Profile cover photo
Profile photo
गगन शर्मा भारतीय
15,061 followers
15,061 followers
About
गगन शर्मा's posts

Post has attachment
कब तक हाथ बंधे सैनिकों की हत्याऐं होती रहेगी ? बलिदानी मानकर श्रद्धांजलि देते रहेंगे, सत्तर वर्षों की परंपरा कब तक ? फिर आतंकी हमला, फिर तीन जवानों की वीरगति |

इतनी क्षमता शायद भारत में अब नहीं कि बेबसी से "माँ भारती के वीर सपूतों" की वीरगति होना देखता रहे |

"कुपवाड़ा" के वीर बलिदानियों को शत् शत् नमन एवं अश्रुपूर्ण श्रद्धांजलि |
Photo

Post has attachment
आतंकियों और नक्सलियों को अपना बच्चा, अपना नागरिक मानना बंद करो | "कश्मीर" हो या "सुकमा" यह हम पर थोपा गया युद्ध है, युद्ध की तरह लड़ो, निंदा मत करो, इनका सूपड़ा साफ कर ही शान्ति कायम होगी | युद्ध में संयम महानता नहीं कमजोरी का प्रतिक है |

देश में उजाला रहे इसलिए आज फिर 27 परिवारों के घर के दीपक बुझ गए है | भगवान वीरगति प्राप्त दिवंगत जवानों की आत्मा को मोक्ष प्रदान करे और उनके परिजनों को ये दुःख सहने की क्षमता प्रदान करें |

"सुकमा" के वीर बलिदानियों को शत् शत् नमन एवं अश्रुपूर्ण श्रद्धांजलि |

जय हिंद
Photo

Post has attachment
+Aam Aadmi Party गैंग बहुत शातिर है, MCD चुनावों के मद्देनज़र ग्रीन पीस फाउंडेशन जो कि इंटेलिजेंस एजेंसीज और मोदी सरकार के कई दिनों से निशाने पर है अपनी भारत विरोधी गतिविधियों और अवैध फंडिंग के चलते जो कि गरीबों, किसानों और मजदूरों की आड़ में धर्मांतरण और नक्सल गतिविधियों को ही हवा देती है, उसनें सड़ जी के इशारे पे कुछ प्रोफेशनल धरना गैंग के साथ मिलकर दिल्ली के जंतर मंतर पर खूब सुर्खियाँ बटोरीं, और ये मुद्दा सबसे पहले उठाया भी किस चैनल ने अरे वही किरान्तिकारी चैनल +NDTV ने और अपने सोशल मीडिया के 'अधजल गगरी छलकत जाय' वाले शूरवीर इसे लेकर मोदी सरकार पर टूट पड़े | अरे मोदी सत्ता चाट रहा है, अरे ये किसान विरोधी सरकार है, अरे ये अम्बानी-अडानी का एजेंट है आदि आदि ख़ैर उन पढ़े लिखे नालायकों को इतनी भी अक्ल नहीं कि ख़बरों के पीछे का सच एक बार खुद चेक कर लें, फिर बुक्का फाड़ कर रोएँ कि इन्हें इतने दिनों से 40 रुपये की पानी की बोतल, 200 रुपये की थाली और हाई फाई कवरेज स्ट्रेटेजी सिखा कौन रहा है ? चाहे पेशाब पीने की नौटंकी हो या खुद का मल खाने की धमकी या लैब में प्रैक्टिकल के लिए इस्तेमाल होने वाले सफेद चूहे. . . कौन करवा रहा है ?

