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संगठित भारतीय सशक्त भारत
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संगठित भारतीय सशक्त भारत
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प्राचीन वैभोशाली भारतवर्ष  - 
 
एक बार किसी लेख को पढ़ते हुए एक वाक्य मेरे मानस पटल पर अंकित हो गया जिसका उत्तर आज तक स्पष्ट नही हो सका |

वो वाक्य था :- "महाभारत के सभी प्रमुख पात्रों की उत्पत्ति अस्वाभाविक थी" |

आप सभी से इस विषय में जिज्ञासा प्रकट करने का उद्देश्य है कि कुछ ज्ञानार्जन हो सके, नए तथ्य ज्ञात हों |

द्रोणाचार्य :- सर्वप्रथम द्रोणाचार्य जी की उत्पत्ति पर विचार करें ! ऋषि भरद्वाज का वीर्य एक अप्सरा को देखकर स्खलित होने लगता है जिसे वे द्रोण नामक यज्ञ पात्र में सुरक्षित कर लेते हैं उससे द्रोणाचार्य उत्पन्न होते हैं | ये एक ऐसी विधा की ओर संकेत है जिसमें माँ के गर्भ की आव्यश्यक्ता जान नही पड़ती | वो विज्ञान मानव थे ऐसा ही आभास होता है |

कर्ण :- दुर्वासा ऋषि से प्राप्त विद्या द्वारा कुन्ती से उत्पन्न हुए | सूर्य ऊर्जा द्वारा कर्ण का जन्म किसी प्राचीन ऐसी विधा का संकेत है जिसमें पिता के शुक्राणु की आवश्यकता नही होती | योगशक्ति एवम् विज्ञान दोनों के समन्वय से उत्पन्न विज्ञान मानव |

भीष्म :- राजा प्रतीप के पौत्र एवम् शांतनु के पुत्र गंगा पुत्र भीष्म की उत्पत्ति भी सामान्य नही लगती वरन वे भी विज्ञान मानव ही जान पड़ते हैं | राजा प्रतीप की दायीं जाँघ में गंगा का बैठ जाना एवम् राजा प्रतीप द्वारा ये कहना कि तुम मेरी दायीं जांघ पर बैठी हो अतः मैं तुम्हे अपना बनाऊंगा | ये आख्यान इस ओर संकेत करता है कि भीष्म को उतपन्न करने की कार्य योजना का नाम गंगा था | न कि गंगा एक स्त्री थीं | एक नदी का स्त्री रूप में चित्रण अन्वेषणिय है |

इन तीनो चरित्रों में एक साम्यता भी है कि ये तीनों परुशुराम शिष्य हुए | त्रेता के परशुराम किस तरह द्वापर में इनके गुरु बने ?

इसका उत्तर यही समझ आता है कि ये तीनों पात्र चूँकि विज्ञान मानव थे | अतः इनको गुप्त रूप से एक विशेष शक्ति से सम्पन्न करने के लिए गुप्त अश्त्र शास्त्र सम्पन्न करने में लगे समय को "परशुराम विद्या " कहा गया हो | संभवतः तीनो पात्र तीन अलग अलग रिसर्च से उत्पन्न हुए हों | तीनों चरित्र के बाल्यकाल का चित्रण नही मिलता अर्थात तब उन यांत्रिक मानवों को विभिन्न प्रयोग हो रहे थे |

उस काल में यांत्रिक मानव उत्पत्ति और इसके भयानक परिणामों के को नष्ट करने हेतु इन तीन अजैय योद्धाओ को ऋषि भारद्वाज, ऋषि दुर्वासा एवं राजा प्रतीप के प्रयास को शांतनु द्वारा सफल किया गया | बाद में कुन्ती एवं माद्री द्वारा पाण्डव उत्पन्न हुए | वे भी यांत्रिक मानव थे |

वेदव्यास :- मत्स्यगंधा और उसका भाई दोनों की उत्पत्ति एक मछली से होती है | सम्भव है ये भी किसी रिसर्च का परिणाम हों | क्रतिम मानव जिसमें जलचर के गुण हो |

परासर ऋषि द्वारा मत्स्यगंधा के गर्भ से व्यास जी की उत्पत्ति भी विज्ञान कथा जैसी ही है | मत्स्यगंधा का व्यास जी को उत्पन्न करने के बाद नया रूप हो जाता है मछली की दुर्गन्ध समाप्त हो जाती है | उनका कौमार्य बना रहता है एवम् सौंदर्य बढ़ जाता है |
सत्यवती और शांतनु के दोनों पुत्र अल्पायु होने का कारण भी संभवतः ये है कि सत्यवती यांत्रिक मानव थीं और शांतनु साधारण मानव |

सत्यवती के आग्रह पर व्यास जी से उत्पन्न पाण्डु एवम् धृतराष्ट्र भी जैविक विकार का शिकार हुए | इसका कारण था क्रतिम मानव के तेज को वे सहन नही कर सकीं | जबकि दासी को व्यास जी से विदुर की उत्पत्ति हुई | इसमें कही भी सम्भोग की चर्चा नही है अर्थात वो नियोग नही था |

कौरवों की उत्पत्ति :- गांधारी के गर्भ गिर जाने पर व्यास जी ने सौ घड़ों में उस गर्भ के सौ टुकड़े करके रखवा दिए और दुर्योधन आदि की उत्पत्ति हुई ये भी क्रतिम यांत्रिक मानव थे |

कौरव और पाण्डवो को एक साथ अस्त्र अस्त्र की शिक्षा देने हेतु द्रोणाचार्य से उपयुक्त कौन था भला ? क्योकि ये सभी लोग विज्ञान और मानव का मिश्रित रूप थे अर्थात क्रतिम मानव | ऐसा लगता है उस समय ये विधा जिसमें ऐसे मानव बनाना जो यांत्रिक भी हों प्राचीन ऋषि परम्परा का अंग थी और अति गुप्त थी |

