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Kavita Vikas
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बसंत --------------------------------- नव कालिका , नव
पल्लव नवजीवन का आह्वान कानन कुंजन में कलरव गूँजे नवल विहान । सरसों फूली ,   झूली अमुआ  टेसू अमलतास लहराए महमह मदमाती महुआ दावानल सा भरमाए । जड़ – चेतन में तरुणाई प्रकृति संग आई देख साँझ की अरुणाई पवन चली ...

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बड़ी करिश्माई है अहसासे मुहब्बत जीवन नहीं कभी बंज़र होता है। संग मौसम उतर जाओ फ़िज़ाओं में तुमसे ही शादाब मेरा शज़र होता है। रात कट जाती है आँखों में अक्सर उधर भी क्या यही मंज़र होता है। अजाबे इश्क़ भी अज़ीज़ होता है ,पास जब तुम्हारी बांहों का पिंजर होता है। दिल की ...

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हँसना सीखा दिया रोना सीखा दिया प्यार ने तेरे ख्वाबों में जीना सीखा दिया। बाद मुद्दत के ऐसा कोई शख्स मिला पत्थर को पिघलना सीखा दिया। गमो खुशी में तलाशते हैं वही कांधा जिसने करवटों में शब बीताना सीखा दिया। दिलाज़ार की गुस्ताखी कैसे भूले कोई आग में जो बेखौफ़ क...

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हे दुर्गेशनंदिनी माँ।....must read

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मेघ उसकी रहमत का...must read friends

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बना दो या बिगाड़ दो आशियाँ दिल का हाथ में ये तेरे है ,नहीं काम कुदरत का। तोड़ दो यह ख़ामोशी ,खफ़गी भी अब सर ले लिया अपने, इल्ज़ाम मुहब्बत का। जी करता है बिखर जाऊं खुशबू बन तोड़ कर बंदिशें तेरी यादों के गिरफ्त का। बज़्मे जहान में कोई और नहीं  जंचता कुर्बत में तेरे ...

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बरस - बरस घन बरसाओ  रे ------------------------------------------------ बरस - बरस घन बरसाओ  रे हरस - हरस मन हरसाओ रे।           
शप्त पतझड़ में मधुवन            
आँखन में  है असवन            
सूना - सूना है चितवन             
नद- पोखर , वन - उपवन उठ रहा मेघो...

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सडकों में नपती हैं शहरों की दूरियां  दिल के रिश्तों में कहाँ कमती दूरियां  अहसासों को  बाँध लेते गर सीमाओं में  फिर कहाँ सालती हमारे  बीच की दूरियां  टूट जाता है सब्र का सैलाब कभी- कभी  मधुमास में जब जिय जलाती हैं दूरियां  पहले तो कबूतर भी पहुंचाते थे सन्दे...

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अनचाहा मिल जाता है ------------------------------- एक याद आती है सहसा  हृदय सुमन खिल जाता है  जिसकी चाह ,नहीं मिलता वह  अनचाहा मिल जाता है।  हो नज़रों से दूर भले तुम  मन में पर तुम ही तुम हो  सिर्फ साथ रहने भर से ही  उधड़ा मन सिल जाता है।  हर एक दुआ हो गर कुब...

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संक्रमण ------------- युग का सबसे संक्रमणकारी दौर है यह  हवा में तैरते वायरस कितनी जल्दी  बातों के रोग का संक्रमण फैला देते हैं  इसका अंदाजा भी नहीं लगता।  बेबात पर बात बढ़ जाती है  चुप रहने पर बवाल  हो  जाता  है  यही  तो संक्रमण है  खड़ा होता है वह  अकेला कव...
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