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charoo Dubey
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Soul traveller!!!
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नन्हीं बिटियां
नन्हीं बिटियाँ  उछलती है मचलती है कहती है, मैं भी पढ़ूँगी। ताल-तलैय्ये भरें हैं बरखा के संग बैरी बदरा जम के अड़े हैं, पर नन्हीं बिटियां कहती है अब मैं भी पढ़ूँगी। आँगन है बुहारना जहाँ , गुड़ियों के कपड़े सी-सी के अम्मा खाट पर पड़ी है। उसी खपरैल की छाँव में ...

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मुलाक़ात
 एक फूल बहाने से छोड़ा था तेरी किताब में कहीँ , की मुख़्तसर ही सही मुलाक़ात तो होगी, वायदे तो रह गए किस्से-कहानियों से सभी, एक शाम में कैद जिंदगी की फिर से तलाश तो होगी. 

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जिंदगी कहती है  मेरी कहानी मुठ्ठी भर ख्वाहिशें  और मीलों से लंबी हैरानी , हैरान नहीं मैं की तू साथ क्यों नहीं तेरे साथ का एहसास क्यों नहीं , हैरान हूँ , तुझे चाहने के जज़्बात क्यों हैं..  साये से बचते हैं हमारे साया बनके  थे जो खुशबुओं सी  उड़ती है  फिज़ाओ ...

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कितने दूर कितने पास
कितने दूर कितने पास दो जिस्म एक जान ,  बिन तेरे जिंदगी है तो नहीं , पर साथ तेरे वो बात भी नहीं। बिखर जाएँगे मोतियों से अगर खोल के रख दें ये दिल,  खुद को समेट रख सकने को ये दर्द अब जरूरी है. मुश्किल कुछ हालात हैं और मुश्किल जज़्बात भी,  तुम्हें छोड़ दें या छ...

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शहर
संभाल के जिसे नज़रों में दूर बहुत निकल आये थे , वही रास्ते पूछते हैं , अब तेरा शहर कहाँ है? चौराहे की अठखेलियां , नुक्कड़ों के वायदे  , मंज़िलों की धूल पूछती है अब तेरा शहर कहाँ है?

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क्या है वो
क्या है वो जो थम सा गया है मुझमे , कोई  आहट सी है जो दबे पाँव आती है या कोई वहम। कश्मकश आज भी वही है, आज भी वही जुस्तजू क्या है वो जो थम सा गया है मुझमे!

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घर
सुकून के चन्द पल आराम की वो घड़ियाँ नरम चादरों में लिपटे हम कहीं ये हमारा घर तो नहीं ? बाग़ से आती सुर्ख गुलाबों की खुशबु नाज़ुक हवाओं से चलते -थमते तुम्हारे कदम , कहीं ये हमारा घर तो नहीं ? बेवजह खनकती हंसी ये बेपरवाह सी मुहब्बत , बारिश की पहली बूंदों सा य...

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रवायतों में उलझ के दुनिया के डूबती रहीं मुहब्बतें , दम तोड़ती रहीं सिलसिलेवार , काफ़िर हसरतें हमारी. ज़िक्र में तुम्हारी शामिल तो न हो सके रागों में लहू बन दौड़ती रहीं चाहतें तुम्हारी। रूठ जाती हैं रातें जो महसूस तुम्हें कर लें , अजनबी सी लगती हैं अब करवटें...

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