जरासन्ध :- जरासन्ध की उत्पत्ति भी संभवतः इसी विज्ञान से हुई थी वो भी यांत्रिक मानव था | जरासन्ध के पिता को एक ऋषि एक आम देते हैं कि इससे एक बलशाली योद्धा जन्म लेगा वे उस आम के दो टुकड़े कर अपनी दोनों रानियों को खिला देते हैं दोनों के गर्भ से दो माँस पिण्ड उत्पन्न होते हैं | राजा उन्हें फिकवा देता है किन्तु जरा नामक राक्षसी उन टुकड़ो को जोड़ देती है और जरासन्ध जीवित हो जाता है | एक अति पराक्रमी विज्ञान मानव |

कृपाचार्य :- शरद्वान महान धनुर्धर योद्धा थे थे | कथा है कि इनका जन्म तीरों में ही हुआ था | इंद्र इनकी तपस्या से डर गया एवम् एक अप्सरा भेजी जिसे देखकर इनका वीर्य एक सरकण्डे में स्खलित हो गया तथा उससे कृप तथा कृपी दो भाई बहन उत्पन्न हुए | कृपी का विवाह द्रोणाचार्य से हुआ | इनके जन्म में भी उसी विज्ञान के होने संकेत है |

द्रौपदी और धृष्टदुम्न दोनों यज्ञ से उत्पन्न हुए यानि ये भी यांत्रिक मानव |

बहुत पीछे जाएं तो राजा सगर के साठ हजार पुत्र भी एक ही भ्रूणपिण्ड के अंश थे जिसे साठ हजार घड़ो में उत्पन्न किया गया | भगवान राम आदि चारो भाई की उत्पत्ति में भी विज्ञान था | और भी कई चरित्र हैं जिनकी चर्चा सम्भव नही इस छोटे लेख में | सम्भवतः ये एक ऋषि परम्परा की प्राच्य विद्या थी जो महाभारत के बाद लुप्त हो गई |

मैंने ये लेख अपने अल्प विवेक से मात्र एक संभावना के रूप में लिखा है | अगर इस लेख से कहीं भी उनकी आस्था को चोट लगती हो तो इसे मेरा अल्पज्ञान जान कर क्षमा करेंगें |
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Rajesh Singh's profile photoNarayan Padhi's profile photo
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Jai shree krishna 
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कांग्रेसी पिट्ठू सोशल मीडिया पर मोदी जी को गिरियाने में लगे हैं कि अब भारत पाकिस्तान से युद्ध करने से क्यों पीछे हट रहा है, क्यों टाल रहा हैै ? कहाँ गया 56 इंच का सीना ?

इसके लिए कांग्रेस ही मुख्य तौर पर उत्तरदायी है | कांग्रेसियों ने दस वर्ष में कितने आयल रिजर्व बनाए ? युद्ध मात्र मुँह से नहीं लड़े जाते | भारत के पास कितने दिनों का 'आयल रिजर्व' था, जब मोदी जी ने सत्ता संभाली ?

सितम्बर 2015 से मोदी सरकार नए आयल रिजर्व बना रही है ताकि सेना को साहस मिला | युद्ध के लिए कम से कम चालीस दिन की सामग्री होनी चाहिए, कांग्रेस की कृपा से सेना के पास चालीस दिन तक चलने वाला मात्र दस फीसदी गोला बारूद ही था | चीन के पास साठ से अस्सी दिन का रिजर्व रहता है | कांग्रेस ने मात्र सात दिन का रिजर्व रख छोड़ा था और बकते हैं कि मोदी क्यों युद्ध नहीं कर रहा |

उन दस वर्ष में सेना को इतना तबाह कर दिया गया कि भारतीय सेना का जनरल चिल्लाता रहा कि भारत की सेना के पास लड़ने को हथियार नहीं है, परंतु दस वर्ष तक भारत सरकार के लोग 2G, 3G, जीजा G, कॉमनवेल्थ और कोयला घोटालों में ही मस्त रहे |

विमानों की खरीद में इतनी घटिया दलाली की राजनीति चली कि दलाली न मिलने के कारण दस वर्ष में विमानों को खरीदने का ऑर्डर ही नहीं दे पाये | वो तो भला हो नरेंद्र मोदी जी का जिन्होंने 'राफेल डील' को स्वयं ही फ़्रांस जा के सुनिश्चित करके हताश हो रही एयरफोर्स को नया साहस दिया |

गलती से कांग्रेस ने जो हेलीकॉप्टर और सेना के ट्रक खरीदे उसे 'ऑगस्टा वेस्टलैंड हेलीकाप्टर घोटाला' और 'टैट्रा ट्रक घोटाला' नाम से ये देश जानता है |

अब आते हैं नौसेना की स्थिति पर, क्या हालात बना दी कांग्रेसियों ने 2004 से 2014 तक ? हादसों की झड़ी लगा दी और नौसेना की शान INS सिंधुरक्षक का खड़े खड़े तबाह हो जाना और अठ्ठारह नौसैनिकों का मरना वो घाव है जिसे मात्र एक दुर्घटना नहीं माना जा सकता | नौसेना प्रमुख एडमिरल डी.के. जोशी ने तो इस्तीफा दे दिया मगर उसके बाद फिर हादसे का होना ये बताने को पर्याप्त था कि दस वर्षों में नेवी वारशिप का रखरखाव हुआ ही नहीं या हुआ भी तो बड़ी हथियार दलाल लाबी इसमें जुडी रही थी |

कांग्रेसियों घोटाले और मुफ्तखोरी से तबाह देश का खजाना तुमने मोदी जी को दिया था जो कोई युद्ध नहीं झेल सकता था | यही कारण है कि उस देश के खजाने को भरने के चक्कर में आज मोदी जी कभी सेस बढ़ाते हैं तो कभी पेट्रोल डीजल पर वैट बढ़ा के देश को मजबूत करते हैं और हमारी थोक के भाव "गालियां" भी सुनते हैं |

उधर केजरीवाल जैसे लोगों की नौटंकी तो चलती रहती है | फ्री के वाईफाई, फ्री के बिजली, फ्री के पानी पर | अगर युद्ध हुआ तो ऐसे लोगों को जीत हार से मतलब नहीं होगा, उन्हें मतलब होगा युद्ध के बाद निश्चित बढने वाली महंगाई से, महंगाई बढ़ गई जी, मोदी ने टैक्स लगा दिया जी |

