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शायरी दर्द भरी इन हिंदी
जो हुक्म देता है… जो हुक्म देता है वो इल्तिजा भी रखता है. दूर बैठे आसमाको कभी जुकना भी पड़ता है. अगर तू बेवफा है तो सुन….. मेरा कोई दूसरा भी इंतिजार करता है.
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जो हुक्म देता है… जो हुक्म देता है वो इल्तिजा भी रखता है. दूर बैठे आसमाको कभी जुकना भी पड़ता है. अगर तू बेवफा है तो सुन….. मेरा कोई दूसरा भी इंतिजार करता है.
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