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Sharbani Banerjee
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बेमुकम्मल मोहब्बत
ना
वो खामोशी की जुबां समझ सका ना
मुझसे लफ्जों में जज़्बात बयां
हुए ... ये
सच है इश्क दोनों को था , मगर
हमारे मिलने के हालात ही कहां
हुए ... कुछ
हलचल तो हुई थी इस जहां में जब
नजरें दो चार हुई थीं ... मगर
यायावरी तेरी फितरत थी सो
मेरे इरादे बस दर्द में फना
हुए...
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एक बार तो सुन लो, वो जो मैं कह न सकी....
सुनो , अगर
तुम इस मौसम में थोड़ा इश्क
छिड़क देते तो
बारिश में धुले रंग कुछ और
निखर जाते ... अगर
इस कुनकुनी सी ठंड में जो दोनों
एक लिहाफ ओढ़ लेते तो
शीशे पर जमी भाप पर एक दिल बना
पाते ... सुनो
ना , अगर
तुम केसर की छोटी डिब्बी में
प्यार भरकर दे देते तो
जिंदगी के...
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मृगतृष्णा
मन की मेरे मन ही जाने दूजा जाने ना मन बैरी बन दर दर भटके कहना माने ना दूर अंधेरे मन के मेरे कर दे ओ कृष्णा सच मन का मैं तब ही जानू तोड़ू मृगतृष्णा....
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मन की मानी
हां मैंने बस मन की मानी तोड़ी सारी रीत पुरानी साथी बैरी भए हमारे अनजाना मनमीत बना रे गुड़िया हो गई देख सयानी चलेगी ना अब तेरी मनमानी
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कुछ खो गया है
कुछ खो गया है अंदर का  ढूंढ रही हूं  मैं अरसे से मन कस्तूरी बन है भटका नैन मचल रहे हैं तरसे से बंजर धरती कैसे बताये क्यों लगते बादल  बरसे से भीतर घना अंधेरा छाया बाहर फैली है रौनक, चारो ओर चलते जलसे से 
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चिलचिलाती धुप और बर्फ का गोला
चुन्नू को बहुत तेज़ भूख और प्यास लग रही थी और सामने बर्फ के गोले वाला भी खड़ा था.… दिन का वक़्त था सो सिग्नल पर गाड़ियां भी कम आ रही थीं।  इतने में ही एक कार वहाँ आकर रुकी।  चुन्नू ने पूरी बेचारगी चेहरे पर लाते हुए पैसे मांगने शुरू किये।  कार के अंदर भी मुह...
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नया कम्बल
चीकू आज बहुत खुश था।  आज रात उसे ओढ़ने के लिए पूरा कम्बल जो मिलने वाला था।  रोज़ रोज़ लाली से कम्बल की खींचा तानी से वो परेशान हो गया था।  एक तो फटा हुआ कम्बल, तिस पर दो लोग उसे ओढ़ें तो ठण्ड से बचाव कैसे हो भला? शाम को ही एक बड़ी गाडी उनके झोपड़े के बाहर आ...
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एक लेखक की कहानी
जब में संवादों का भूचाल आया हुआ हो, तो व्यक्त करने के लिए शब्दो का अकाल पड़ जाता है.....वो भी कई दिनों से अपनी डायरी खोलकर बैठता और थोड़ी देर बाद बिना कुछ लिखे ही बेचैन मन से उठ जाता। शब्दों की खोज में वो इतना डूब गया कि प्यार मोहब्बत नाते रिश्ते सब दूर हो ...
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उकताहट
वो उकता  गई थी बुरी तरह... उसे कुछ नया चाहिए था ज़िन्दगी में।  उसने अपनी प्रोफाइल बदल डाली और वार्डरॉब भी, फिर भी अंदर कहीं चैन नहीं था.... आखिर ऐसा क्या है जो वो बदल नहीं  पा रही?  अचानक उसे एहसास हुआ, शादी तो ज़िन्दगी में एक ही बार हो सकती थी और वो वह कर ...
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छोटी सी एक ख्वाहिश
वो खुश थी के अपने प्यार से शादी कर रही है....  अब तक जो पल उन्हें घूमने या मिलने के लिए चुराने पड़ते थे, अब उसके ख़ज़ाने की चाबी उन्ही के पास रहा करेगी……वो खुश रहेंगे और  न मिल पाने की वजह से जो झगडे होते हैं, वो भी नहीं हुआ करेंगे...   उसे लगता था की हर छु...
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