अब कुछ मानसिक रूप से अपरिपक्व बच्चे, ये कहेंगे की अब तो मोदी है जो करना है करता क्यों नहीं ? भाई जहाजों के आर्डर मोदी जी स्वयं फ़्रांस में देकर आए हैं | जहाज का आर्डर दिया है न कि पिज्जा का जो दो मिनट में बनकर आ जाए, कुछ वर्ष लगेंगे बनाने और डिलीवरी में | सेना का आधुनिकीकरण जारी है | नए "आपातकालीन तेल रिजर्व" अगस्त सितम्बर 2015 से बनने शुरू हो चुके हैं |

हथियारों की खरीद को रक्षामंत्री मनोहर पारिकर ने स्वीकृत कर दिया है | कांग्रेस की चहेती हथियारों की दलाल लाबी को भगा दिया गया है | राफेल जेट विमान सौदे में भारत सरकार ने छब्बीस हजार करोड रु.बचाए, साथ ही सौदे के 50% कीमत का उपयोग फ्रांस भारत के 'मेक इन इंडिया' 'प्रोजेक्ट में करेगा, जिससे देश में रोजगार के अवसरों को भी बढ़ाया जा सकेगा | एक- एक सौदे पर मोदी जी की दृष्टि है |
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TAPAS DASH's profile photoPawankumar Pkyadav's profile photo
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तो फिर कांग्रेसियों पर कार्रवाई क्यों नही करते रोका किसने है बताओ तो उसकी मां की .......मारू
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POK में भारतीय सेना द्वारा 3 आतंकी शिविर नष्ट करने की सत्यता की पुष्टि फिर से द क्विंट ने की है |

http://www.patrika.com/news/miscellenous-india/uri-avenged-indian-army-cross-loc-and-kill-20-terrorists-1404715/?utm_source=Facebook&utm_medium=Social

द क्विंट ने आज सुबह फिर से इस खबर की सत्यता की पुष्टि करते हुए लिखा है- "जम्मू-कश्मीर में उरी सेना मुख्यालय पर हमले के बाद भारतीय सेना ने जवाबी कार्रवाई करते हुए लाइन ऑफ कंट्रोल के पार जाकर 20 आतंकियों को ढेर कर दिया है |

‘द क्विंट’को मिलिट्री सोर्सेज के साथ-साथ दो अन्य विश्वस्त सूत्रों से मिली पुष्ट जानकारी के अनुसार, 18 से 20 सैनिकों की 2 एलीट पैरा यूनिट्स ने मिलिट्री हेलिकॉप्टर्स पर सवार होकर पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में 3 आतंकी शिविरों पर हमला बोला है, जिसमें करीब दो दर्जन आतंकी मारे गए |

सूत्रों के मुताबिक, आतंकियों की जवाबी कार्रवाई में घायल होने वाले लोगों की संख्या 200 के करीब हो सकती है | यह कार्रवाई 20-21 सितंबर की रात को हुई है | इसकी पुष्टि इससे भी होती है कि इस कार्रवाई के तत्काल बाद POK में पाकिस्तान ने अपनी सभी हवाई सेवा को रोक दिया है | साथ ही सेना व विमानन से जुड़े कुछ लोगों के ट्वीट से भी इसकी पुष्टि होती है और यह बताती है कि जब तक कार्रवाई चलती रही पीएम मोदी पल पल इस सूचना पर नजर बनाए हुए थे |

संभवत: 26 सितंबर को UNGA में सुषमा जी के भाषण या फिर जब तक POK में सारे आतंकी शिविर नष्ट नहीं हो जाते तब तक भारत सरकार व भारतीय सेना इसकी आधिकरिक पुष्टि नहीं करेगी | जैसे म्यानमार के समय पूरा ऑपरेशन हो जाने पर ही पुष्टि की गई थी, वैसा ही शायद यहां भी किया जाए | कूटनीति व रणनीति इसी की इजाजत देती है |

यदि ऐसा हुआ है तो भारत पहली बार POK में घुसकर सर्जिकल ऑपरेशन करने में सफल रहा है | इतिहास में सीधी लड़ाई की अपेक्षा (पहले म्यांमार व अब POK) दूसरे देश की सीमा में घुसकर कोवर्ट ऑपरेशन को शुरू करने का श्रेय निश्चित रूप से मोदी सरकार को जाएगा |

ये समाचार 200% सही है, मुझे इसकी जानकारी कल दोपहर में ही मिल गई थी, मगर इस समाचार की कोई पुष्टि करने वाला नहीं था इसलिए पोस्ट नहीं डाली थी | मगर अब कई जगहों से से इस समाचार की पुष्ट जानकारी मिल रही थी |

और हाँ यहाँ ज्ञान बघारने वाले लोग यह बकवास बिल्कुल न करें कि जब सरकार या सेना ऑफिशियल स्टेटमेंट नहीं दे रही है तो फिर मैं इसका खुलासा क्यों कर रहा हूँ ? तो बता दूँ कि मैं केवल एक बड़े वेब के पुष्ट खबर के दावे और कुछ विमानन से जुड़े लोगों के ट्वीट के जरिए खुलासा हो चुके तथ्य को बस अपने मित्रों के लिए रख रहा हूँ |
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sanjay mourya's profile photoJasuben Parmar's profile photoRao Cm's profile photoRamachandran G Nair's profile photo
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GOOD..ZAIN....VERY GOOD..TIT FOR TAT..!!
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भारत पाकिस्तान में युद्ध हो तो लाभ किसका ? निश्चित ही न तो भारतीय जनता का होना है, न पाकिस्तानियों का ही होना है | पाकिस्तानी तो ठहरे जिहादी वो तो पैदा ही मरने के लिए होते हैं अल्लाह ने उनको मरने के लिए पैदा किया है | आप उनको घाटा नफ़ा दिखा कर नहीं रोक सकते | उनमे से कई बहुत समझदार भी हैं जो खुदाई किताब के पाबन्द नहीं हैं और हैं तो एक हद तक हैं उससे ज्यादा नहीं |

रूस, अमेरिका, फ़्रांस इनकी अर्थ व्यवस्था हथियारों के भरोसे चलती है | उद्योग और उपज के नाम पर कुछ है नहीं | कार और दूसरी चीजे सब लोग बनाने लगे हैं थोड़ा बहुत मार्केट दादागिरी के चलते बचा है वो भी समाप्त ही है |

