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Pinal Modi
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Pinal Modi

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romantic
 
True love...

Girl: which is more important
your life or me ?
...

Boy- Before answer that
let me ask u something...

Girl: sure..
. Boy- what is difference between
u and my life..
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Pinal Modi

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महेरबानी करके इशे पूरा पढ़िए अपने भारतीय होने पे गर्व हे तो.


जन गण मन की कहानी .....................................​.



सन 1911 तक भारत की राजधानी बंगाल



हुआ करता था। सन 1905 में जब बंगाल



विभाजन को लेकर अंग्रेजो के खिलाफ बंग-भंग



आन्दोलन के विरोध में बंगाल के लोग उठ खड़े



हुए तो अंग्रेजो ने अपने आपको बचाने के लिए



केकलकत्ता से हटाकर राजधानी को दिल्ली ले



गए और1911 में दिल्ली को राजधानी घोषित



कर दिया। पूरे भारत में उस समय लोग विद्रोह



से भरे हुए थे तो अंग्रेजो ने अपनेइंग्लॅण्ड



के राजा को भारत आमंत्रित किया ताकि



लोग शांत हो जाये। इंग्लैंड का राजा जोर्ज



पंचम 1911 में भारत में आया। रविंद्रनाथ



टैगोर पर दबाव बनाया गया कि तुम्हेएक गीत



जोर्ज पंचम के स्वागत में लिखना ही होगा।



उस समय टैगोर का परिवार अंग्रेजों के काफी



नजदीक हुआ करता था, उनके परिवार के बहुत



से लोग ईस्ट इंडिया कंपनी के लिए काम



किया करते थे, उनके बड़े भाई अवनींद्र नाथ



टैगोर बहुत दिनों तक ईस्ट इंडिया कंपनी के



कलकत्ता डिविजन के निदेशक (Director) रहे।



उनकेपरिवार का बहुत पैसा ईस्ट इंडिया



कंपनी में लगा हुआ था। और खुद रविन्द्र



नाथ टैगोर की बहुत सहानुभूति थी अंग्रेजों के



लिए। रविंद्रनाथ टैगोर ने मन से या बेमन से



जो गीत लिखा उसके बोल है "जन गण मन



अधिनायक जय हे भारत भाग्य विधाता"। इस



गीत के सारेके सारे शब्दों में अंग्रेजी राजा



जोर्ज पंचम का गुणगान है, जिसका अर्थ



समझने पर पता लगेगा कि ये तो हकीक़त में



ही अंग्रेजो की खुशामद में लिखा गया था।



इस राष्ट्रगान का अर्थ कुछ इस तरह



से होता है "भारत के नागरिक,भारत की



जनता अपने मन से आपको भारत का भाग्य



विधाता समझती है और मानती है। हे



अधिनायक (Superhero) तुम्ही भारत



के भाग्य विधाता हो। तुम्हारी जय हो !



जय हो ! जय हो ! तुम्हारे भारत आने से



सभी प्रान्त पंजाब, सिंध, गुजरात, मराठा



मतलब महारास्त्र, द्रविड़ मतलब दक्षिण



भारत, उत्कल मतलब उड़ीसा, बंगाल आदि और



जितनी भी नदिया जैसे यमुना और गंगा ये



सभी हर्षित है, खुश है, प्रसन्न है , तुम्हारा



नाम लेकर ही हम जागते है और तुम्हारे नाम



का आशीर्वाद चाहतेहै। तुम्हारी ही हम गाथा



गाते है। हे भारत के भाग्य विधाता (सुपर हीरो



) तुम्हारी जय हो जय हो जय हो। "



जोर्ज पंचम भारत आया 1911 में और उसके



स्वागत में ये गीत गाया गया। जब वो इंग्लैंड



चला गया तो उसनेउस जन गण मन का



अंग्रेजी में अनुवाद करवाया। क्योंकि जब



भारत में उसका इस गीत सेस्वागत हुआ था



तब उसके समझ में नहीं आया था कि ये गीत



क्यों गाया गया और इसका अर्थ क्या है। जब



अंग्रेजी अनुवाद उसने सुना तो वह बोला कि



इतना सम्मान और इतनी खुशामद तो मेरी



आज तक इंग्लॅण्ड में भी किसी ने नहीं की।



वह बहुत खुश हुआ। उसने आदेश दियाकि



जिसने भी ये गीत उसके (जोर्ज पंचम के)



