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आवरण पृष्ठ - अक्टूबर 2016
मोहे श्याम रंग देइ दे त्वचा के रंग पर राजनीति राजनीति अगर सत्ता संघर्ष को कहते हैं, तो त्वचा के रंग के साथ राजनीति तब से जारी है जब शासक वर्ग का सौंदर्य बोध पूरे समाज समाज द्वारा अपना लिया गया था। पहले आर्य, फिर अरब और मुगल, उसके बाद अँग्रेज। जिस देश के तीन...

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अपनी बात : डॉ. सुभाष खंडेलवाल
डॉ. सुभाष खंडेलवाल कश्मीर भारत का मस्तक है और भारत कश्मीर का दिल कश्मीर की समस्या दिन प्रतिदिन गंभीर बनती जा रही है। भारत के 17 सैनिक पाकिस्तानी आतंकवादियों ने हमारी सीमा में घुस कर मार दिए। यह हमारी सुरक्षा व्यवस्था और खुफिया तंत्र की विफलता है। मौजूदा केन...

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कहे कबीर : डॉ. सुभाष खंडेलवाल
कहे कबीर कहे कबीर जमाना खोटा, हगे गुदा और माँजे लौटा।’ नई पीढ़ी नहीं जानती, लेकिन पुरानी पीढ़ी जानती है कि पहले दिशा-पाखाना (लैट्रिन) जाने पर धोने के लिए पानी भरा लोटा साथ ले कर जाते थे। धोने के बाद हाथ कोहनी तक पीली मिट्टी से धोते थे और लोटे को न मालूम कितना...

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वितर्क : राजकिशोर
राजकिशोर युद्ध के लिए हाँ और नही के बीच "जिस तरह गंगा को गंगोत्री से ही साफ किया जा सकता है – बनारस से नहीं, उसी तरह कश्मीर को सुलझाने के लिए हमें 1948 तक लौटना पड़ सकता है। वरना कोई भी युद्ध मोदी को सुर्खरू बनाने का नुस्खा भर साबित होगा।" जब लोग प्रधानमंत्...

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अभिमत : अनिल जैन
अनिल जैन कौन चाहता है युद्ध "आखिर भारत खुद ही पाकिस्तान को आतंकवादी देश घोषित कर उसके साथ अपने राजनयिक और व्यापारिक रिश्तों को खत्म भले ही न करे, पर स्थगित तो कर ही सकता है। हमने उसे 'मोस्ट फेवर्ड नेशन’ का जो दर्जा दे रखा है, उस दर्जे को और उसके साथ सिंधु न...

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विश्लेषण : शरद यादव
शरद यादव भारत ने कश्मीर का विश्वास खो दिया है "केंद्र सरकार को यह समझना होगा कि बंदूकों का जवाब बंदूकें नहीं हो सकतीं। अगर हो सकतीं तो अमेरिका की बंदूकों ने अफगानिस्तान, इराक, सीरिया समेत पूरी दुनिया को अब तक शांत कर लिया होता।" कश्मीर पर बल द्वारा नहीं, के...

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राजनय : आशुतोष कुमार
आशुतोष कुमार आत्मसमर्पण और क्या होता है "भारत के नए अमेरिका प्रेम से ये सब उपलब्धियाँ ठीक उस वक्त  दाँव  पर लग गई हैं, जब उसने तेज विकास दर के नए दौर में प्रवेश किया है, और जब विश्व पटल पर उसके निर्णायक हस्तक्षेप की वास्तविक सम्भावना पैदा हुई है। " लेमोआ ‘ल...

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समीक्षा : रामू सिद्धार्थ
रामू सिद्धार्थ वैश्वीकरण के 25 वर्ष "इंडिया और भारत तो पहले से ही मौजूद थे। इन 25 वर्षों में हुआ यह है कि इंडिया का भारत से लगभग संपूर्ण सम्बन्ध विच्छेद हो गया है।" पी वी नरसिंहराव ने नेतृत्व में मनमोहन सिंह, मोंटेक सिंह अहलूवालिया और सी चिदंबरम तथा उनके सह...

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आवास : सुभाष गाताडे
सुभाष गाताडे खाली पड़े फ्लैट और बेघर लोग भारत में आवास क्रांति की जरूरत नौएडा सिटी सेन्टर से आगे की ऑटो की यात्रा कई मायनों में शिक्षाप्रद रही। नई बनती बहुमंजिला इमारतों, अधबनी बिल्डिगों या बड़ी-बड़ी कम्पनियों के ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए बने बोर्डों के...

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मध्य प्रदेश : अजय खरे
अजय खरे स्त्री उत्पीड़न का नया रूप मध्य
प्रदेश के सतना जिले की आकांक्षा त्रिपाठी को अपनी मनपसंद शादी करने के
चलते करीब चालीस दिनों तक भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। आकांक्षा अभी
बीस साल की है। यानी वह दो साल पहले ही बालिग हो चुकी थी। अजयगढ़ निवासी
उदय ...
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