अठ्ठारह भारतीय सैनिकों का परसों बलिदान हुआ है जो की मुझ जैसे न प्रशिक्षित व्यक्ति से लाख गुना अधिक महत्व रखते थे | मेरे आकलन से ये क्षति सत्रह लाख की है | आंकड़ों में तौलें तो सवा अरब की सुरक्षा के लिए तेरह लाख रक्षकों में से सत्रह गए |

पाकिस्तान में कुरान के साथ साथ अरबी अमरीकी गठजोड़ वाले NGO धड़ल्ले से काम करते हैं | हाफिज सईद को इतनी बकबक मोस्ट वांटेड की छाप लगने के बाद भी कौन पाल रहा है ? जबकि मुशर्रफ जलावतन होकर घूम रहा है वापसी के लिए कभी भी गिदड़ भभकियों का सहारा ले रहा है | ओसामा को इसी अमेरिका ने घुस कर मार दिया
अब तक अमेरिकियों की अर्थव्यवस्था को ध्यान में रख कर ही वित्तमंत्री तय होते थे | पहली बार हो रहा है कि भारतीय अर्थव्यवस्था अमरीकियों को ठेंगा दिखा रही है | अनुमान इसलिए की पिछले दिनों के समाचार कह रहे हैं कि भारत की वित्तीय स्थिरता और प्रगति अमेरिका को हजम नहीं हो रही |

यस्यास्ति वित्तं स नरः कुलीनः सः पण्डितः सः श्रुतवान् गुणज्ञः |
स एव वक्ता स च दर्शनीयः सर्वे गुणाः काञ्चनम् आश्रयन्ति ||

अर्थात :- यदि आप गुणवान्, विद्वान् पण्डित बनना चाहते हैं तो सबसे पहले धनवान बनो, जिससे आसानी से आप गुणवान् बन सके क्योंकि जिसके पास धन होता है, लोग उसी की बात सुनते हैं, उसे ही लोग कुलीन मानते हैं, उसे ही विद्वान् पण्डित माना जाता है, उसे श्रोत्रिय विद्वान् और गुणी माना जाता है, वही विद्वानों की सभा में बोलने योग्य वक्ता माना जाता है और तो और देखने योग्य भी वही होता है क्योंकि कहा भी गया है- "सभी गुण सोने में अर्थात् धन में आश्रित होते हैं" |

चीन, अमेरिका, जापान पैसे के कारण महाशक्ति हैं सन् 45 के बाद अमेरिका या किसी भी देश ने कौन सा युद्ध किया है ? बस कब्जा करने के लिए कहीं लड़ाई भिड़ाई की है, दस पचास मिसाइलें चलाई हैं | युद्ध जो वास्तविक होता है वो कहाँ है ?

हमने युद्ध जीते हैं सन् 47, 62, 71 कारगिल सभी परोक्ष अपरोक्ष सभी, हम अजेय योद्धा हैं | अभी कल का भी जिसमे शत्रु के साथ हमारे ही व्यक्ति मिले होने का पूर्ण आभास है | चाहे क्षति हुई है किंतु शत्रु नहीं बचा |

