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Rohit Kalhans
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I
I am the master, I am the student  I am the creator and the destroyer I am the sculptor and the statue  I am the universe and the life within  I who am blind am the vision  I am the danger and the survival I lies within, I cannot be destroyed  I is the voya...
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जीवन का परिधान
दिनकर सा रोशन, रजनीश सा शालीन, आसमान सा विशाल, नीला, गोया कालीन। अर्थ से विहीन, निष्कर्ष से परे, जीवन का परिधान। सृष्टि की विवेचना, कवी की कल्पना, गीत सा मधुर, पवन, सुरों की साधना। योगी का त्याग, किसी सूफी का राग, जीवन का परिधान। रात का अंधकार, सुबह का उजाल...
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जीवन का राहगीर
बड़ी दूर चले आएं हैं हम। चलते - चलते , गिरते - संभलते , कभी ठोकर खाते, कभी हँसते, कभी हसाते, कभी दिलों को बहलाते, अधूरी तमन्नाओं से दिल को समझाते, कभी मज़िलों की तलाश में, कभी दिल की दबी, अनसुनी आवाज़ में बड़ी दूर चले आएं हैं हम।
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एक अफसाना
तरन्नुम-ए -वफ़ा के अफ़साने पुराने हैं  लोग कहते हैं हम आप के दीवाने है,  आँखों से बह निकले थे अश्क जो  उनमे आज भी सपने सुहाने है  मोहब्बत तो खेल है नसीबों का  और हम तो बदनसीब पुराने है  तरन्नुम-ए -वफ़ा के अफ़साने पुराने हैं  लोग कहते हैं हम आप के दीवाने है
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भूल जा
जो बात जुबान पर  आ  न  सकी, जो अश्क  आख्नो पे आ  न  सके  कुछ  जस्बात  जो  अफसाना  बन कर  रह  गए, वो चाहतें जो पूरी न हुई. भूल जा उनको, ए-दिल, बीतीं यादें समझ कर हर आह जो दिल से निकली तो सही कहीं ठिठक, रुक सी गयी हर  जख्म  जिसे  वक़्त  ने  भरा  तो  सही किसी ...
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यादें
लम्हा लम्हा बिखरती यादों में, तड़फते दिल के जज्बातों में धुधला गयी हैं यादें तेरी सांझ के साये भी अब गहराते है.  दूर थी मंजिलें मेरी, इस लिए तेरा साथ माँगा था पर ना मिल सका साथ, कोई गम नहीं पहले भी तो दरिया अकेले ही लांघा  था. पत्ता पत्ता झड गया इस पतझड़ मे...
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निरार्थ
उन पैमानों में थोड़ी सी जाम छोड़ आएं हैं । माना काफ़िर हैं वो, मगर उनके पास अपना धर्म और ईमान छोड़ आएं हैं | टटोला जेबों को जब, फ़ोन था, चाभियां भी थीं दुनियादारी की चौखट पे मगर, ज़मीर का सामान छोड़ आएं है। न मिला पाएं गए नज़र तुमसे ऐ ' चिराग '  ' बीती उम्र के पास ...
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बेवजह
मिटा दिया ज़हन से उनको  मगर यादें उनकी कमरे में बिखरी थीं हर दरो दीवार मुझसे उन्हें भूलने की वजह मांगे। अफ़साने बहुत से लिखे हमने  कसीदे पढ़ें हैं उनकी मोहब्बत के बहुत, तराना फिर भी क्यों हमसे उसे, गुनगुनाने की वजह मांगे। ज़ज़्बात कल भी वही थे, आज भी हैं, मुकम्म...
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ऐ गुमनाम शायर
तड़प तड़प के जब यह दिल रोता है, धुंधला सा जब ये समां होता है, यादों में डूबा जब यह जहाँ होता है, ऐ गुमनाम शायर, तब तू कहाँ होता है? पलकों के आसुंओ के मरासिम पुराने है, न हम, न आप, इससे अनजाने है, फिर क्या फ़ितरे दिल को समझने है, इस लिए पूछ मत की आखिर ये दिल  क...
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Random Numbers
Ever wonder how we can write simulations simulating real world situations? Consider a simulation of molecules of hydrogen gas in a cylinder. To start the simulation there has to be some initial random movement of the molecules, otherwise there will be no mo...
Random Numbers ~ Rohit's Blog
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