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Anwarhusen Malgave
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Ab tak ye sil-sila hai, jo bhi rahon me mila hai, apna ban chala hai.
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असर बेअसर
मिटटी के दाम यहाँ आसमान को छु रहे हैं मगर, मिटटी के बर्तनों की आज कोई कीमत नहीं बाप की जायदाद पे हर औलाद का हक़ है मगर, बाप की सलामती की किसीको फ़िक्र नहीं मजहब के नाम पे रोज ख़ून बहता है मगर, मजहब को समझनेका कहीं भी जिक्र नहीं दुआ रोज होती है तरक्की और अमीरी ...

मिलनाची भावना
मनात थोडा गोंधळ विचारात थोडी धावपळ बोलायची असलेली ती ओठात नेहमीची ओळ दोन जीवांच्या एक होण्यात पुधाकाराच्या कशाला घोळ | गंध प्रेमाच्या अंकुराचा, संथ वाहणाऱ्या वाऱ्याचा आणि एकांत देणाऱ्या मंद त्या प्रकाशाचा, दोन जीवांच्या मिलनात दोष काय त्या अंतराचा | श्वासां...

रहमत
साहुलीयात से तुझे याद करते हैं शर्म हमको नहीं गुरुर तुझको नहीं सरे आम ना-फ़र्मानी, और आँखोमे खौफ नहीं गुनाह हमारी फ़ितरत में है माफ़ी तेरी आदत में है रस्ते ग़लत हैं और तरीके भी ग़लत मेरे ज़न्नत में हमें जगह नहीं पर रहमत से तेरी जुदा नहीं ~अन्वारे ईलाही

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आठवणींच पुडा
कंठ दाटला पाहताच बकुळीचा सडा, तुझ्या आठवणिंचा मोहर, सरता सरेना अपेक्षांच्या गर्दीत हरवला तो मिलनाचा तिढा, तुझ्या लायक बनायला वेळ, पुरता पुरेना नकळत ओघळऩारा तो अश्रुंचा ओढा, तुझ्यावाचुन जगण्याचा विचार करता करवेना ~अन्वारे-ईलाही

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दुवा का असर
जीत की ढलान मे झुमता बह गया हार के चढाव मै तुझे कोसता रह गया तु अपनी हैसियत से देता गया, मै अपनी औकात से मॉंगता रह गया, तु बेहिसाब देता गया, मैं दुवा का असर ढुंढता रह गया.. तू हराके सिखाता गया, जिता के हसाता गया.. तु बेहिसाब देता गया, मैं दुवा का असर ढुंढता...

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जाणिव
भर ऊन्हात चुलीला सरपण शोधताना अंगाची लाही लाही, चुलीवर शिजवायच काय याची धग ऊन्हापेक्षा जास्त नाही, सिग्नलवर विकलेल्या खेळण्यांची किंमत थोडी अवाजवी, चिमुरड्यीच्या पोटातील भुकेची रसद खेळण्यांपेक्षा महाग नाही, टपरीवरच्या सिगरेट अन चहाचा हीशोब चुकतो कधी कधी, छो...

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रफ्तार जिंदगी की
जिंदगी की रफ्तार में दौडते हुवे, अपनों के हाथ छुट जाते हैं लाल और हरे के बिच, सतरंगी कहां नजऱ आते हैं न किसीकी सुनता है, न किसीसे कहता है, हर लिखे हुवे अफसाने का मर्म, पढके कहां महसूस होता है किश्तों में चलती है मेरे सपनों की गाडी, आज-कल खुशियाँ भी कहाँ गुच...

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I can write(?)
Though I
often get confused which what is my mother tongue, I choose the one which I
speak the best.   According
to the search on Google(obviously) mother tongue is a first language (also
native language, arterial language, L1, or mother tongue)  a person h...
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