बार बार चोट करके ये न कहा जाए की हम कुछ नहीं कर सकते या नहीं किया है | मित्रों, सत्ता सही हाथों में है किसका कैसा उपयोग करना है, किस तथाकथित महाशक्ति को कुछ धैर्य धारण करके घुटनो तक लाया जा सकता है, ये नीतिनिर्धारकों को पता है | हम आलोचना अवश्य करें किन्तु स्थितियों पर भी दृष्टिपात करें |
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Sanjay Gupta's profile photoGAESNH THORAT's profile photo
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मे बताता हूँ कि पाकिस्तान से युद्ध करने से क्यों पीछे हट रहे हैं मोदी….. ध्यान से पूरा पढना.. यह पोस्ट लाइक्स के लिए नहीं लिखी है, पढ़कर कुछ सकारात्मक लगे, अंतरात्मा जागे तो शेयर अवश्य करें.. दरअसल प्रधानमंत्री मोदी की ये हालत तुम्हारे कुकर्मो का फल है..(कांग्रेस और वामपंथियों) ने कहाँ भारत के रक्षा तंत्र को पंहुचा दिया है…
●वामपंथी और कांग्रेसियो अपने दस साल के शासन काल में… भारतीय सेना,वायुसेना,BSF को ISI के एजेंटो का दूसरा घर बना दिया है, जिसकी सफाई पिछले डेढ़ साल से कर रहे हैं Narendra Modi…..और हर रोज ISI के कांग्रेसी दामाद गिरफ्तार हो रहे हैं….
● कामपंथी और अल-खान्ग्रेसियों 10 साल में तुमने कितने आयल रिजर्व बनाये??युद्ध सिर्फ बयान से नहीं लड़े जाते…
आयल रिजर्व भारत के पास कितने दिनों का था जब मोदी ने सत्ता संभाली? सितम्बर 2015 से मोदी सरकार नए आयल रिजर्व बना रही है जिससे की तुम्हारे कुकर्मो और ऐय्याशियों से तबाह सेना को हिम्मत मिले..
● युद्ध के लिए कम से कम 40 दिन की सामग्री होनी चाहिए.. इटली वाली बाई और मौनी बाबा की कृपा से सेना के पास 40 दिन तक चलने वाला सिर्फ 10 फीसदी गोला बारूद ही था…..जबकि 50 फीसदी से ज्यादा गोला-बारूद तो केवल एक हफ्ते तक के लिए मौजूद था..
● चीन के पास 60 से 80 दिन का रिजर्व है और भारत के पास?? कांग्रेसियों तुमने दलाली के चक्कर में सिर्फ 7 दिन का रिजर्व रख छोड़ा था..और बाते करोगे को मोदी क्यों युद्ध नहीं कर रहा..
●याद है अल-खान्ग्रेसियों तुमने 10 साल में सेना को इतना तबाह कर दिया की भारतीय सेना का जनरल तुम्हे चिट्टी लिखता रहा,चिल्लाता रहा की भारत की सेना के पास लड़ने को हथियार नहीं और तुम लोग 2G,3G जीजाG,कॉमनवेल्थ और कोयला से अपना मुह काला करते रहे..सेना चीखती रही और तुम अपनी जेब गर्म करके जज बनाने में व्यस्त रहे..
● विमानों खरीद में तुमने इतनी घटिया दलाली की राजनीति चली की दलाली न मिलने के कारण 10 साल में विमानों को खरीदने का आर्डर नहीं दे पाये वो तो भला हो नरेंद्र मोदी का जिन्होंने “राफेल डील” को खुद ही फ़्रांस जा के फाइनल करके हताश हो रही एयरफोर्स को नयी हिम्मत दी वरना कांग्रेस का बस चलता तो उड़नताबूत बन चुके आउटडेटेड MIG में ही मरने देती वायुसेना के पायलटों को..यही डील कांग्रेसियों तुमने पहले फाइनल कर दी होती तो आज तक ये विमान हमारे एयरफ़ोर्स के हैंगरों में पहुच चुके होते..
● गलती से कांग्रेस ने हेलीकॉप्टर और सेना के ट्रक खरीद लिए तो उसे “ऑगस्टा वेस्टलैंड हेलीकाप्टर घोटाला” और “टाट्रा ट्रक घोटाला” नाम से ये देश जानता है..
● अब आते हैं नौसेना की स्थिति पर, याद है न क्या हालात बना दी थी तुम कांग्रेसियों ने 2004 से 2014 तक हादसों की झड़ी लगा दी और नौसेना की शान INS सिंधुरक्षक का खड़े खड़े तबाह हो जाना और 18 नौसैनिकों का मरना वो जख्म है जिसे सिर्फ एक हादसा नहीं माना जा सकता था….नौसेना प्रमुख एडमिरल डीके जोशी ने तो इस्तीफा दे दिया मगर उसके बाद फिर हादसे का होना ये बताने को पर्याप्त था की 10 सालों में नेविवारशिप का रखरखाव हुआ नहीं या हुआ भी तो बड़ी हथियार दलाल लाबी इसमें सम्बद्ध थी..
● घोटाले और मुफ्तखोरी से तबाह देश का खजाना तुमने मोदी को दिया था जो कोई युद्ध नहीं झेल सकता था.. यही कारण है की उस देश के खजाने को भरने के चक्कर में आज मोदी कभी सेस बढ़ाता है तो कभी पेट्रोल डीजल पर वैट बढ़ा के देश को मजबूत करता है और हमारी थोक के भाव गालियां भी सुनता है….
● अब कांग्रेस और वामपंथियों की अवैध राजनैतिक संतति,टोपी वाली नौटंकी गैंग के गुर्गों..तुम लोग तो कांग्रेस से भी गए गुजरे हो तुम्हारी नौटंकी चलती ही है फ्री के वाईफाई, फ्री के बिजली,फ्री के पानी पर तो अगर युद्ध हुआ तो तुम्हे जीत हार से मतलब नहीं होगा तुम्हे मतलब होगा युद्ध के बाद निश्चित बढने वाली महंगाई से..महंगाई बढ़ गई जी..मोदी ने टैक्स लगा दिया जी..LG हमे काम करने दे रहा जी…ऐंड सो आन नौटंकी आन इट्स पीक..
★★★ अब कुछ मानसिक रूप से अपरिपक्व बच्चे, ये कहेंगे की अब तो मोदी है जो करना है कर लो…तो भाई जहाजो के आर्डर मोदी खुद फ़्रांस में देकर आया है…जहाज का आर्डर दिया है न की पिज्जा का जो दो मीनट में बनकर आधे घंटे में आ जाये, कुछ साल लगेंगे बनाने और डिलिवरी में..सेना का आधुनिकीकरण जारी है.नए आयल रिजर्व अगस्त सितम्बर 2015 से बनने शुरू हो गए….करोडो के हथियारों की खरीद को रक्षामंत्री मनोहर पारिकर ने अप्रूव कर दिया। कांग्रेस की चहेती हथियारों की दलाल लाबी को लात मार के भगा दिया गया है………….एक एक सौदे पर PMO की नजर है…
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आज हर वो माँ फोन उठाने तक का साहस जुटा नहीं पा रही, जिसका बेटा कश्मीर में तैनात है | जम्मू कश्मीर के उरी सेक्टर में वीरगति को प्राप्त हुए वीर सैनिकों को अश्रपूर्ण श्रद्धांजलि |

