्द अर सैरी दून्या तेन हिमालै की परिभाषा बिगांद प्रभात पहाड़ी (अजाण ) सर्वाधिकार सुरक्षित

Post has attachment
तीरि खुद
तीरि खुद लगदी मैं भारी ओखी बिंडी म्यारी लाचारी बडुलि लगदी मी घुटि-घुटि पर क्या कन य पापी ड्यूटी घर ओणा मन बोल्दु पर मिलदी नि जरा सी छुट्टी उनि दींदू मैं मन तेन मारी परदीसी मुलुक बडू दूर छन त्वै बिगर कतै मणदु नि मन क्या जी कैमा जरा भि ब्वन भेद कैमा मन कु ख्व...

Post has attachment
औधुं तुडिना मीरि आस
औधुं तुडिना मीरि आस रैगैन अब आखिरि सांस ब्याळी तक थौ हरु भरु आज जमीं छ सूखि घास द्यो द्यबता  पूज्यालि मिन जरा भि नि पाई कैकु जस सारू त्यारू अब रैगी सिरप बाकि कैकु नि रै बिसवास ऐजा झट अर भुजै दे अब म्यरा जिकुड़ा की प्यास         प्रभात सेमवाल (अजाण )सर्वाधिका...

Post has attachment
बोंयु पराण त्यारू खोयुं रैजाण
बोंयु पराण त्यारू खोयुं रैजाण यक दिन सब्बि इखि छूटि जाण यु मनखि जनम करिलै तु करम फेर नि पाण तिन फेर नि पाण कर दया धरम दुःखो न कैकु भरम तव पछताण तिन तव पछताण लोभ लालच कु त्यारू सारू फेरु इखि छूटि जाण इखि छूटि जाण ये जनजाळ मा अळझि अळझि उनि रै जाण तीरि कुटि पी...

Post has attachment
म्यरा भिगुन
फोनु पंछी डांडी काँठी सब्बि ह्वैगि सुन्न म्यरा भिगुन हरी डाई गै सूखि धरती भि भूखि म्यरा भिगुन तिसाळा हुंयाँ धारा बांझी छ सार म्यरा भिगुन सुन्नी छ तिबार ख़ाली गौं गुठ्यार म्यरा भिगुन सब्बि चलिगै छूड़ि मुख इख मूड़ि म्यरा भिगुन प्रभात सेमवाल (अजाण )सर्वाधिकार सुर...

Post has attachment
तीरी आँख्यून मैतें गैल्या प्रीत सिखै
तीरी आँख्यून मैतें गैल्या प्रीत सिखै प्रीत सिखै तैन गैल्या बिसरी न जै म्यरा मन नि पत्ता थो प्रीत क्या छै पर तीरी मिठ्ठी बातोन मैतें अळझै अब मन ख्याल आई जब तु निडू निरै बेखबर ये मन तें तु लूटि लिगै आँख्यून आँख्यून तिन माया बिंगै अब समझ माया आई मन दियालि त्वै...

Post has attachment
मैतें माया समझावा
हेजी माया न लगावा लैलि माया त निभावा उनि आँख्युन रिझावा अबत निडू ऐई जावा मैतें माया समझावा हुन्दी माया क्या अख़िर किलै तुड़ि दींदि य धीर छूड़ि बौड़ी ओंदी नि फीर किलै क्वी बिंगैक जावा मैतें माया समझावा क्या छ माया कु उलार बौड़ि ल्योंद मन मौल्यार पौजि जांदी सुखि न...

Post has attachment
मेल्वाड़ि घुघती
मेल्वाड़ि घुघती का सुणीक गीत आँख्युन आँसू औन्द मनमा मा प्रीत बसंत डांडयों मा औन्दू बौड़िक हर्ष सि मन जान्दु गोइक जाणी क्या पहाड़ की प्यारी रीत ह्युंदै लंबी लंबी राति  नि कटैन्द मन ही मनमा खुद सै लैन्दी भारी खदेड़ हुंदी ऋतु या शीत सुपिन्या मन छखि सजै रखदी जाणि क...
Wait while more posts are being loaded