लिए लिखा है उसे इंग्लैंड बुलाया जाये। रविन्द्र



नाथ टैगोर इंग्लैंड गए। जोर्ज पंचम उस समय



नोबल पुरस्कार समिति का अध्यक्ष भी था।



उसने रविन्द्र नाथ टैगोर को नोबल पुरस्कार से



सम्मानित करने का फैसला किया। तो रविन्द्र



नाथ टैगोर नेइस नोबल पुरस्कार को लेने से



मना कर दिया। क्यों कि गाँधी जी ने बहुत



बुरी तरह सेरविन्द्रनाथ टेगोर को उनके इस



गीत के लिए खूब डांटा था। टैगोर ने कहा की



आप मुझेनोबल पुरस्कार देना ही चाहते हैं तो



मैंने एक गीतांजलि नामक रचना लिखी है उस



पर मुझे दे दो लेकिन इस गीत के नाम पर मत



दो और यही प्रचारित किया जाये क़ि मुझे



जो नोबेल पुरस्कार दिया गया है वो गीतांजलि



नामक रचना के ऊपर दिया गया है। जोर्ज



पंचम मान गया और रविन्द्र नाथ टैगोर को



सन 1913 में गीतांजलि नामक रचना के ऊपर



नोबल पुरस्कार दिया गया।



रविन्द्र नाथ टैगोर की ये सहानुभूति ख़त्म



हुई 1919 में जब जलिया वाला कांड हुआ और



गाँधी जी ने लगभग गाली की भाषा में उनको



पत्र लिखा और कहा क़ि अभी भी तुम्हारी



आँखों से अंग्रेजियत का पर्दा नहीं उतरेगा तो



कब उतरेगा, तुम अंग्रेजों के इतने चाटुकार



कैसे हो गए, तुम इनके इतने समर्थक कैसे हो



गए ? फिर गाँधी जी स्वयं रविन्द्र नाथ टैगोर



से मिलने गए और बहुत जोर से डाटा कि अभी



तक तुम अंग्रेजो की अंध भक्ति में डूबे हुए



हो ? तब जाकर रविंद्रनाथ टैगोर की नीद खुली।



इस काण्ड का टैगोर ने विरोध किया और



नोबलपुरस्कार अंग्रेजी हुकूमत को लौटा दिया।



सन 1919 से पहले जितना कुछ भी रविन्द्र



नाथ टैगोर ने लिखा वो अंग्रेजी सरकार के



पक्ष में था और 1919 के बाद उनके लेख कुछ



कुछ अंग्रेजो के खिलाफ होने लगे थे।



रविन्द्र नाथ टेगोर के बहनोई, सुरेन्द्र नाथ



बनर्जी लन्दन में रहते थे और ICS ऑफिसर



थे। अपने बहनोई को उन्होंने एक पत्र



लिखा था (ये 1919 के बाद की घटना है) ।



इसमें उन्होंने लिखा है कि ये गीत 'जन गण



मन' अंग्रेजो के द्वारा मुझ पर दबाव डलवाकर



लिखवाया गया है। इसकेशब्दों का अर्थ अच्छा



नहीं है। इस गीत को नहीं गाया जाये तो अच्छा



है। लेकिन अंत में उन्होंने लिख दिया कि इस



चिठ्ठी को किसी को नहीं दिखाए क्योंकि मैं



इसे सिर्फ आप तक सीमित रखना चाहता हूँ



लेकिन जब कभी मेरी म्रत्यु हो जाये तो सबको



बता दे। 7 अगस्त 1941 को रबिन्द्र नाथ



टैगोर की मृत्यु के बाद इस पत्र को सुरेन्द्र



नाथ बनर्जी ने ये पत्र सार्वजनिक किया,और



सारे देश को ये कहा क़ि ये जन गन मन गीत



न गाया जाये।



1941 तक कांग्रेस पार्टी थोड़ी उभर चुकी थी।