अब केवल श्रद्धांजलि के अतिरिक्त और कोई शब्द ही नहीं बचे | पाकिस्तानियों के लिए कोई मानवता जैसा कोई शब्द नहीं होता और लिखें भी क्या ? कुछ समझ में नहीं आता, वीर जवानों की मृत्यु पर हम निःशब्द हो ही जाते हैं | बस इतनी इच्छा है कि पलटवार हो और तगड़ा हो |
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rahirahil 9697 9697's profile photoShankar Narayan Bharati's profile photo
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+rahirahil 9697 9697 MATLAB tum log apne swarth siddhi hetu tessra vishwayudh lagwa sakte ho. Tum chahte ho tumhare sanki ghamand ke karan Bharat, China, Russia,USA, N: Korea, S:Korea, Japan, Saab apas mai laad made! koti koti masoomo ka narsanhar ho! Tum log insaan hohi nahi sakte. Tum tumhara pisslam tumhara pigamber Saab sanki ho. Dimag kharab hai tum logon ka. 1400 saal se puri duniya mai arbo masoomo ka katleaam karke bhi kaleja thanda nahi huya tumhara? Aur baat rahi dum ki toh Bharat MAA ke do lal ne keval bandaron sena lekar hi aaj ke China se hazarguna saktishali aur pisslamiyo se bhi sauguna barbar atyachari Ravan ko dhul chata dithi. Par aaj ke halat aur hai. Duniya ke 56 muslim desh agar ek bhi ho jaye toh voh Bharat ke syana shakti yah astra shaki ka samna nahi kar payegi. Par Bharat unpe dadagiri nahi karta. Aur China kisi ko bhi dhamkaye aaj China ko puchhta kaun hai? Ek bhikhari porkistan aur ek pagal N:Korea. Aur barbar China ka naam leke tum yeh sabit kar rahe ho ke tum mullo ki rid ki haddi hi nahi hai. Paralysis ho tum. Qutnayti bate tumhari samajh nahi aayegi bas yeh janlo China kuch nahi kar sakta kyun ke China ke gale mai Hindustani patta par China hai. Aur Bharat ko mullo ke taj mahal ke liye nahi Rishiyon ke yoga ke liye jana jata hai, Vedon ke liye Jana jata hai, Bhagbat geeta ke liye Jana jata hai, Mahatma Buddha ke liye Jana jata hai, Mahatma Gandhi ke liye Jana jata hai, Shri Krishna ke liye Jana jata hai, Guru Nanak ke liye Jana jata hai, SHRI RAM ke liye Jana jata hai, swami Vivekananda ke liye Jana jata hai, koti koti DEV DEVI ke liye Jana jata hai, Amitabh Bachchan ke liye Jana jata hai, Nrendra Damodar Das MODI ke liye Jana jata hai, 200 Croce saal se bhi purani sanatani sabhyata sanatani sanskar sanatani gyaan ke liye Jana jata hai. Keval Sanatani Hinduyon ke karan hi Hindusthan pehchana jata hai. Aur Hindu santi samriddhi ahimsha gyaan satya pragati sadbhab prem ke liye. Mulle aur unka papi pisslam toh kebal jahalat nafraat hinsha atankwaad ke liye Jana jata hai. Par shighrya hi is pisslami adharm ka vinaash hoga. Yahi vidhata ka vidhan hai.
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हम सभी की प्रेरणा, नव विचारधारा के संवर्धक, प्रभावशाली कार्यसाधक, विश्व के सबसे लोकप्रिय व यशस्वी प्रधानमंत्री आदरणीय +Narendra Modi जी को सभी मित्रों की ओर से जन्मदिवस की अनंत शुभकामनाएँ |

आपको निरोग्य लम्बी आयु दे जिससे आप देश की गरीब, दलित, निर्बल, शोषित जनता को निरोगी अर्थात सामान्य वर्ग में ला सकें और मुझे पूरा विश्वास है, आपकी अगुवाई में भारत देश अवश्य एक दिन "विश्व गुरु" बनेगा |

जय माँ भारती
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Rajesh Singh's profile photoyogesh saxena's profile photo
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Sri Narendra Modi Ji, what pleasure is given to see the man eating after a long time and having resources of energy diversified to see the blessing from supernatural spiritual powers of omni potent that OUR PRIME MINISTER SRI NARENDRA MODI JI Long live to serve people of BHARAT. Let we celebrate his Birth day for another 35 years as prime Minister..
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संगठित भारतीय सशक्त भारत
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प्राचीन वैभोशाली भारतवर्ष  - 
 
मातृभूमि के लिए सर्वोच्च बलिदान देकर क्रांति की अलख जगाने वाले, देश के महान सपूत 'सरदार भगत सिंह' को विनम्र श्रद्धांजलि |

तू ना रो, तू भगत सिंह की माँ है, मर के भी तेरा लाल मारेगा नहीं, मेरी लाश लेने आप मत आना, कुलबीर को भेज देना, कहीं आप रो पड़ी तो लोग कहेंगे कि भगत सिंह की माँ रो रही है |

किस मिट्टी के बने थे आप लोग ? ये मानोबल, ये मातृभूमि के प्रति समर्पण कहाँ से पाया था आप लोगों ने ? काश. . आप के चरणों की धूल ले बराबर भी हो पाते हम लोग !!!

वंदेमातरम्
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Sanjay Gupta's profile photoJasvir Kaur's profile photoPrerana Rana's profile photoAtmaram Sakhare's profile photo
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KOTI KOTI PRANAM VEER SAPUTOKO WHO STRUGGLED TO FREED INDIA.


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टूटता पाकिस्तान शांतिकाल को झेल ही नहीं सकता | इस कृतिम राष्ट्र का निर्माण ही युद्ध की धमकी से हुआ है | बँटवारा छुरे की नोक पर और मोहल्ले के दादा की (ब्रिटेन) की शह पर हुआ था | भारत के शासक यदि शांति हर कीमत पर की वर्तमान नीति अपनाये रखते हैं तो विश्वास मानिए पाकिस्तान अगले कुछ वर्षों में टूटने लगेगा | युद्ध पाकिस्तान को तो एक कर देता है किन्तु शांतिकाल उसे तोड़ने लगता है | युद्ध से तोड़े गए बांग्लादेश ने उसे और अधिक जुनूनी बना दिया है |

पाकिस्तान में विद्रोह की आवाज का दायरा बढ़ता जा रहा है | गिलगित, बलूचिस्तान और पीओके में पाकिस्तान के खिलाफ उठी विद्रोह की आग अब सिंध प्रांत में भी पहुंच गई है | एक तरफ बलूचिस्तान में पाकिस्तान से नाराज लोग आजादी की मुहिम को तेज कर रहे हैं तो दूसरी तरफ यह आवाज अब सिंध तक आ गई है | सोमवार को सिंध के मीरपुर खास में लोगों ने आजादी के नारे लगाए | इन्होंने इस प्रदर्शन में अलग से सिंधुदेश की माँग की | बलूचिस्तान से लेकर गिलगित तक पाकिस्तान विरोधी सुर उठ रहे हैं क्योंकि पाकिस्तान अब शांतिकाल नहीं झेल पा रहा है, उसे युद्ध चाहिए और उसकी चाहत कहीं पूरी ना हो जाए यही मोदी की कूटनीति की परीक्षा है |
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Ramachandran G Nair's profile photoraj mehra's profile photoShankar Narayan Bharati's profile photoSanjay Sarkar's profile photo
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ķ88 knoll j jj j
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सब +Narendra Modi जी को ऐसे राय दे रहे हैं सोशल मीडीया पर कि जैसे सभी को युद्ध और उसकी रणनीति के विषय में बड़ा अनुभव और ज्ञान है |

गरम खाने मुह जल जाता है पर लोग है की समझते ही नहीं | अब उरी सेक्टर में सेना के कैम्प पर हमला हुआ और हमारे बहादुर १८ सैनिक वीरगति को प्राप्त हो गए ये बहुत ही ह्रदय विदारक एवं मन को दुःखी करने वाला सममाचार था | इस घटना के बाद देश में जिस तरह आक्रोश फैला वो उचित था |

