तनहाई कविता
तनहाई में फरियाद… तनहाई में फरियाद तो कर सकता हूँ, वीराने को आबाद कर सकता हूँ, जब चाहूँ तुम्हे मिल नहीं सकता, लेकिन जब चाहूँ तुम्हे याद कर सकता हूँ | #शायरी
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