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Ashok Joshi
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Dear All,
We are extremely happy to announce the opening of our cafe " cup of joy" . A perfect hideout place for coffee and pizza lovers.
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5/6/18
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फ़ौजी

ब्लॉग की इस नयी रचना में एक फ़ौजी की ज़िन्दगी के बारे में बताया गया है। जो लड़ाई के मैदान में दुश्मन से अपने देश की रक्षा कर रहा है। यह कविता भी मेरी बहिन कुमारी मंजरी जोशी द्वारा रचित है। 

सरहदों पर बंदूके ताने, ख़ड़े है न कितने जाने। 
दिल में लिए एक उमंग, दुशमन को हराने की।
आँखों मैं एक चमक, माँ के आँचल को बचाने की।

लड़े मरते दम तक, नही झुकाया सिर मौत के अंतिम क्षणों तक।
पत्नी की  माँग मिटाकर, राखी का बंधन छुटाकर।
सो गए अपनी मदहोशी में, वो मौत को गले लगाकर।

विश्वास ही नही की बेटा शहीद हो गया,
अभी भी नंबर मिला उसी को बुला रहा हाय ये अभागा पिता।

जी भर उसे निहारना चाहती थी, ममता से उसको सहलाना चाहती थी,
हाय मेरा आशीष भी काम न आया, मेरा बेटा लौट के ना आया।

करनी थी अभी बाते ढेर सारी, होना था तुम पर बलिहारी।
खायी थी कस्मे जियेंगे हर पल संग में,
क्यू छोड़ दिया फिर अकेला इस जग में।

अरमानों का गला घोठा, सपनों का महल टुटा।
देश की रक्षा तो कर ली भाई, पर राखी की सौगंध ना निभाई।

याद करेंगे उन पलों को, जो बिताये थे साथ।
कभी तो आओगें वापस, ये ही रहेगी आश।
प्रभु इतना पत्थर दिल नही हो सकता,
मेरा दोस्त मुझसे नही छिन सकता।

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फ़ौजी
ब्लॉग की इस नयी रचना में एक फ़ौजी की ज़िन्दगी के बारे में बताया गया है। जो लड़ाई के मैदान में दुश्मन से अपने देश की रक्षा कर रहा है। यह कविता भी मेरी बहिन मिस मंजरी जोशी द्वारा स्वरचित है।  सरहदों पर बंदूके ताने, ख़ड़े है न कितने जाने।  दिल में लिए एक उमंग, दुशम...
फ़ौजी
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Tujhse Dur

In this beautiful journey of poems, here is the another poem written by my sister Manjari joshi. Just enjoy the beauty of poem.

जा रहा हुँ मैं पर तुमसे दूर कहाँ जाऊँगा।
तेरी हर एक साँस में मैं बस जाऊँगा।
तेरे ख्यालो में आता जाता रहूँगा।
कभी आँखों का पानी तो कभी होटों की हंसी बन जाऊँगा।

तेरे सपनो की दुनिया रंगीन कर जाऊँगा।
अपने प्यार से तेरा दामन भर जाऊँगा।
तेरी हर बात का मैं किस्सा बन जाऊँगा।
तेरी हर ख़ुशी का मैं हिस्सा बन जाऊँगा।

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Tujhse Dur
In this beautiful journey of poems, here is the another poem written by my sister Manjari joshi. Just enjoy the beauty of poem. जा रहा हुँ मैं पर तुमसे दूर कहाँ जाऊँगा। तेरी हर एक साँस में मैं बस जाऊँगा। तेरे ख्यालो में आता जाता रहूँगा। कभी आँखों का पानी तो...
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Bitiya
This poem is another beautiful creation of my lovely sister Manjari Joshi and is dedicated to "Girls". A girl becomes a caring mother, lovely sister, great friend, helping wife and smart daughter. She gives us life, respect, love, gratitude. She believes on us and fight for us and demand just love. Please respect girls and give them love and care. Because they deserve !!!

दाता एक कर्म मुझ पर भी किया होता,
मुझे बिटिया न किया होता।
प्यार तो बहुत मिला माँ बाप से,
पर पीछे हो गयी इस समाज से,
आज लड़की होने का अहसास न हुआ होता,
गर मुझे बिटिया न किया होता।

दस कि उम्र में अलग कर दी गयी समाज से,
बाध दी गयी कई बेड़ियों और रिवाज से,
न पहनने कि आजादी न चलने की,
घिरी रही अन्धविस्वाशो के दरवाजो से।

अठारह कि उम्र मैं समाज के ताने सुने,
सभी लोगो ने ब्याह के ताने बाने बुने,
बनकर बहु जिस घर में गए,
वहाँ भी हम पराये ही रहे।
दहेज की आग में भी हम ही जले,
पर सारे गम मन ही मन सहे।

पर नारी होकर हम भी बेटे को चाहने लगे,
कुलदीपक की चाह में बेटी को मरवाने लगे,
और अपनी ही बिटिया को ताने सुनाने लगे,
लड़की होने का अहसास उसे भी दिलाने लगे,
बुढ़ापे में भी चाहा सहारा बेटा बने,
लड़की के अस्तित्व को यहाँ भी झुटलाने लगे।

कहते हैं समाज बदल गया है,
बेटे और बेटी में फर्क कहाँ रह गया है,
पर आज भी मैंने बेटे के जन्म पर सखनाद सुना है,
बेटी का गला गर्भ में घुट्ते सुना है,
रोड पर जाती लड़की को ताने सुनते सुना है,
मैंने भी लड़की होने का पाप बुना है।

एक किरण या सानिया होने से समाज नही बदलेगा,
सोच बदलने से ही समाज बदलेगा,
वर्ना हर युग में हर घर में बेटी येही कहेगी,
दाता एक कर्म मुझ पर भी किया होता,
मुझे बिटिया न किया होता।

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Bitiya

This poem is another beautiful creation of my lovely sister Manjari Joshi and is dedicated to "Girls". A girl becomes a caring mother, lovely sister, great friend, helping wife and smart daughter. She gives us life, respect, love, gratitude. She believes on us and fight for us and demand just love. Please respect girls and give them love and care. Because they deserve !!!

दाता एक कर्म मुझ पर भी किया होता,
मुझे बिटिया न किया होता।
प्यार तो बहुत मिला माँ बाप से,
पर पीछे हो गयी इस समाज से,
आज लड़की होने का अहसास न हुआ होता,
गर मुझे बिटिया न किया होता।

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Bitiya
This poem is an another great creation of my lovely sister Manjari Joshi and is dedicated to "Girls" . A girl becomes a caring mother, lovely sister, great friend, helping wife and smart daughter. She gives us life, respect, love, gratitude. She believes on...
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bitiya
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nice work......
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