लोगो ने तुरंत प्रतिक्रया देनी शुरू कर दी | मोदी सरकार को कोसने की होड़ लग गई, लोग मोदी जी को पुराने वादे याद दिलाने लग गए, उनकी नीति पर प्रश्न उठाने लग गए, उन्हें तुरंत पाकिस्तान पर हमला करने की राय देने लग गए | ये मामला कोई गली मोहल्ले की लड़ाई नहीं है इसके लिए संयम और धैर्य की आवश्यकता है |

मित्रों, भावनाओं के आधार पर कोई निर्णय नहीं किया जा सकता | सरकार इस पर मंथन कर रही है और इसके परिणाम भी शीघ्र ही दिखेंगे | और हाँ सर्जिकल अटैक अवश्य होगा और वो कब होगा ? और कहाँ होगा ? वो भारतीय सेना तय करेगी |

इसलिए उत्तेजित होने की बजाय संयम और धैर्य रखे सब्र का फल मीठा होता है |

कांग्रेसियों, आपियों, वामियों के लिए. . . .

चन्द खोटे सिक्के जो खुद कभी चले नहीं बाजार में,
वो भी कमियाँ खोज रहे है आज मोदी जी के किरदार में. . .
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संगठित भारतीय सशक्त भारत's profile photoSanjay Gupta's profile photoप्रद्युम्न तिवारी's profile photoJagdeep Singh's profile photo
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We are believe on u sir 
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जब कर्नाटक में 100 रुपये और एक प्लेट बिरयानी के लिए एक लड़की 22 बसों को आग लगा सकती है तो उरी का सौदा कितने में हुआ होगा ?

चाहे कर्नाटक का विषय हो या कश्मीर का, चाहें पडोसी देशों से सीमा विवाद हो या राज्यों का पानी विवाद, चाहे आरक्षण की समस्या हो या राजभाषा की, चाहें शरिया बनाम कानून की समस्या हो या गौहत्या जनित दुर्भाव की, चाहें इतिहास को तोड़ने मरोड़ने के लिए वामपंथियों के पोषण की समस्या हो या मुस्लिम तुष्टिकरण की, चाहें संयुक्त राष्ट्र में स्थायी सदस्यता की समस्या हो या न्यूक्लियर सप्लायर ग्रुप की सदस्यता की, कुबुद्धि नेहरू वो उँगलियाँ कर गया कि देश एक दिन भी चैन से अपना पेंदा रख नहीं पा रहा है |

आदरणीय नरेंद्र मोदी जी को चार दलितों की पिटाई पर गुस्सा आया था तो आज मेरे साथ साथ पूरे देश को अपने भाइयों के वीरगति प्राप्त होने पर गुस्सा आ रहा है | लगभग सभी 56 इंच का सीना याद दिल रहे हैं और एक के बदले दस की मांग कर रहे हैं, और कल की घटना का बदला चाहिए अभी के अभी | बस यहीं अंतर आ जाता है उम्र और अनुभव का, अभिमन्यु और अच्युतं का |

इतना तो सब मानते होंगे कि वर्तमान प्रधानमंत्री ने अपना धर्म और स्वाभिमान पूर्व प्रधानमंत्रियों की तरह गिरवी नहीं रखा हुआ है | लेकिन जो लोग आज और अभी पकिस्तान से युद्ध का आह्वान कर रहे हैं, वे शायद ये भूल रहे हैं कि 2014 में जब कांग्रेस की सरकार विस्थापित हुई थी उस समय भारत के पास लगातार इक्कीस दिन तक युद्ध करने की क्षमता भी नहीं थी | आज कितनी है, यह मैं नहीं जानता उसके ऊपर जब देश जयचंदों से भरा पड़ा है जो ट्वीट, लाइव टेलीकास्ट, प्रमुख समाचार पत्रों, पकिस्तान की जमीन पर जा कर और विभिन्न मंचों से देश विरोधी माहौल तैयार करते हैं, उग्रवादियों और पकिस्तान से वार्ता करने का दवाब बनाते हैं परोक्ष रूप से युद्ध कर रहे हैं तो कोई बड़ी बात नहीं कि आज यदि देश कोई कड़ा कदम उठता है तो मानवता के यही अलम्बरदार विश्व मानवाधिकार आयोग में अपने ही देश का मुंह काला कर दें | कोई कारगिल युद्ध या 9/11 की तरह लाइव टेलीकास्ट शुरू कर दे |

आप लोगों की विषय में तो मैं नहीं जनता लेकिन +Narendra Modi जी, +Manohar Parrikar जी और अजीत डोभाल जी की योग्यता पर मुझे कोई शक नहीं है और कब कहाँ क्या और कैसे करना है मुझसे बेहतर ये लोग जानते हैं | हाँ पर मुझे इतना अवश्य कहना है कि इस बार यदि सरकार चाहे तो कश्मीर में बैठे हुए देशद्रोहियों, कश्मीर समस्या, अनुछेद 370 और पकिस्तान विवाद एक झटके में निपटा सकती है |

विशेषकर उन देशद्रोहियों को जो खाते इस देश की हैं और मारते भी इसी देश की हैं | बस कर्नाटक की उस लड़की जिसने 100 रुपए और बिरयानी की एक प्लेट के लिए देशद्रोह किया उसके और इनके रेट में फर्क हो सकता है |

अभिमन्यु के जोश से कोई लाभ नहीं होगा, अच्युतं की रणनीति ही विजय दिला सकती है | वो विजय जिसमें पुनः बलिदान हमारे ही भाई होंगे और सोशल मीडिया वाले सोशल मीडिया पर तालियां बजायेंगे |

