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दिल से दिल तक शायरी
दिल से दिल तक... जब कोई ख्याल दिल से टकराता है ॥ दिल ना चाह कर भी, खामोश रह जाता है ॥ कोई सब कुछ कहकर, प्यार जताता है॥ कोई कुछ ना कहकर भी, सब बोल जाता है ॥
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दिल से दिल तक... जब कोई ख्याल दिल से टकराता है ॥ दिल ना चाह कर भी, खामोश रह जाता है ॥ कोई सब कुछ कहकर, प्यार जताता है॥ कोई कुछ ना कहकर भी, सब बोल जाता है ॥
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