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vandana gupta
मोहब्बत फ़साना ना बनती गर हकीकत ना होती
मोहब्बत फ़साना ना बनती गर हकीकत ना होती
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निशब्द करती कवितायेँ ...........वैसे कवितायें नहीं कहना चाहती ..........एक हकीकत हैं ये रचनाएं

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उफ़ अति हो रही है जंगलराज की

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दुनिया कभी खाली नहीं होती .........
सोचती हूँ सहेज दूँ ज़िन्दगी की बची अलमारी में पूरी ज़िन्दगी का बही खाता बता दूँ कहाँ क्या रखा है किस खाने में कौन सा कीमती सामान है मेरे अन्दर के पर्स में कुछ रूपये हैं जो खर्च करने के लिए नहीं हैं लिफाफों में हैं निकालती हूँ हमेशा सबके जन्मदिन पर एकमुश्त राश...

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वो मेरा ईश्वर नहीं हो सकता
मोर वचन चाहे पड़ जाए फीको संत वचन पत्थर कर लीको    तुमने ही कहा था न तो आज तुम ही उस कसौटी के लिए हो जाओ तैयार बाँध लो कमरबंध कर लो सुरक्षा के सभी अचूक उपाय इस बार तुम्हें देनी है परीक्षा    तो सुनो मेरा समर्पण वो नहीं जैसा तुम चाहते हो यानि भक्त का सब हर लू...

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ये कैसा हाहाकार है
ये कैसा हाहाकार है कुत्ते सियार डोल रहे हैं गिद्ध माँस नोंच रहे हैं काली भयावह अंधियारी में मचती चीख पुकार है ये कैसा हाहाकार है चील कौवों की मौज हुई है तोता मैना सहम गए हैं बेरहमी का छाया गर्दो गुबार है ये कैसा हाहाकार है काल क्षत विक्षत हुआ है धरती माँ भी...

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मैं पथिक
मैं पथिक ******* मैं पथिक किस राह की ढूँढूँ पता गली गली मैं विकल मुक्तामणि सी फिरूँ यहाँ वहाँ मचली मचली ये घनघोर मेघ गर्जन सुन कर ह्रदय हुआ कम्पित कम्पित ये कैसी अटूट प्रीत प्रीतम की आह भी निकले सिसकी सिसकी ओ श्यामल सौरभ श्याम बदन तुम बिन फिरूँ भटकी भटकी ...

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श्री कृष्ण जन्माष्टमी की शुभकामनायें। बहुत सुन्दर चर्चा ...........आभार

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श्री कृष्ण जन्माष्टमी की शुभकामनायें। बहुत सुन्दर चर्चा ...........आभार

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आज जन्मदिन है तुम्हारा
आज जन्मदिन है तुम्हारा मना रहे हैं सब अपने अपने ढंग से जिसके पास जो है कर रहा है तुम पर न्यौछावर मगर वो क्या करे जिसके पास अपना आप भी न बचा हो मेरे पास तो बचा ही नहीं कुछ और जो तुमने दिया है वो ही तो तुम्हें दे सकती हूँ विरह की अग्नि से दग्ध मेरा मन स्वीकार...

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मोहब्बत का पीलापन
मेरी मोहब्बत के अश्क जज़्ब ही हुए बहने को जरूरी था तेरी यादों का कारवाँ लम्हे ख़ामोशी से समझौता किये बैठे हैं इंतज़ार की कोई धुन होती तो बजाती इतनी खाली इतनी उदास मोहब्बत ये मोहब्बत का पीलापन नहीं तो क्या है ? और ये है मोहब्बत का इनाम कि अब तो आह भी नहीं निकलत...
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