तिरंगा बने कफन अब वो दौर न आए,
अब के तिरंगे में लिपट कोई और न आए. . .
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Shankar Narayan Bharati's profile photoLaljibhai Patel's profile photoMITHLESH MAHARAJ's profile photoBhalchandra Ghanekar's profile photo
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Shankar narayan aapki baat satya ho yehi kamna hai.Modiji kamyab ho.Koi apne sare patte khol kar nahi khelta.Pakistan khub khel liya ab bari Hindustan ki hai.Hafiz Daud sabka nirnay usiki mand me ghuskar hoga.Bakre ki amma kab tak khair manayegi.
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पितृ पक्ष का महत्त्व :- ब्रह्म वैवर्त पुराण के अनुसार देवताओं को प्रसन्न करने से पहले मनुष्य को अपने पितरों यानि पूर्वजों को प्रसन्न करना चाहिए | हिन्दू ज्योतिष के अनुसार भी पितृ दोष को सबसे जटिल कुंडली दोषों में से एक माना जाता है | पितरों की शांति के लिए हर वर्ष भाद्रपद शुक्ल पूर्णिमा से आश्विन कृष्ण अमावस्या तक के काल को पितृ पक्ष श्राद्ध होते हैं | मान्यता है कि इस दौरान कुछ समय के लिए यमराज पितरों को स्वतंत्र कर देते हैं ताकि वह अपने परिजनों से श्राद्ध ग्रहण कर सकें |

पितृ पक्ष श्राद्ध वर्ष 2016 में पितृ पक्ष श्राद्ध की तिथियां निम्न हैं :-

16 सितंबर शुक्रवार पूर्णिमा श्राद्ध
17 सितंबर शनिवार प्रतिपदा
18 सितंबर रविवार द्वितीया तिथि
19 सितंबर सोमवार तृतीया - चतुर्थी (एक साथ)
20 सितंबर मंगलवार पंचमी तिथि
21 सितंबर बुधवार षष्ठी तिथि
22 सितंबर गुरुवार सप्तमी तिथि
23 सितंबर शुक्रवार अष्टमी तिथि
24 सितंबर शनिवार नवमी तिथि
25 सितंबर रविवार दशमी तिथि
26 सितंबर सोमवार एकादशी तिथि
27 सितंबर मंगलवार द्वादशी तिथि
28 सितंबर बुधवार त्रयोदशी तिथि
29 सितंबर गुरुवार अमावस्या व सर्वपितृ श्राद्ध

श्राद्ध क्या है ? ब्रह्म पुराण के अनुसार जो भी वस्तु उचित काल या स्थान पर पितरों के नाम उचित विधि द्वारा ब्राह्मणों को श्रद्धापूर्वक दिया जाए वह श्राद्ध कहलाता है| श्राद्ध के माध्यम से पितरों को तृप्ति के लिए भोजन पहुंचाया जाता है | पिण्ड रूप में पितरों को दिया गया भोजन श्राद्ध का मुख्य भाग होता है |

क्यों आवश्यक है श्राद्ध देना ? मान्यता है कि अगर पितर रुष्ट हो जाए तो मनुष्य को जीवन में कई समस्याओं का सामना करना पड़ता है | पितरों की अशांति के कारण धन हानि और संतान पक्ष से समस्याओं का भी सामना करना पड़ता है | संतान-हीनता के मामलों में ज्योतिषी पितृ दोष को अवश्य देखते हैं | ऐसे लोगों को पितृ पक्ष के दौरान श्राद्ध अवश्य करना चाहिए |

क्या दिया जाता है श्राद्ध में? श्राद्ध में तिल, चावल, जौ आदि को अधिक महत्त्व दिया जाता है | साथ ही पुराणों में इस बात का भी उल्लेख है कि श्राद्ध का अधिकार केवल योग्य ब्राह्मणों को है | श्राद्ध में तिल और कुशा का सर्वाधिक महत्त्व होता है | श्राद्ध में पितरों को अर्पित किए जाने वाले भोज्य पदार्थ को पिंडी रूप में अर्पित करना चाहिए | श्राद्ध का अधिकार पुत्र, भाई, पौत्र, प्रपौत्र समेत महिलाओं को भी होता है |

श्राद्ध में कौओं का महत्त्व :- कौए को पितरों का रूप माना जाता है | मान्यता है कि श्राद्ध ग्रहण करने के लिए हमारे पितर कौए का रूप धारण कर नियत तिथि पर दोपहर के समय हमारे घर आते हैं | अगर उन्हें श्राद्ध नहीं मिलता तो वह रुष्ट हो जाते हैं | इस कारण श्राद्ध का प्रथम अंश कौओं को दिया जाता है |

किस तिथि में करना चाहिए श्राद्ध ? सरल शब्दों में समझा जाए तो श्राद्ध दिवंगत परिजनों को उनकी मृत्यु की तिथि पर श्रद्धापूर्वक याद किया जाना है | अगर किसी परिजन की मृत्यु प्रतिपदा को हुई हो तो उनका श्राद्ध प्रतिपदा के दिन ही किया जाता है | इसी प्रकार अन्य दिनों में भी ऐसा ही किया जाता है | इस विषय में कुछ विशेष मान्यता भी है जो निम्न हैं:-

क) पिता का श्राद्ध अष्टमी के दिन और माता का नवमी के दिन किया जाता है |

ख) जिन परिजनों की अकाल मृत्यु हुई जो यानि किसी दुर्घटना या आत्महत्या के कारण हुई हो उनका श्राद्ध चतुर्दशी के दिन किया जाता है |

ग) साधु और संन्यासियों का श्राद्ध द्वाद्वशी के दिन किया जाता है |

घ) जिन पितरों के मरने की तिथि याद नहीं है, उनका श्राद्ध अमावस्या के दिन किया जाता है। इस दिन को सर्व पितृ श्राद्ध कहा जाता है |
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Jai shree ram 
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संगठित भारतीय सशक्त भारत
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पर्व, त्यौहार, उत्सव  - 
 
सभी आदरणीय जनों एवं मित्रों को देव शिल्पी विश्वकर्मा पूजन की हार्दिक शुभकामनाएं |

विशवं कृत्स्नं कर्म व्यापारो वा यस्य सः . . ॠग्वेद

अर्थात :- जिसकी सम्यक् सष्टि तथा कर्म व्यापार है वह विश्वकर्मा है | विश्वकर्मा का अर्थ प्रभूत पराक्रम-प्रतिपत्र, विश्वरूप, विश्वात्मा है |

श्रमेव जयते
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Jayvesvalarma
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