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Anupam Agrawal
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हेरा अभियान – बाइनरी क्षुद्रग्रह पर पहला अभियान (प्रस्तावित)
मानव सदा से जिज्ञासु प्रवृत्ति का रहा है, और हर अलग सी
लगने वाली चीजों के बारे में वह अधिक-से-अधिक जानना चाहता है. परन्तु जिस प्रकृति
ने मानव को रचा है, वह उसकी जिज्ञासा को अनवरत जारी रखने सदा प्रयत्नशील रहती है.
मानव कितनी भी खोज क्यों न कर ले, प्रकृति फिर...
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भारतीय छात्रों ने बनाया सबसे हल्का 33 ग्राम का उपग्रह - (जयहिन्द 1एस)
चेन्नई के छात्र दुनिया के सबसे हल्के  उपग्रह के साथ - जयहिन्द 1एस भविष्य के अन्तरिक्ष विज्ञानी और इंजिनियर की तलाश में
देश-विदेश में विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन आधुनिक युग में सामान्य सी बात है,
परन्तु इनमें शामिल होने वाले विद्यार्थियों और आम-जनों का उत...
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शिशु ग्रह (Baby Planet) – अन्तरिक्ष विज्ञान में नयी खोज
काल्पनिक चित्रण अन्तरिक्ष निरंतर विस्तारित हो रहा है और नित करोड़ो की संख्या में
अन्तरिक्षीय पिंड बन रहे हैं और नष्ट हो रहे हैं. हमारी दृष्टि अन्तरिक्ष के केवल
एक सूक्ष्म हिस्से को ही देख पा रही है लेकिन अपनी सीमाओं के बावजूद हमने हजारों
की संख्या में सौरमंड...
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क्या पृथ्वी के पास 20 चाँद थे!!!
पिछले कुछ दिन इतने ज्यादा व्यस्त रहे कि ऑनलाइन आने का
लगभग मौका ही नहीं मिल पाया, अभी भी काफी देर से ही समय मिल पाया है तो पता चला की
2000 FACEBOOK LIKES का महत्वपूर्ण पड़ाव तो 3 दिन पहले ही पार हो चूका है. एक बार फिर से
सभी पाठकों का शुक्रिया.  मेरी आखिरी प...
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चार लोक कथाएँ ( Four Folk Tales) हिंदी में
जैसा कि पिछले कई महीनों से हो रहा है, इस ब्लॉग पर नयी कॉमिक्स मैं पोस्ट ही नहीं कर पा रहा हूँ. एक तो कॉपीराइट वाली तकलीफ, ऊपर से खर्च इधर-उधर होने के कारण स्कैनर नहीं ले पाना; और अभी अन्तरिक्ष विज्ञान वाले ब्लॉग/फेसबुक पेज पर ज्यादा ध्यान देना.  जो भी कारण ...
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चाँद के दूर जाने से हुआ 24 घंटे का दिन – पहले था 18 घंटे का
पृथ्वी और चाँद के बीच की लगातार बढ़ती दूरी से दिन हुए लम्बे  ज्वार-भाटा की अवधारणा से हम सभी अपने स्कूल के समय से ही
परिचित हैं. सामान्य शब्दों में पृथ्वी पर स्थित सागरों के जल-स्तर का अपने सामान्य
स्तर से ऊँचा उठना (ज्वार) और फिर पुनः नीचे आना (भाटा) कहलाता...
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भारतीय वैज्ञानिकों ने पहली बार खोजा एक नया बाह्य ग्रह
केवल प्रतीकात्मक / चित्रात्मक रूपांकन  भारतीय ज्ञान और सभ्यता
सदा से समृद्ध रही है. हमारे पूर्वजों ने अन्तरिक्ष के अनेक रहस्यों को सदियों
पहले ही जान लिया था और सौर-परिवार के सम्बन्ध में उनकी अनेक गणनाएं आज भी
प्रासंगिक हैं. भले ही हमारे पूर्वज सौर परिवार म...
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अँधेरे में छुपा एक अनोखा स्याह ग्रह WASP-104b
अन्तरिक्ष आश्चर्यों से भरा पड़ा है और मानव इनको खोजने में प्रयासरत. अक्सर इस प्रयास में ऐसी चीजों का पता चलता रहता है कि खगोल-वैज्ञानिक भी सोच में पड़ जाते है.  कंप्यूटर द्वारा बनाया सांकेतिक चित्र - अपने सितारे के साथ स्याह ग्रह WASP-104b इस बार भी कुछ ऐसा ह...
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बीस अरब सूर्य इतना बड़ा ब्लैक होल!!!
चित्रकार की कल्पना में ब्रम्हांड में स्थित ब्लैक-होल ब्लैक होल या कृष्ण-विविर, अन्तरिक्ष के सबसे अबूझ पहेलियों में से एक हैं. हमें ये तो पता है कि ये वो पिंड हैं जिनका घनत्व बहुत अधिक होता है और अपने अति-शक्तिशाली गुरुत्वाकर्षण के कारण ये अपने आस-पास की समस...
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हमें विद्युत के बारे में कैसे पता चला? -आइजैक असिमोव
विद्युत के महत्त्व के बारे में लिखने के लिए पूरा एक  अलग से ब्लॉग लग जाएगा.  आसान जीवन के लिए अति महत्वपूर्ण इस विद्युत के बारे में आखिर हमें कैसे जानकारी मिली. इसी खनिज तेल की खोज की कहानी - आइजैक असिमोव के शब्दों में. अनुवाद किया है डॉ. सत्येन्द्र कुमार ज...
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