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Anami Sharan Babal
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खबरों के आगे , खबरों के पीछे केवल मैं
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हिन्दी पुस्तकों की सूची
प्रस्तुति-  स्वामी शऱण सुभाषित सहस्त्र बूचड़खाना- सुभाष चन्द्र कुशवाहा़ मत रोना रमज़ानी चाचा- रवीन्द्र प्रभात लोकरंग-१ और २ - सुभाष चन्द्र कुशवाहा़ कथा में गाँव - सुभाष चन्द्र कुशवाहा़ जतिदंश की कहानियां - सुभाष चन्द्र कुशवाहा़ शंकर नाथ नाना साहब पेश्वा - श...
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कवि केदारनाथ की कविताएं
  केदारनाथ सिंह प्रस्तुति-  अनामी शरण बबल केदारनाथ सिंह केदारनाथ सिंह जन्म 1934 चकिया गाँव , बलिया जिला , उत्तर
प्रदेश मृत्यु 19 मार्च 2018 राष्ट्रीयता भारतीय व्यवसाय कवि केदारनाथ सिंह ( जन्म १९३४ ई .) हिन्दी के सुप्रसिद्ध साहित्यकार थे। वे अज्ञेय द्वारा ...
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कवि केदारनाथ की कविताएं
  केदारनाथ सिंह प्रस्तुति-  अनामी शरण बबल केदारनाथ सिंह केदारनाथ सिंह जन्म 1934 चकिया गाँव , बलिया जिला , उत्तर
प्रदेश मृत्यु 19 मार्च 2018 राष्ट्रीयता भारतीय व्यवसाय कवि केदारनाथ सिंह ( जन्म १९३४ ई .) हिन्दी के सुप्रसिद्ध साहित्यकार थे। वे अज्ञेय द्वारा ...
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लुप्त होती चमक दमक
  अनामी शरण बबल साहित्यिक पत्रिका हंस की भी एक अजब गजब कहानी है।
जिस हंस को हिन्दी के मूर्धन्य कथाकार प्रेमचंद ने आरंभ किया था। वह हंस कब की काल
कवलित हो गयी थी। मगर कथाकार राजेन्द्र यादव ने जिस हंस को 1987 में प्रेमचंद के
हंस के नाम शुरू किया। यह पाठकों के...
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पत्रकारिता का इतिहास
प्रस्तुति- अमन कुमार अमन 1 इतिहास 2 भारत में पत्रकारिता का आरंभ 3 इन्हें भी देखें 4 बाहरी कड़ियाँ इतिहास लगता है कि विश्व में पत्रकारिता का आरंभ सन 131 ईस्वी पूर्व रोम में हुआ था। उस साल पहला दैनिक समाचार-पत्र निकलने लगा। उस का नाम था – “Acta Diurna” (दिन क...
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एक प्यार ऐसा भी / अनामी शरण बबल
 (संशोधित प्रति) यह घटना या हादसा जो
भी कहें या नाम दें।   यह करीब 21 साल पहले
1995 की बात है। एकदम सही सही माह और दिनांक तो याद नहीं हैं।   मैं उन दिनों राष्ट्रीय सहारा में था। किसी
सामयिक मुद्दे पर एक   लघु साक्षात्कार या
टिप्पणी के लिए मैं शाम के समय काद...
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विशव का सबसे बड़ा शिवलिंग
भोजेश्वर मंदिर :
यहाँ है एक ही पत्थर से निर्मित विशव का सबसे बड़ा शिवलिंग भोजपुर
( Bhojpur), मध्य प्रदेश कि राजधानी भोपाल से 32 किलो
मीटर दूर स्तिथ है। भोजपुर से लगती हुई पहाड़ी
पर एक विशाल , अधूरा शिव मंदिर हैं। यह भोजपुर
शिव मंदिर ( Bhojpur Shiv Temple) य...
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