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जयकृष्ण राय तुषार
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गीत और ग़ज़ल विधा में लेखन |ब्लॉग -छान्दसिक अनुगायन और सुनहरी कलम पर सक्रिय |शिक्षा -M.A.LL.B काशी हिन्दू विश्व विद्यालय से सम्पन्न
गीत और ग़ज़ल विधा में लेखन |ब्लॉग -छान्दसिक अनुगायन और सुनहरी कलम पर सक्रिय |शिक्षा -M.A.LL.B काशी हिन्दू विश्व विद्यालय से सम्पन्न

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एक गीत -गाँव -वन जलता रहा
चित्र -गूगल से साभार  एक गीत -गाँव -वन जलता रहा  भोर को  उगता रहा और  साँझ को ढ़लता रहा | सूर्य का  रथ देखने में  गाँव -वन जलता रहा | नदी विस्फारित  नयन से  हांफता सा जल निहारे , गोपियाँ  पाषाणवत अब  कौन कान्हा को पुकारे , प्रेम से जादा  विरह दे  कृष्ण भी छल...

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आस्था का गीत -राम का पावन चरित
एक आस्था का गीत -राम का पावन चरित  राम का  पावन चरित  इस देश का अभिमान है | भव्य मन्दिर  का सृजन ही  सृष्टि का सम्मान है | वेदपाठी  दास  तुलसी  राम को पहचानते हैं , शैव -वैष्णव  नाथ इनको जानते हैं मानते हैं , राम की  उपमेय ,उपमा  और नहीं उपमान है | एक योगी ...

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एक प्रेम गीत -कुछ फूलों के कुछ मौसम के
चित्र -गूगल से साभार  एक पेमगीत -कुछ फूलों के  कुछ मौसम के  कुछ फूलों के  कुछ मौसम के  रंग नहीं अनगिन | तुम्हे देखकर  बदला करतीं  उपमाएं पल -छिन | एक सुवासित  गन्ध हवा में  छूकर तुमको  आती , राग बदलकर  रंग बदलकर  प्रकृति सहचरी गाती , तुम हो तो  मन्दिर की सु...

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एक गीत -फूलों की आँखों में जल है
चित्र -साभार गू इस बदले  मौसम से जादा  फूलों की आँखों में जल है | हदें पार  कर गयी सियासत  राजनीति में छल ही छल है | अहि जा लिपटे  वन मयूर से  घोरी से मिल गए अघोरी , नैतिकता  ईमान खूटियों पर  संध्याएँ गाती लोरी , गंगा में  टेनरियों का जल  पूजाघर में गंगा जल...

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एक गीत -सूर्य तो उगता रहा हर दिन
चित्र -गूगल से साभार  एक गीत -सूर्य तो उगता रहा हर दिन  सूर्य तो  उगता रहा हर दिन | मगर कुछ  वन फूल  अब भी हैं अँधेरे में | साँझ ढलते  रक्त में डूबा  नदी का जल , शोर -चीखों  का कभी  निकला न कोई हल , कहीं कुछ  तो चूक है  उजले सवेरे में | अन्नदाता  आपदा की  ज...

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एक गीत -फूलों की आँखों में जल है
चित्र -साभार गूगल  एक गीत फूलों की आँखों में जल है  इस बदले  मौसम से जादा  फूलों की आँखों में जल है | हदें पार  कर गयी सियासत  राजनीति में छल ही छल है | अहि जा लिपटे  वन मयूर से  घोरी से मिल गए अघोरी , नैतिकता  ईमान खूटियों पर  संध्याएँ गाती लोरी , गंगा में...

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एक गीत -सुख नहीं उधार लो
चित्र -गूगल से साभार  एक ताज़ा गीत -सुख नहीं उधार लो  धूल जमे  रिश्तों को  फूल से बुहार लो | बिखर गए  जुड़े सा  इन्हें भी संवार लो | अफवाहों के  बादल  मौसम का दोष नहीं , नीड़ों से  दूर उड़े  पंछी को होश नहीं , अनचाहे  पेड़ों से  इन्हें भी उतार लो | दरपन भी  हँसत...

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प्रेम दिवस पर एक ताज़ा गीत -महलों की पीड़ा मत सहना
चित्र -साभार गूगल  एक गीत -महलों की पीड़ा मत सहना  महलों की  पीड़ा मत सहना  आश्रम में रह जाना | अब शकुंतला  दुष्यंतों के  झांसे में मत आना | इच्छाओं के  इन्द्रधनुष में  अनगिन रंग तुम भरना , कोपग्रस्त  ऋषियों के  शापों से किंचित मत डरना , कभी नहीं  अब गीत रुदन...

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