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ऋषभ देव शर्मा
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हिंदी सेवी : कवि : समीक्षक : अध्यापक
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गढ़ी हुई भारतीयता और भारतीय साहित्य का रिश्ता थोडा झीना है, सघन नहीं है.  - डॉ देवराज http://vakrokti-hindi.blogspot.com/2016/02/001.html
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[रामायण संदर्शन] !! रीझत राम सनेह निसोतें !!
तुलसी के राम का स्वभाव अत्यंत कोमल है। उन्हें रिझाने के लिए बस एक ही योग्यता चाहिए। भक्त के हृदय में अगर सच्चा प्रेम है तो राम इतने दयालु हैं कि उसके सारे पापों और अपराधों का तुरंत शमन कर देते हैं और पापमुक्त करके अपनी शरण में ले लेते हैं। इसीलिए बाबा कहते ...
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तुलनात्मक साहित्य का भारतीय संदर्भ
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(पुस्तक) प्राचीन भारत में खेल-कूद : स्वरूप एवं महत्व
अवधेश कुमार सिन्हा (ज. 9 सितंबर, 1950) की 68वीं वर्षगाँठ पर उनकी शोधपूर्ण कृति "प्राचीन भारत में खेल-कूद (स्वरूप एवं महत्व)" (2018. हैदराबाद : मिलिंद प्र.) का प्रकाशन/लोकार्पण हैदराबाद के हिंदी जगत के लिए अत्यंत हर्षकारी है।  अवधेश जी बहुज्ञ लेखक हैं। उनका ...
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(भूमिका) इक्कीसवीं सदी के हिंदी उपन्यास : विविध विमर्श
उपन्यास को आधुनिक युग का महाकाव्य कहा जाता है. इसका कारण यह है कि इस विधा में महाकाव्य की भाँति संपूर्ण जीवन को समेटने तथा भूत, भविष्य और वर्तमान को एक साथ संबोधित करने की महती संभावनाएँ निहित हैं. यही कारण है कि आधुनिक उपन्यास से हम यह भी अपेक्षा करते हैं ...
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तुलनात्मक भारतीय साहित्य : अवधारणा और मूल्य
प्रो. ऋषभदेव शर्मा के कक्षा-व्याख्यानों के आधार पर डॉ. गुर्रमकोंडा नीरजा द्वारा लिप्यंकित तुलनात्मक भारतीय साहित्य : अवधारणा और मूल्य - प्रो. ऋषभदेव शर्मा [1] सामान्य साहित्य तुलनात्मक साहित्य का अध्ययन करते समय तीन परस्पर निकटस्थ अवधारणाओं से टकराना पड़ता ...
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(भूमिका : दो शब्द) भारतीय
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भारतीय साहित्य का अंतरराष्ट्रीय परिप्रेक्ष्य : विविध आयाम
भारतीय साहित्य के अंतरराष्ट्रीय परिप्रेक्ष्य को समझने के लिए हमें पहले यह जानना होगा कि भारतीय साहित्य का निजी परिप्रेक्ष्य क्या और कैसा है. आज  विश्व साहित्य के माध्यम से और विश्व में जो समाज-सांस्कृतिक और राजनैतिक परिवर्तन हो रहे हैं, उनके प्रभाव को ग्रहण...
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हिंदी साहित्य : विश्व परिप्रेक्ष्य
 हिंदी साहित्य के विश्व परिप्रेक्ष्य को हमें हिंदी की आज की स्थिति के सापेक्ष  विवेचित करना होगा. इसमें संदेह नहीं कि आज हिंदी  का विस्तार पूरी दुनिया में है. बहुत सारे देशों में, विश्वविद्यालयों में, हिंदी पढ़ी-पढाई जाती है. हिंदी में लिखने वाले भारतीय और भ...
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