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विजयबहादुर सिंह
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सत्य कहने के लिए किसी सपथ की जरुरत नहीं होती
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नीति आयोग की बैठक: प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, हमारे सामने देश की आर्थिक विकास दर को दहाई अंक तक ले जाने की चुनौती
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सभी मुस्लिमों को ईद की
राम राम ..
बाबा महांकाल का आशीर्वाद
आपके अल्लाह पर बना रहे.

सिर्फ गुरुद्वारों और मंदिरों में इफ्तार पार्टी रखने से भाईचारा, गंगा जमुना तहजीब ,सद्भावना नहीं बढ़ेगी,

मस्जिदों में कीर्तन भी रखना पड़ेगा ..✍🇮🇳

बाअदब.. बामुलाहिज़ा.. होशियार..

हर ख़ास ओ आम की ताक़ीद की जाती है कि दिल्ली के मालिक, सुलतान-ऐ-चुतिया, ज़िल्लते इलाही जनाब केजरुद्दीन रायतेवाला एल जी साहब की तानाशाही के ख़िलाफ़ मोर्चा खोले हुए हैं.. इस काम में उनको बहुत मेहनत करनी पड़ रही है.. उनकी तबीयत भी नासाज़ हो सकती है जिसके कारण उनको आराम करना पड़ रहा है.. उनकी कुछ तस्वीरें दुश्मनों ने जारी की हैं जिसमें उन्हें सोफे पर सोते हुए दिखाया गया है.. लेकिन दुश्मनों ने ये नहीं बताया कि जनाब लगातार बैठे बैठे थककर चूर हो गए थे.. लेकिन बजाय मैदान छोड़कर जाने के उन्होंने वहीं डटे रहना और सोते रहना मुनासिब समझा..

दिल्ली के मालिक काम करना चाहते हैं लेकिन उनको काम नहीं करने दिया जाता है.. बार बार उनके काम में अड़ंगे लगाए जाते हैं.. मुल्क के वज़ीरे आज़म कैसे भी करके दिल्ली के मालिक की सरकार का तख्तापलट करना चाहते हैं.. उनके कामों को घोटालों का नाम देकर उनकी तहक़ीक़ात की जा रही हैं.. जो कि बेहद ग़लत कदम है और एक चुनी हुई सरकार के ज़ानिब कुछ अच्छे कामों के बदले थोड़ा सा पैसा कमाने पर तहक़ीक़ात की जाकर उनको डराया जा रहा है..

लेकिन मुल्क के वज़ीरे आज़म इस बात को समझ लें कि दिल्ली के मालिक किसी से डरते नहीं हैं.. वो खुद डेंगू के मच्छर हैं और ज़्यादा परेशान किये जाने की सूरत में वो किसी को भी डंक मार सकते हैं.. जिसकी पूरी ज़िम्मेदारी वज़ीरे आज़म की ही होगी.. हाल ही में ख़ुफ़िया एजेंसियों ने वज़ीरे आज़म के क़त्ल की साज़िश का खुलासा किया है और इसके मद्देनजर उनकी हिफाज़त के इंतज़ामात को और पुख़्ता किया गया है... लेकिन खुद वज़ीरे आज़म से दिल्ली के मालिक को ख़तरा है जिसका ज़िक्र मालिक दो साल पहले कर चुके हैं.. लेकिन बावजूद इसके दिल्ली के मालिक की हिफाज़त के लिये एहतियातन कोई क़दम नहीं उठाए गए हैं.. जिससे वज़ीरे आज़म अब अपनी मनमानी पर उतर आए हैं..

दिल्ली के मालिक शुरू से ही दिल्ली को अलग और आज़ाद रियासत का दर्ज़ा दिये जाने की माँग कर रहे हैं.. जिसकी वजह से वो दिल्ली को फ्री वाई-फाई.. 10 लाख कैमरे.. 500 स्कूल.. 20 कॉलेज.. मुफ़्त बिजली.. मुफ्त पानी.. शीला जी के 500 पेजोज के सबूत नहीं दे पा रहे हैं..

