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Adarsh Tiwari
लेखक /पत्रकार/शोशार्थी
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अविश्वास प्रस्ताव के सबक
    भारत के संसदीय इतिहास
में विगत शुक्रवार का दिन कई मायने में ऐतिहासिक रहा. विपक्षी दलों द्वारा उस
सरकार के खिलाफ़ अविश्वास प्रस्ताव लाने का दुस्साहस किया गया, जिसे भारत की जनता
ने प्रचंड बहुमत से देश की कमान सौंपी है. एनडीए सरकार के खिलाफ़ लाए गए अविश्वास
...

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अखिलेश का अशोभनीय कृत्य
     हमारे देश के
राजनेताओं को सत्ता का रसूख इतना भाता है कि वह अपने सियासी आडंबर से जरा भी
समझौता करना पसंद नहीं करते. यही कारण है कि सरकारी बंगला,सुरक्षा,गाड़ी का   लब्बोलुआब उन्हें अपने गिरफ़्त में ले लेता है.
राजनीति में जो मर्यादा, शुचिता एवं सहजता की स्...

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हिंसा की राजनीति पर लगाम जरूरी
भारत जैसे विविधताओं और महान
लोकतांत्रिक देश में जब राजनीतिक हत्याओं के मामले सामने आते हैं तो निश्चित तौर
पर, वह लोकतंत्र को मुंह चिढ़ा रहे होते हैं.राजनीतिक हत्या न केवल भारत के विचार –विनिमय   की संस्कृति को चोट पहुंचाते हैं बल्कि, यह
सोचने पर मज़बूर करते ह...

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कर्नाटक में स्थायी सरकार जरूरी
कर्नाटक विधानसभा चुनाव के परिणाम सबके सामने है.किसी भी दल को वहाँ की जनता ने स्पष्ट जनादेश नहीं दिया .लेकिन, बीजेपी लगभग बहुमत के आकड़े चुमते –चुमते रह गई और सबसे बड़े दल के रूप में ही भाजपा को संतोष करना पड़ा है. कौन मुख्यमंत्री पद की शपथ लेगा ? इस खंडित जनाद...

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महाभियोग पर कांग्रेस का महाप्रलाप
सात विपक्षी दलों द्वारा मुख्य न्यायधीश दीपक मिश्रा के खिलाफ़ दिए गए
महाभियोग नोटिस को उपराष्ट्रपति ने यह कहते हुए ख़ारिज कर दिया कि मुख्य न्यायधीश
के ऊपर लगाए गए आरोप निराधार और कल्पना पर आधारित है. उपराष्ट्रपति की यह तल्ख़ टिप्पणी
यह बताने के लिए काफ़ी है कि क...

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कर्नाटक चुनाव : सियासी वर्चस्व की लड़ाई
दक्षिण भारत के प्रमुख राज्यों में से एक कर्नाटक में होने वाले
विधानसभा चुनाव की घोषणा चुनाव आयोग ने कर दी है.प्रदेश की 224 सीटों पर एक ही चरण
में 12 मई को मतदान संपन्न होंगे और 15 मई को नतीजे सामने आएंगे. गौरतलब है कि चुनाव
आयोग मतदान की तारीखों का एलान से ...

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खुद ही हास्य की पात्र बन गई कांग्रेस !
  इराक़ के मोसुल में जून 2014 से लापता 39 भारतीयों के जिंदा वापस लौटने
की धुंधली उम्मीदें भी गत दिनों दफ़न हो गई हैं.जिसको
लेकर कांग्रेस ने जिस ओछी राजनीति का परिचय सदन के अंदर और सदन के बाहर दिया देश ने
उसको देखा.इसके बाद कांग्रेस की जम कर फ़जीहत भी हुई है.का...

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एनपीए पर उठाने होंगे ठोस कदम
बैंकों पर बढ़ता एनपीए आज एक ऐसे मर्ज के रूप में फ़ैल चुका है कि विशेष
डाक्टरों की टीम भी इस मर्ज का ईलाज करने में सफ़लता नहीं पा रही हैं. फिर सवाल यह
उठता है कि एनपीए के इस अंधकार से रौशनी कब मिलेगी ? अगर अँधेरे को दूर करने के
तमाम प्रयास व्यर्थ साबित होते हों...

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दुष्प्रचार की डगमगाती नैया के बीच गतिशील आरएसएस .
यह एक सामान्य सत्य है कि राष्ट्रीय स्वयं सेवक
संघ को लेकर तमाम प्रकार की भ्रांतियां एवं दुष्प्रचार लंबे समय से देश में चलता
रहा है.कांग्रेस एवं मीडिया से जुड़े बुद्दिजीवियों का एक धड़ा संघ को एक
साम्प्रदायिक एवं राष्ट्र विरोधी संगठन जैसे अफवाहों को हवा देने क...

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कृषि और ग्रामीण विकास के लिए जरूरी बजटकृषि और ग्रामीण विकास के लिए जरूरी बजट
 आर्थिक
समीक्षा आने के पश्चात् यह अंदाज़ा हो गया था कि वित्त मंत्री अरूण जेटली आगामी बजट
को राजनीतिक महत्वाकांक्षा से परे एक ठोस बज़ट प्रस्तुत करेंगे.जिसमें ग्रामीण, कृषि
और रोजगार पर ज्यादा फोकस रहेगा.हुआ भी ऐसा ही ,वित्त मंत्री अरूण जेटली ने
2018-19 के आम ब...
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