बहरहाल तथाकथित किसान तमिलनाडु के हैं, उच्च न्यायालय और सर्वोच्च न्यायालय में ये मुद्दा अटका हुआ है, उनकी माँगें ऐसी हैं कि अगर मानीं तो बाकी की राज्य सरकारें भी केंद्र सरकार का जीना हराम कर सकतीं हैं, अभी उत्तर प्रदेश में किसानों का कर्ज़ योगी सरकार ने अपनी दम पर माफ़ किया बिना किसी राहत पैकेज के |

दक्षिण हो या उत्तर हर जगह की भ्रष्ट सरकारों का कचरा केवल +Narendra Modi नहीं साफ करेंगे आप अपने राज्य में अच्छी काम करने वाली सरकारें चुनिए ना कि साड़ी, कुकर, मोबाइल, मोटरसाइकिल बांटने वालीं और ऐसी सरकारें चुननी ही हैं तो मोदी सरकार के सामने गिड़गिड़ाना बंद कीजिए | वैसे जनता केजरिवालों की इन हरकतों को अब बखूबी समझने लगी है, यकीन MCD चुनाव के नतीजे दिला ही देंगे |



Photo

Post has attachment
मक्खी तो मक्खी ही रहेगी, उसे सौ गुना बडा कर देखने से क्या फायदा होगा | पूत के पांव पालने से ही समझ मे अा जाते हैं, अाखिर छिपाने से क्या लभ होगा |

दिल्ली वालों आज वोट नहीं "AAP" का अंतिम संस्कार कर रहे हो |
Photo

Post has attachment
बालीवुड के इस्लामीकरण की सच्चाई बयां करता बहन स्वाती गुप्ता का बेहतरीन लेख |

कुमार शानू, उदित नरायण, अभिजीत, शान, सुखविंदर सिंह, सोनू निगम और अरिजीत

आपने कभी ध्यान दिया है कि फ़िल्मों में 92 के बाद से गायकों का करियर ग्राफ कैसा रहा है ?

याद है कुमार शानू जो करियर में शिखर (Peak) पर चढ़कर अचानक ही धुँध में खो गए | फिर आए अभिजीत, जिन्हे टाप पर पहुँचकर अचानक ही काम मिलना बद हो गया | उदित नारायण भी उदय होकर समय से पहले अस्त हो गए | उसके बाद सुखविंदर अपनी धमाकेदार आवाज से फलक पर छा गए और फिर अचानक ही ग्रहण लग गया | उसके बाद आए शान और शान से बुलंदियों को छूने के अचानक ही कब नीचे आए पता ही नहीं लगा | फिर सोनू निगम कब काम मिलना बंद हुआ, लोग समझ ही नही पाए | उसके बाद अरिजीत जिनकी मखमली आवाज ने दिलों में जगह बनानी शुरू ही की कि सलमान खान ने उन्हे सार्वजनिक (Publically) माफ़ी माँगने के बाद भी 'जग घूमया' जैसा गाना गवाया नहीं और धीरे धीरे उसका करियर समाप्त करने की षड्‍यंत्र (Conspiracy) चल रही है | सारे ही हिन्दू गायकों को असमय बाहर का रास्ता दिखा दिया गया |

इसके उल्टा पहले चीख़ कर गाने वाले, क़व्वाली गायक नुसरत फ़तेह अली खान क़व्वाली गाने के लिए बुलाया जाता है, और पाकिस्तानी गायकों के लिए दरवाज़े खोल दिए जाते हैं | उसके बाद राहत फ़तेह अली खान आते हैं और बॉलीवुड में उन्हे लगातार काम मिलने लगता है और बॉलीवुड की वजह से सुपरहिट हो जाते है | फिर नए स्टाईल के नाम पर आतिफ़ असलम आते हैं जिनकी आवाज को ट्यूनर में डाले बग़ैर कोइ गाना नहीं निकलता है, उन्हे एक के बाद एक अच्छे गाने मिलने लगते हैं | अली जाफ़र जैसे औसत गायक को भी काम मिलने में कोई दिक़्क़त नहीं आती | धीरे धीरे पाकिस्तानी हीरो हीरोइन को भी बॉलीवुड में लाकर स्थापित किया जाने लगा और भारतियों को बाहर का रास्ता दिखाया जाने लगा | बुरा हो उरी हमले के बाद बैक डोर से चुपके से उन्हे लाने की चाल, कुछ भारतियों की नज़र में आ गया और उन्होंने निंदा करने की माँग करने की, हिमाक़त कर डाली जो उन्हे नागवार गुज़री और वो पाकिस्तान वापस चले गए |

क्या आपको लगता है कि यह महज इत्तिफ़ाक़ है तो आप से बडा भोला कोई नहीं | पूरा बॉलीवुड डी कंपनी या पी कंपनी (पाकिस्तान) के इशारों पर चलता है, और इसका इलाज है टोटल बॉयकाट | कुछो बूझे का ?

