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Vidya Sagar Mahtha
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शकुन पद्धतियां क्‍या है ??
मेरे गांव में एक बुढि़या रहती थी। उसके यहां शकुन कराने के लिए अक्सर ही लोग आया करते थे। उसके यहां लोगों के आवागमन को देखकर मै कौतूहलवश वहां पहुंचा , यह जानने की जिज्ञासा के साथ कि यह बुढि़या आखिर करती क्या है , जिससे इसे सब बातें मालूम हो जाती हैं। उन दिनों...
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यात्रा और सप्ताह के दिन
सप्ताह के सभी दिनों का ग्रहों से कोई लेना देना ही नहीं हैं , यह बात पिछले अध्याय में ही समझायी जा चुकी है। तब यात्रा के संबंध में विधि-निषेध से संबंधित ज्योतिषीय नियमों में भी सवालिया निशान लग जाता है। ज्योतिष ग्रंथों में लिखा है------- सोम शनिश्चर पूरब न च...
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वार से फलित कथन अवैज्ञानिक
मैं प्रत्येक मंगलवार को शैव करने या बाल बनाने के लिए सैलून जाता हूं , या कभी-कभी सैलूनवाले को ही घर पर बुलवा लेता हूं। सेलून में जो नाई रहता है , वह गंवई रिश्ते में मुझे चाचाजी कहता है। विगत दो वषो से मैं उससे लागातर प्रत्येक मंगलवर को शैव करवाता आ रहा हूं।...
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ज्योतिषी महामानव या भगवान का अवतार नहीं
हर जिले में अनिवार्यत: एक जिलाधीश होता है , किन्तु कई जिलों में भटकने के बाद भी एक सही ज्योतिषी से भेंट नहीं हो पाती , ऐसा लोगों का मानना है। इस विरलता का यह अर्थ कदापि नहीं कि ज्योतिषी कोई महामानव या भगवान का अवतार होता है , जैसा कि लोग सोंचते हैं और ज्योत...
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ज्‍योतिष में झाड़झंखाड़ों को काटकर बनाया गया है एक सुंदर पथ
सभी व्यक्तियों को भविष्य की जानकारी की इच्छा होती है, अतः फलित ज्योतिष के प्रति जिज्ञासा और अभिरुचि अधिसंख्य के लिए बिल्कुल स्वाभाविक है। फलित ज्योतिष एकमात्र विद्या है , जिससे समययुक्त भावी घटनाओं की जानकारी प्राप्त की जा सकती है, इसी विश्वास के साथ जहा एक...
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ज्‍योतिषियों के समक्ष अक्‍सर उपस्थित होने वाले प्रश्‍न
ज्योतिषियों के समक्ष निम्नांकित प्रश्न पत्र-पत्रिकाओं के माध्यम से चुनौतियों के रुप में अक्सर रखे जाते हैं , जिनका समुचित उत्तर दिए बिना फलित ज्योतिष को कदापि विश्वसनीय नहीं बनाया जा सकता है। राशि या लग्‍नफल का औचित्‍य   विश्व की आबादी छः अरब है ,एक राशि के...
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ज्‍योतिषियों के समक्ष अक्‍सर उपस्थित होने वाले प्रश्‍न
ज्योतिषियों के समक्ष निम्नांकित प्रश्न पत्र-पत्रिकाओं के माध्यम से चुनौतियों के रुप में अक्सर रखे जाते हैं , जिनका समुचित उत्तर दिए बिना फलित ज्योतिष को कदापि विश्वसनीय नहीं बनाया जा सकता है। राशि या लग्‍नफल का औचित्‍य   विश्व की आबादी छः अरब है ,एक राशि के...
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मंगला-मंगली का चक्कर क्या है ?
परम्परागत ज्योतिष कहता है – लग्न ,व्यय ,चतुर्थ ,सप्तम और अष्टम भाव मे मंगल के स्थित होने से सप्तम भाव के सुख मे कमी होती है .लडका मंगला और लडकी मंगली कहलाती है .सप्तम भाव के सुख को नष्ट करता है ,इसी को बढाकर किसी ने लिख दिया ,पति की कुण्डली मे हो तो वह पत्न...
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अंधविश्वास, आस्था और विज्ञान
अंधविश्वास, आस्था और विज्ञान वह विश्वास जो तर्क की कसौटी पर खरा नहीं उतरता, हम अंधविश्वास कहते हैं, अंधविश्वाँस से स्वस्थ समाज का निर्माण नहीं हो सकता। कभी कभी अंधविश्वास समाज में व्यापक रूप से व्याप्त रहता है। इससे जनसमुदाय को बडा नुकसान होता है। स्वस्थ सम...
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सत्यमेव जयते
जब हम उजाले में होते हैं,अमेरिका वाले अँधेरे में होते हैं. जब वे उजाले में होते हैं,हम अँधेरे में होते हैं. सच यही है कि सूर्य के सापेक्ष पृथ्वी की दैनिक गति के कारण हम दोनों ही अँधेरे और उजाले का सामना करते हैं. पृथ्वी गोल है, हम एक दूसरे के विपरीत गोलार्द...
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