Profile cover photo
Profile photo
G.S. Parmar
8 followers
8 followers
About
G.S.'s posts

🌹क्या लिखुँ 🌹

क्या लिखुँ, कैसे लिखुँ,

दिल कवि मेरा सोया है |

देख कर हाल ए दुनियां,

कवि दिल मेरा रोया है |

चांद वही ,सुरज भी वही हैं ,

आसमाँ वही, तारे भी वही है |

कुछ नहीं बदला दुनियां मे बस,

केवल पहले वाला इन्सां नही है |

देश के लिए मर मिट गया अब,

वो शेर भगत आजाद नही है |

जलियाँवाले बाग मे हजारों,

प्राण मात चरणों में धर गए |

पर देश के खातिर हम सब,

लाईन में लगने से डर गए |

डरा दे अन्याय अनीति को

अब वो सुभाष कहाँ हैं ?

सौ साल पहले वाले देश भक्ति के

अब वो जज़्बात कहाँ है |

जी. एस. परमार

Post has attachment

Post has attachment

🇮🇳माँ भारती 🇮🇳

वृंदावन सा वन कहाँ से लाउँ,
सुदामा सा मन कहाँ से लाउँ |

दिल तो मिल जाते हैं जग मे,
राधा सा अंतर्मन कहाँ से लाउँ

कुबेर सा धन कहाँ से लाउँ,
प्यारा सा लछमन कहाँ से लाउँ |

मिलते हैं कई सपुत जग मे,
छोटा सा श्रवन कहाँ से लाउँ |

कश्मीर सा चमन कहाँ से लाउँ ,
एमपी सा अमन कहाँ से लाउँ |

देश तो बहुत है इस दुनियाँ मे ,
भारत सा वतन कहाँ से लाउँ |


जी. एस. परमार.

🇮🇳 हिंदुस्ताँ 🇮🇳

पल पल प्रीत के गीत ढले,
डग डग प्रेमी मीत मिले |

हिम किरीट सर पे न्यारे
जिसके सिंधु चरण पखारे |

ऐसा हिंदोस्ताँ हमारा हैं |

मिटा सकी न हस्ती सदियाँ,
मात है जहाँ कल कल नदियाँ |

जहाँ पहरे देते पर्वत प्यारे,
गैया को जहाँ मैया पुकारे |

ज्ञान से इसके जग मे उजियारा है

ऐसा हिंदोस्ताँ हमारा हैं |

प्रेम जहाँ कण कण मे समाया,
गीत अमन का जिसने गाया |

इंसाँ तो क्या जिसने चाँद को भी,
चंदा मामा कह पुकारा है,

ऐसा हिंदोस्ताँ हमारा हैं |

जी. एस. परमार

Post has attachment

🌹 बचपन 🌹

दिल ए चमन में, मितवा तेरे भी |
यादों के सुमन, महकते तो होंगे | |
===================

अमीरी से भरे बचपन के दिन अब भी |
आँखों में सपना बन, चमकते तो होंगे | |
====================
सावन मे सड़क समंदर में चलाए जहाँज कभी |
यादों में उनकी, दिल धड़कते तो होंगे ||
==================
पनघट वाला पीपल, हमे याद करता होगा अब भी ||

पतझड़ मे आँसू उसके, पत्ते बन
टपकते तो होंगे | |
====================
बूढ़ी बारिश के श्वेत कास केशों
मे खेले कभी |

इंतज़ार मे हमारे, हौले हौले मचलते तो होंगे ||
===================
खोया कीमती बचपन, समय की बारिशों मे |
पाने को उसे दिन जवानी के भटकते तो होंगे ||
==================
जी. एस. परमार.
@gsp....

श्रद्धांजलि

शांति शांति करते रहे हम,
शांति हमारी वो छिन गए |

सुधर जाएगा शायद पाक ,
दिलों से अब ये यकीन गए |

गिराते रहे वो वीरों के शव,
छिपकर कायरों की भाँति |

संवेदनहीन हम उन शवों को,
बैठ दिल्ली मे गीन गए |

रो कर राज कभी न मिलता हैं
सुनो ये इतिहास कहता हैं. |

उठो जागो, छिन लो चैन उनका ,
लेकर जो हमारी ज़मीन गए |

भय बिन प्रीत न होनी हैं
दुनिया की ये रीत पुरानी हैं |

रीत पुरानी भूला दी हमने,
चक्रवर्ती वाले अब दिन गए |

आ जाए कोई जो अश्वमेघ करा दे,
ले अश्व विश्व मे पताका फहरा दे,

ले आए वापस भारत माँ के उन
अंगो को , जो हो पराधीन गए |

जी. एस. परमार
Copyright protected @gspn

कन्या भ्रूण की आवाज़
.................................