Photo

Post has attachment
यदि आदणीय श्री लाल कृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी, उमा भारती जी बाबरी ढांचे को गिराने के दोषी हैं तो उनसे अधिक दोषी गिलानी, मीरवाइज़ उमर फारूख, यासीन मलिक, मसरत आलम जैसे भी है क्योंकि इन लोगो ने कश्मीर में हिन्दू मंदिरो को गिराया था जबकि वो मंदिर भी हमारे थे उन पर कभी किसी मुल्ले का कोई अधिकार नही रहा तो किस अधिकार से मंदिरो को मुल्लो ने गिराया यह न्यायालय की जाँच का भी विषय है किंतु बात हिन्दू की है इसीलिए सभी सरकारें, सभी न्यायालय चुप ही रहेंगे यह कैसा दोहरा मापदंड हैं ?

जबकि मैं श्री लाल कृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी और उमा भारती जी किसी को भी दोषी नही मनता क्योंकि श्री रामजन्म भूमि का खसरा संख्या 1504 आज भी उत्तर प्रदेश के राजस्व विभाग के अभिलेखों (Records) में राजा दशरथ के नाम है तो उस हिसाब से भी यह भूमि राजा श्री राम की ही है उस पर जो अवैध ढाँचा बना था जिसको अवैध कब्जा कहेंगे उस कब्ज़े को छुड़ाने कोई अपराध नहीं जबकि कब्ज़ा छुड़ाना न्यायालय की क्षमता नहीं थी और आज भी नही है |

यह इस देश के लिए शर्म का विषय है कि श्री राम जन्मभूमि पर बहस हो रही है उसे तो शीघ्र भव्य राम मंदिर का रूप देना चाहिए |

सैंकड़ो वर्षों से हिन्दू समाज के माथे पर कलंक के समान खड़ी बाबरी मस्जिद को हटाने का आरोप अपराधबोध का नहीं गौरान्वित होने का विषय है | धन्य हैं वो लोग जो 6 दिसंबर 1992 को भगवान श्रीराम जन्मभूमि पर कारसेवक के रूप में उपस्थित थे | उन्हें बारम्बार नमन. . .

सीधी सी बात है जहाँ प्रभु श्री राम जी का जन्म हुआ वहाँ श्री राम मंदिर बने, जहाँ बाबर का जन्म हुआ वहाँ बाबरी मज्जिद बने |



Photo

Post has attachment
जिनकी वन्देमातरम गाने में जबान सूख जाती है और जन-गण-मन के समय खड़ा होने में पैर टूट जाते हैं | वो सीखा रहे हैं कि हमें रोज पाँच बार कौए से भी कर्कश और बेसुरा तान रोज क्यों सुननी चाहिए ?

अब दिक्कत अजान भी नहीं है | दिक्कत है मनमानी वाला रवैय्या | वही संकीर्ण मानसिकता जिसका संकेत योगी जी ने किया था | वन्देमातरम नहीं गाना और राष्ट्र गान में खड़ा नहीं होना | हर चीज इनके लिए मनमानी है | कांग्रेसियों और वामपंथियो ने भारत के मूर्ख मुसलमानों में ये मनमानी की छूट दी है |

इनको सही गलत से कुछ लेना देना नहीं है | इनको हर एक बात को अपने विरुद्ध ले लेना है बस | ये अक्ल से पैदल कौम है, जिन्दा बारूद | हर किसी बात पर इनको भड़कना ही होता है तो किसी भी सामजिक सुधार की इनसे तो अपेक्षा रखो ही मत | ना ही ये समाज की मुख्य धारा में शामिल होना ही चाहते हैं | ये गिरोह हैं, और गिरोह बन कर ही रहेंगे | अब आपको क्या करना है ये आप स्वयं से देख लो |