दिल्ली के मालिक ने आखरी बार हिदायत देते हुए फ़रमान जारी किया है कि अगर वज़ीरे आज़म और एल जी साहब ने उन्हें ज़्यादा परेशान किया तो वे दिल्ली असेंबली में मुल्क के बेहद ईमानदार दिल्ली असेंबली के मेम्बरान को बुलाकर वज़ीरे आज़म को बर्ख़ास्त करने के कागज़ात पर दस्तख़त करके उन्हें रियासत और सियासत से रुख़सत कर देंगे..

ताकि सनद रहे..

वो धारा 370 नही हटवा पाया तो क्या उन्हें वोट दे दूं जिन्होंने धारा 370 लागू की थी ???

वो श्री राम मंदिर नही बनवा पाया तो क्या उन्हें वोट दे दूं जिन्होंने मंदिर तुड़वाकरमस्ज़िद बनवाई थी ???

वो मुसलमानों के लिए जनसंख्या नियंत्रण कानून नही बनवा पाया तो क्या उन्हें वोट दे दू जिन्होंने जबरदस्ती पकड़ पकड़ कर हिन्दुओ की नसबंदी कर दी थी ???

वो पाकिस्तान का खात्मा नही कर पाया तो क्या उन्हें वोट दे दूं जिन्होंने पाकिस्तान को जन्म दिया था ????

वो गौ हत्या पूरी तरह बंद नही कर पाया तो क्या उन्हें वोट दे दूं जो कर्नाटक में बीच सड़क पर गाय काटकर खा गए थे ?????

फैसला आपको करना है???
🙏🙏

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प्रधानमंत्री मोदी छत्तीसगढ़ में विभिन्न परियोजनाओं का शिलान्यास करेंगे
https://economictimes.indiatimes.com/news/politics-and-nation/narendra-modi-to-unveil-multiple-projects-in-chhattisgarh/articleshow/64572021.cms

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अगर आज प्रणव मुखर्जी अपने भाषण में "मंदिर वहीं बनाएंगे" का उद्घोष कर दें तो यकीन मानिए आधे से ज्यादा कांग्रेसी या तो हार्ट अटैक से मर जाएंगे या स्वयं को कोड़े मार-मार कर अधमरा कर देंगे ..
सभी कांग्रेसी राम मंदिर के खिलाफ है..
फिर भी जनता उनको पता नही क्यों #Support करती है.🤔
कांग्रेस = घोटालेबाजो की सरकार थी यही सच है ..
प्रणव दा के संघ के कार्यक्रम में जाने पर सबसे ज़्यादा वही लोग चिल्ल-पौं मचा रहे थे जो राजीव गांधी के प्रधानमंत्री बनने के बाद प्रणव मुख़र्जी को कांग्रेस पार्टी से बाहर निकाले जाने पर चुप्पी साध गए थे.
कांग्रेस एक परिवार की पार्टी है और सारे कांग्रेसी उसके सेवक. इस पार्टी में योग्यता कोई मायने नहीं रखता है.
प्रणव दा के नागपुर जाने को लेकर जिन कांग्रेसियों, सेकुलरवादियों ने कोहराम मचा रखा था उन्हें अपने पूर्व-राष्ट्रपति की समझ, परिपक्वता, प्रज्ञा पर अपने बचकाने संदेहों, मूर्खतापूर्ण नसीहतों पर कम से कम भीतर तो शर्म आ रही होगी..
डर rss को होना चाहिए था की अलग विचारधारा के प्रणव मुखर्जी उसकी आलोचना न कर दे , इसके उलट कांग्रेस डरी हुई थी कि कहि दादा rss की प्रसंशा न कर दे
Rss की हिम्मत की दाद देनी चाहिए जो अपने विरोधी को बोलने अपना मंच दिया
क्या कांग्रेस या अन्य दलों में इतना साहस हैं ?🤔
हम सब को दादा से प्रेरणा लेनी चाहिए कि अलग विचार धारा का मंच होते हुए भी अपने विचारों को कैसे रखें।
आपकी बौद्धिक क्षमता को प्रणाम 🙏

