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सुनील इसमाद
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'मैं' एक मैंगो मेन हूं, किताबे पढता हूं, कहानी लिखता हूं, घंटो अकेले बात करता हूं, अपने आप में खोये हुए हर वक्त कुछ सोचता रहता हूं। कभी खुद से बाते करता हूं, कभी खुद से शिकायत करता हूं, नदी किनारे बैठा रहता हूं;घंटो अकेले, कभी भीड़ में खो जाता हूं पुराने सूटकेस की तरह, कभी भीड़ से अलग दीखता हूं नए गिटार की तरह, एक ओल्ड फैशन लड़का हूं जो गुरुदत्त को देखता है और गुलाम नवी को सुनता हैं। ध्रुपद और धमार भी मुझे बहुत पसंद हैं। मूंगफली खाता हूं, और दूध पीता हूं। बीड़ी, सीगरेट, दारू, गटखा से एकदम दुर रहता हूं। साफ़ शब्दों में कहे तो "मै" एक मैंगो मेन हूं यानी एक आम आदमी। हां आप मुझे ''अ वेडनसडे'' वाला कॉमन मेन भी कह सकते है।
'मैं' एक मैंगो मेन हूं, किताबे पढता हूं, कहानी लिखता हूं, घंटो अकेले बात करता हूं, अपने आप में खोये हुए हर वक्त कुछ सोचता रहता हूं। कभी खुद से बाते करता हूं, कभी खुद से शिकायत करता हूं, नदी किनारे बैठा रहता हूं;घंटो अकेले, कभी भीड़ में खो जाता हूं पुराने सूटकेस की तरह, कभी भीड़ से अलग दीखता हूं नए गिटार की तरह, एक ओल्ड फैशन लड़का हूं जो गुरुदत्त को देखता है और गुलाम नवी को सुनता हैं। ध्रुपद और धमार भी मुझे बहुत पसंद हैं। मूंगफली खाता हूं, और दूध पीता हूं। बीड़ी, सीगरेट, दारू, गटखा से एकदम दुर रहता हूं। साफ़ शब्दों में कहे तो "मै" एक मैंगो मेन हूं यानी एक आम आदमी। हां आप मुझे ''अ वेडनसडे'' वाला कॉमन मेन भी कह सकते है।

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मत्‍युभोज कितना जाएज, कितना नाज़ायज
अब जबकि फेसबुक पर श्राद्ध को लेकर विभिन्‍न प्रकार के विलाप किए जा रहे हैं । मृत्‍युभोज को अनर्गल और अहितकारी बताया जा रहा है उस समय फेसबुक पर धर्मशास्‍त्रों के ज्ञाता और मैथिली और लिपि क अनन्‍य विद्वान पंडित भवनाथ झा ने विष्‍णुपुराण के इन दस श्‍लोकों के तरफ...
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बिजली की रानी हवा-हवाई हो गई
सुनो हिम्‍मतवाली(1983), जानी दोस्‍त (1983) यू जो तूम एकाएक गई हो, सदमा (1983) दे गई हो । तूम बॉलीवूड की एक नंबर की मवाली (1983) कलाकार (1983) थी । तुम्‍हारा ये आखिरी सरगम (1984) हमें इन्‍कलाब (1984) के अंत तक याद रहेगा । बॉलीवुड तुम्‍हारा मकसद (1984) था और ...
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पाट का ठाठ
मिथि‍ला में एक कहावत है –  ज्‍यों उपजतो पाट , त दखिह ठाठ . .. । सोन अर्थात जूट मिथिला के किसानों
के लिए केवल फसल मात्र नहीं है , अपि‍तु ये इस जगह के संस्कृति का हिस्सा भी है । जूट से
संबंध खत्‍म होनेका मतलब है इस जगह की संस्‍कृती से संबंध टूटना । कभी ‘’ हरा...
पाट का ठाठ
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diaryofjha.blogspot.com
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चेंज फॉर श्योपर बहा रहा है परिवर्तन की हवा
सोनवर्षा राज । कहते हैं वो खुद ही पुरा करते हैं मंजिल
आसमानों की, परिंदों को नहीं दी जाती तालीम उड़ानों की । ठीक इसी को चरितार्थ किया
है सहरसा जिला के, सोनवर्षा राज के कुछ उत्‍साही युवाओं के समूह ने । विकास के लिए
सरकार और प्रशासन के दरवाजों पर हाजि़री न बन...
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मैथि‍ली पत्रकारिता का इतिहास
मैथिली में पत्रकारिता का अपना गौरवशाली इतिहास है । हितसाधन से लेकर मिथि‍ला आवाज तक की अपनी विशेषता और विविधता रही है । लेकिन मैथि‍ली पत्रकारिता के इतिहास को संकलित करने का काम बहुत कह ही लोगों ने किया । पंडित चन्द्रनाथ मिश्र "अमर" की ‘’मैथिली पत्रकारिता क...
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Good Karma Contest
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justdial.com
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लिखने से ज्यादा मिटाया गया बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय का इतिहास
जितने समृद्ध इतिहास
के लिए भारत अपने आपमें जाना जाता है उससे कहीं ज्यादा इस बात के लिए जाना जाता है
कि यहाँ के इतिहास को हमेशा तोड़ मरोड़ कर पेश किया जाता रहा है । ऐसा ही कुछ हुआ
है बनारस हिंदू वि‍श्व‍वि‍द्यालय के इतिहास के साथ भी । बनारस हिन्दू
विश्वविद्या...
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गुजरात एक सच
गुजरात के विकास को एप्को के चश्में से देखने वालों के लिए एक छोटा सा प्रयास । बहुत से ऐसे लोग है जिसको गुजरात देश में सबसे ज्यादा विकसि‍त राज्य लगता है । दरअसल और एप्को और मीडिया जो दिखाना चाहती है हम वही देख पाते हैं । गुजरात मॉडल को देश में लागू करने से पह...
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गुजरात एक सच
गुजरात के विकास को एप्को के चश्में से देखने वालों के लिए एक छोटा सा प्रयास । बहुत से ऐसे लोग है जिसको गुजरात देश में सबसे ज्यादा विकसि‍त राज्य लगता है । दरअसल और एप्को और मीडिया जो दिखाना चाहती है हम वही देख पाते हैं । गुजरात मॉडल को देश में लागू करने से पह...
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ई भी कोई नाम है महराज - भाग एक
बरगाही के भाई -: यू तो बिहार के हरेक लोग इस नाम से परिचित होंगे लेकिन अगर आप खगड़ि‍या से बेगुसराय की और बढ़ते रहें तो इस नाम का अर्थ भी भली भांती समझ जाएंगे । हरेक दुसरे कदम पर लोग इसका उपयोग करते हुए सुनाई पड़ेंगे । दिल्ली पंजाब का ''इरिटेट वाला हैल्लाे'' ...
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