Photo

Post has attachment
दिन भर का थका मांदा घर आता हूँ, मान लीजिए किसी कारण वश देरी से सोया, सवेरे देर से उठने का मन है, या कुछ गुनगुना रहा हूँ, किसी से आवश्यक बात कर रहा हूँ, घर पे बच्चे संगीत सीख रहे हैं, अभ्यास कर रहे हैं, कोई ध्यान में बैठा है, पढ़ाई कर रहा है, कोई गंभीर रूप से बीमार है आराम चाहिए, बिना कोलाहल के पर अगले को अपनी जहालत थोपनी है बस, रेहकने लगता है बिना किसी और के दुख तकलीफ़ को जाने समझे वो भी इतना बेसुरा कि स्वयं "खुद" भागकर किसी शांत जगह चला जाए |

सोनू निगम एक संवेदनशील व्यक्ति हैं, क्योंकि उसनें संगीत की साधना के ज़रिए ईश्वर का अनुभव किया है, जितने भी लोग संगीत साधना, योग और ध्यान करते होंगे उन सबकी समस्या है अज़ान के नाम पर चिल्लाहट बर्दाश्त करना !!! इस पर तत्काल रूप से प्रतिबंध होना चाहिए, लाउड स्पीकर उतारे जाएँ विशेष अवसरों को छोड़कर |

एक स्वतंत्र देश में आप किसी को भी बाध्य नहीं कर सकते कि वो कोलाहल सुने ही, उसकी अपनी मर्ज़ी है, लोकतांत्रिक अधिकार है | मैं पहले कई बार कह चुका हूँ इस बार सोनू निगम ने वही बात की मजबूती के साथ, सोनू आपकी इस बेबाकी को प्रणाम, हम सभी लोग आपके साथ हैं |

मित्रों इस्लाम का सच बोलो, वो स्वयं ढह जाएगा |



Photo

Post has attachment
विश्वरत्न डॉ० भीमराव रामजी आंबेड़कर जी की 126 वी जयंती पर सभी मित्रों को ह्रदयपूर्वक शुभकामनाएं |

डाॅ० आंबेडकर जी के विद्यालय के गुरु महादेव आंबेडकर जी थे जो एक ब्राह्मण थे, जो आंबेडकर जी को काफी प्रोत्साहित करते थे | जिनका सरनेम भीमराव ने लगाना शुरू किया और भीम सकपाल से भीमराव रामजी आंबेडकर कहलाए |

बड़ोदरा के महाराजा सयाजी गायकवाड़ जी जब आंबेडकर जी को कोई नौकरी नहीं दे रहा था तब इन्होंने उसे अपना महामंत्री नियुक्त किया और उस ज़माने में दस हज़ार रुपए महीना देते थे, यानी आज के हिसाब से कम से कम एक करोड़ रुपए महीना से भी अधिक वेतन | इन्होंने ही आंबेडकर जी की विदेशी पढाई का पूरा खर्चा उठाया था |

बाबा साहब संविधान के निर्माता थे, यह स्वतन्त्र भारत के इतिहास का सबसे बड़ा झूठ है | इस झूठ के आधार पर तो अपना सामान्य ज्ञान मत अपडेट करिये | सही जानकारी ये है कि बाबा साहब संविधान सभा के प्रारूप समिति के अध्यक्ष थे |