जिस दिन कांग्रेसियों को अपने किये पर शर्म आनी शुरू हो जाएगी,उसी दिन कांग्रेस फिर जी उठेगी।
लेकिन बड़ा मुश्किल तो ये है कि अक्सर दोहरा चरित्र निभाने वालों का वास्तविक किरदार लुप्त हो जाता है।
कुछ ऐसा ही कांग्रेस के साथ है।।
बौद्धिक ह्रास तो हो ही चुका है।।

काँग्रेस पार्टी बेशर्म है, उनको किसी चीज की शरम नहीं है, अपने मतलब के लिए, सत्ता हवस के लिए कुछ भी करने की और बोलने की छुट है वरना संविधान, लोकतंत्र खतरे मे आते देर नहीं लगती ..
नरसिम्हा राव, राजेश पायलट, माधव राव सिंधिया, कमल नाथ इत्यादि जैसों को एक परिवार की चाकरी के लिए दुत्कार चुकी कांग्रेस अब शर्म कहाँ से लाये!
प्रणव दा का तिरस्कार तो 2004 में भी हुआ था, जब जी हजूरी के आदी कांग्रेसियों ने मनमोहन को सोनियां की कठपुतली होने का ईनाम दिया..
अनुभवी रास्ट्र नेता , जो कि पूर्व राष्ट्रपति रह चुके है, उन्हें इन कांग्रेसीयों ने गली का नेता समझ रखा था जो दलबदल करते हैं .
शर्म आनी चाहिए शोनियांगांधी राहुल गांधी प्रियंका गांधी और तमाम कांग्रेस को ...✍🇮🇳

मणिशंकर पाकिस्तान जाएँ तो आपत्ति नहीं

पर प्रणव दादा के नागपुर जाने पर आपत्ति है

इसीलिए तो लोगों को कांग्रेस से नफरत है 👊

आयोजन को लेकर जिन्होने भी विवाद उत्पन्न किया,उन्हें आभार!अन्यथा,
नागपुर से ऐसा सीधा प्रसारण कहाँ देखने को मिलता!वसुधाकल्याण को कटिबद्ध स्वयंसेवको का अनुशासन
समर्पण व प्रतिबद्धता देखना और उन्हें देखते हुए भावविभोर प्रणव मुखर्जी जी को देखना अद्भुत है ।

अकबर को मुस्लिम आक्रांता कहकर माननीय प्रणव मुखर्जी जी ने उस लुटेरे को महान कहने वाले वामपंथी इतिहासकारों, बुद्धिजीवियों और सेक्युलर नेताओं का मुंह बंद कर दिया है! आशा करता हूँ कि ये लोग अब स्वयं इंडिया गेट से प्रधानमंत्री निवास को जोड़ने वाली अकबर रोड का नाम बदलने की मांग करेंगे ।

RSS के कार्यक्रम में प्रणव दा ने अपना भाषण “जय हिंद” और “वन्दे मातरम्” से ख़त्म करके, उन लोगों को “आइना” दिखाने का काम किया जो “देश भक्ति” के ठेकेदार बने घूम रहे थे.

नमन है प्रणव दा" देशप्रेमी अंदाज में "प्रणव दा" ने भाषण के अंत में "वंदेमातरम" कहा ...✍🇮🇳

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सरकार ने स्टार्ट-अप उद्यमियों के लिए नियम सरल किए, स्टार्ट-अप को बढ़ावा देने के लिए धन उपलब्ध कराया: प्रधानमंत्री मोदी
https://timesofindia.indiatimes.com/india/govt-has-eased-norms-provided-funds-to-promote-startups-pm-modi/articleshow/64474467.cms

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सरकार ने ग्रामीण डाक सेवकों के मूल वेतन को बढ़ाकर 14,500 रुपये प्रति माह किया
https://timesofindia.indiatimes.com/business/india-business/govt-hikes-basic-pay-of-gramin-dak-sevaks-to-up-to-rs-14500-per-month/articleshow/64479563.cms

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प्रधानमंत्री मोदी ने असम के उद्यमी की प्रशंसा की
http://www.guwahatiplus.com/daily-news/assam-entrepreneur-wins-accolade-from-pm-modi

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