भैया कह दो न पापा से,
मुझे भी इस दुनियाँ में आना है |

झुला झुलना हैं पापा से,
मैया दूलार आपका भी पाना है |

न दौलत न गहने मैं चाहुंगी,
थोड़ा प्यार मम्मी पा का,
भैया का थोड़ा दूलार चाहुंगी |

आपके आशीषों की छाँव में,
मुझे दुनियाँ में फल जाना है |

भैया कह दो न पापा से,
मुझे भी इस दुनियाँ में आना है |

मैया आने दो मुझे इस जग मे,
ज्यादा खर्च न मै आपसे करवाउंगी |

भैया को कान्वेंट पढ़ा देना भले ही,
मै सरकारी शाला से टॉप कर जाउंगी

जग मे नाम तुम्हारा रोशन कर जाना है |

भैया कह दो न पापा से,
मुझे भी इस दुनियाँ में आना है |

आने दो पापा मुझको ,
सिवाय प्यार के कुछ और न चाहुंगी,

सपने में देख दुःखी तुमको,
अल सुबह ससुराल से दौड़ी आउंगी |

माँ बाप के चरणों को बेटी ने,
हर पल ही अपनी जन्नत माना हैं |

भैया कह दो न पापा से ,
मुझे भी इस दुनियां में आना है |

हर साँस साँस, हर धड़कन मे,
अहसान समाया होगा |

तस्वीर होगी अँखियन मे,
हृदय पर स्नेह का छाया होगा |

पाकर जेंबें भर खुशियों ,
मन मेरा बल्लियों उछल जाना है |

भैया पापा से कह दो न,
मुझे भी इस दुनियाँ में आना है |

आने से पहले ही इस जग मे
मिटाओ न मेरी हस्ती |

बिटिया की जान को जग ने
जाना क्यों इतनी सस्ती,

प्रेम से अपने ,इस जग की बगिया को,
मुझे महकाना हैं |

भैया कह दो न पापा से ,
मुझे भी इस दुनियां में आना है |

जी. एस. परमार

कन्या भ्रूण की आवाज़
.................................

भैया कह दो न पापा से,
मुझे भी इस दुनियाँ में आना है |

झुला झुलना हैं पापा से,
मैया दूलार आपका भी पाना है |

न दौलत न गहने मैं चाहुंगी,
थोड़ा प्यार मम्मी पा का,
भैया का थोड़ा दूलार चाहुंगी |

आपके आशीषों की छाँव में,
मुझे दुनियाँ में फल जाना है |

भैया कह दो न पापा से,
मुझे भी इस दुनियाँ में आना है |

मैया आने दो मुझे इस जग मे,
ज्यादा खर्च न मै आपसे करवाउंगी |

भैया को कान्वेंट पढ़ा देना भले ही,
मै सरकारी शाला से टॉप कर जाउंगी

जग मे नाम तुम्हारा रोशन कर जाना है |

भैया कह दो न पापा से,
मुझे भी इस दुनियाँ में आना है |

आने दो पापा मुझको ,
सिवाय प्यार के कुछ और न चाहुंगी,

सपने में देख दुःखी तुमको,
अल सुबह ससुराल से दौड़ी आउंगी |

माँ बाप के चरणों को बेटी ने,
हर पल ही अपनी जन्नत माना हैं |

भैया कह दो न पापा से ,
मुझे भी इस दुनियां में आना है |

हर साँस साँस, हर धड़कन मे,
अहसान समाया होगा |

तस्वीर होगी अँखियन मे,
हृदय पर स्नेह का छाया होगा |

पाकर जेंबें भर खुशियों ,
मन मेरा बल्लियों उछल जाना है |

भैया पापा से कह दो न,
मुझे भी इस दुनियाँ में आना है |

आने से पहले ही इस जग मे
मिटाओ न मेरी हस्ती |

बिटिया की जान को जग ने
जाना क्यों इतनी सस्ती,

प्रेम से अपने ,इस जग की बगिया को,
मुझे महकाना हैं |

भैया कह दो न पापा से ,
मुझे भी इस दुनियां में आना है |

जी. एस. परमार
Wait while more posts are being loaded