तमाम परम्पराओ, तमाम उदाहरणों, देशों एवं स्त्रोतों से लेकर तमाम लोगों ने यह संविधान बनाया था | बाबा साहब को अगर कोई संविधान निर्माता कहता है तो उसके झूठ पर भरोसा न करिए | बाबा साहब को इसलिए नही याद किया जाना चाहिए कि उन्होंने संविधान बनाने जैसा कोई अद्वितीय कार्य किया था | उनको इस आधार पर ही याद किया जाना चाहिए कि उन्होंने अनुच्छेद 370 का विरोध किया था | उनको तो इसलिए याद करिए कि वे समान नागरिक संहिता के समर्थक थे | उन्हें आप इसलिए भी याद करिए कि वे वामपंथ विरोधी भी थे | याद तो उन्हें मुस्लिम लीग की आलोचना के लिए भी कर सकते हैं | उन्हें तो हम संस्कृत को राजभाषा बनाने के समर्थक के तौर पर भी याद कर सकते हैं | राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के लोग तो उन्हें इसलिए भी याद कर सकते हैं कि उन्होंने सबकी आलोचना की लेकिन अपनी मृत्यु तक संघ के विरुद्ध एक शब्द नही बोला | अब सोचिए कि जिसको याद करने की इतनी वजहें हों उस व्यक्ति को एक झूठ की बुनियाद पर भला क्यों याद किया जाए ? पढ़े-लिखे अनपढ़ों की बात पर तो विश्वास बिलकुल न कीजिए | बाबा साहब के बायोडाटा में संविधान बनाने का कोई रिकॉर्ड नही है व कोई भी विवेकशील व्यक्ति अपनी बेसिक समझ से यह बता सकता है कि इतना बड़ा संविधान बनाना किसी एक के बूते में नही था |

राजेश खन्ना के किसी फिल्म का प्रसिद्ध गाना था - 'वादा तेरा वादा' | आज जिस तरह बाबासाहेब आंबेडकर जी को अपनाने की कोशिश हर पार्टी कर रही है वो देख कर उस गाने की तर्ज पर शब्द आ कर बैठ गए - 'बाबा मेरा बाबा' !

लेकिन मजे की बात इस गाने की शुरुवाती लाइन है - 'सच्चाई छुप नहीं सकती बनावट के उसूलों से' !

बाकी आप समझदार हैं ही !





Photo

Post has attachment
थप्पड CRPF के जवान को नहीं, हमसब को पडा है | देश के सैनिकों की मजबुरी को देख कर समूचा विश्व उपहास उडा रहा है |

सैनिकों की कोई व्यक्तिगत पहचान नहीं होती, वो राष्ट्र का प्रतिनिधित्व करते हैं | अतः सैनिकों पर किया गया हमला स्वतः ही राष्ट्र पर हमला होता है | कश्मीर उपचुनावों में लौट रहे सैनिकों को जिस तरीके से कश्मीरी उपहास कर रहे हैं, वो देश के लिये वाकई शर्मनाक है | पीछे से जाके सैनिकों को लात मारते, और Vedio Clip बना रहे हैं और सहमें सिपाही चुपचाप लौट रहे हैं | ये कश्मीरी दरअसल हम पर ही तो हँस रहे हैं, संविधान पर हँस रहे हैं, सरकार की बनायी शांति के प्रयासों पर हँस रहे हैं | कहाँ गई वो पैलेट गन ? क्यों सैनिक सहमें हैं और आतंकवादी हँस रहे हैं ? क्यों कंधो पे टंकी बंदूके सिर्फ बोझ बनी हैं ? आखिर कौन है कश्मीरीयों की इस दुस्साहस के पीछे ? पाकिस्तान प्रायोजक आतंकवाद या सेकुलरिज्म का वैचारिक समर्थन ? क्यों माननीय उच्चतम न्यायालय को पैलेट गन से होने वाला क्षति ही दिख रही है, सैनिकों का अपमान नहीं | कोई भी व्यक्ति, समूह या समाज राष्ट्र से बड़ा नहीं हो सकता है | कश्मीर पंडित कश्मीर से निकाले गए पर कश्मीर वैसा ही है, पत्थर फेंकने वाले भी नहीं रहेंगे तो भी कश्मीर भारत का भाग था है और रहेगा | अगर आवश्यकता है तो बेशक हर कानून, हर सैनिक और हर बंदूक का उपयोग होना चाहिए |

कश्मीर के नामर्दों सुनो ! वो तो देश के नेतृत्व ने हाथ बाँध रखें है वर्ना उल्टा करके बारुद न भर दिया तो कहना |

http://zeenews.india.com/hindi/india/video-kashmiri-youth-kicks-crpf-man-patrolling-for-peace/324018





Wait while more posts are being loaded