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arvind mishra
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A science communicator,SF writer by hobby and a fishery personnel by profession
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कहानी संग्रह अधूरे अफसाने-लावण्या दीपक शाह
अभी अभी लावण्या शाह (लावण्या दीपक शाह ) के कहानी संग्रह अधूरे अफसाने को पूरा किया है। चार  बाल कहानियों को समेटे कुल ग्यारह कहानियों के इस गुलदस्ते को लावण्या जी ने अपने सुदीर्घ सामाजिक जीवन के अनुभवों अॉर कुशल लेखनी से अलंकृत  किया है। कहानियों मे जीवन संघ...

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अलविदा डेजी!
आज मन बहुत संतप्त है।  डेजी हमेशा के लिए हमें छोड़ कर चली गयी।  सत्रह सालों का ही साथ था उसका।  लगभग दो दशक।  मुझे याद है कि वर्ष 1999 में जब मैं वाराणसी में कार्यरत था , बच्चों मिकी और प्रियेषा की जिद पर डेजी हमारे घर आयी। एक रुई के गोले  के मानिंद वह थी और...

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शिवजी के ललाट पर बालचंद्र क्यों हैं ,पूर्णचन्द्र क्यों नहीं?
कौस्तुभ ने पूछा है कि शिवजी के ललाट पर बालचंद्र  क्यों हैं ,पूर्णचन्द्र क्यों नहीं? अब सवाल है तो उत्तर भी होना चाहिए।  किसी को यह भी लग  सकता है कि भला यह भी कोई सवाल है? अर्धचंद्र है तो है अब इसकी क्या मीमांसा? देवी देवताओं के मामले में ऐसा हस्तक्षेप वैसे...

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आतंकवाद की इस अंतरंग पौधशाला को खाद पानी देंते रहने का मतलब है परजीवी विष बेलों को पनपाते जाना ! चेतो भारत चेतो!

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आतंकवाद की अंतरंग पौधशाला
मैं देख रहा हूँ मेरे कुछ मुट्ठी भर तथाकथित प्रगतिशील फेसबुकिया मित्र प्रत्यक्ष, परोक्ष और कुछ घुमा फिराकर, कभी दबी जुबान कभी मुखर होकर भी देशविरोधी तत्वों को सपोर्ट कर रहे हैं। उनकी निजी कुंठाओं , दमित इच्छाओं को शायद ऐसे मौकों की तलाश रहती है जब वे अपनी दब...

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अंतरिक्ष की महायात्रा में मानव के लिए मंगल बनेगा मील का पत्थर

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भ्रष्टाचार के देवता:एक आईएएस का सेवाकाल संस्मरण
दावात्याग: प्रस्तुत पोस्ट 'गॉड्स आफ करप्शन' पुस्तक की मात्र  संक्षिप्त  समीक्षा है और  इसमें व्यक्त विचार लेखिका के हैं, उनसे मेरी सहमति का कोई प्रत्यक्ष या  परोक्ष आग्रह  नहीं है।   मैंने जब १९७६ बैच की सीधी भर्ती किन्तु अब सेवानिवृत्त आईएएस आफीसर श्रीमत...
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