लेकिन वह दो खेमो में बट गई। जिसमे एक



खेमे के समर्थक बाल गंगाधर तिलक थे और



दुसरे खेमे में मोती लाल नेहरु थे। मतभेद था



सरकार बनाने को लेकर। मोती लाल नेहरु चाहते



थे कि स्वतंत्र भारत की सरकार अंग्रेजो



के साथ कोईसंयोजक सरकार (Coalition



Government) बने। जबकि गंगाधर तिलक कहते



थे कि अंग्रेजो केसाथ मिलकर सरकार बनाना



तो भारत के लोगों को धोखा देना है। इस



मतभेद के कारण लोकमान्य तिलक कांग्रेस



से निकल गए और उन्होंने गरम दल बनाया।



कोंग्रेस के दो हिस्से हो गए। एक नरम दल



और एक गरम दल।



गरम दल के नेता थे लोकमान्य तिलक जैसे



क्रन्तिकारी। वे हर जगह वन्दे मातरम



गाया करते थे। और नरम दल केनेता थे



मोती लाल नेहरु (यहाँ मैं स्पष्ट कर दूँ कि



गांधीजी उस समय तक कांग्रेस की आजीवन



सदस्यता से इस्तीफा दे चुके थे, वो किसी



तरफ नहीं थे, लेकिन गाँधी जी दोनोंपक्ष के



लिए आदरणीय थे क्योंकि गाँधी जी देश के



लोगों के आदरणीय थे)। लेकिन नरम दल वाले



ज्यादातर अंग्रेजो के साथ रहते थे। उनके साथ



रहना, उनको सुनना, उनकी बैठकोंमें शामिल



होना। हर समय अंग्रेजो से समझौते में रहते



थे। वन्देमातरम से अंग्रेजो को बहुत चिढ



होती थी। नरम दल वाले गरम दल को चिढाने



के लिए 1911 में लिखा गया गीत "जन गण



मन" गाया करते थे और गरम दल वाले "वन्दे



मातरम"।



नरम दल वालेअंग्रेजों के समर्थक थे और



अंग्रेजों को ये गीत पसंद नहीं था तो अंग्रेजों



के कहनेपर नरम दल वालों ने उस समय एक



हवा उड़ा दी कि मुसलमानों को वन्दे मातरम



नहीं गानाचाहिए क्यों कि इसमें बुतपरस्ती



(मूर्ति पूजा) है। और आप जानते है कि



मुसलमान मूर्ति पूजा के कट्टर विरोधी है। उस



समय मुस्लिम लीग भी बन गई थी जिसके



प्रमुख मोहम्मद अली जिन्ना थे। उन्होंने भी



इसका विरोध करना शुरू कर दिया क्योंकि



जिन्ना भी देखने भर को (उस समय तक)



भारतीय थे मन,कर्म और वचन से अंग्रेज ही



थे उन्होंने भीअंग्रेजों के इशारे पर ये कहना



शुरू किया और मुसलमानों को वन्दे मातरम



गाने से मना कर दिया। जब भारत सन 1947में



स्वतंत्र हो गया तो जवाहर लाल नेहरु ने इसमें



राजनीतिकर डाली। संविधान सभा की बहस



चली। संविधान सभा के319 में से 318 सांसद



ऐसे थेजिन्होंने बंकिम बाबु द्वारा लिखित



वन्देमातरम को राष्ट्र गान स्वीकार करने



पर सहमति जताई।



बस एक सांसद ने इस प्रस्ताव को नहीं माना।



और उस एक सांसद का नाम था पंडित जवाहर



लाल नेहरु। उनका तर्क था कि वन्दे मातरम



गीत से मुसलमानों के दिल को चोट पहुचती



है इसलिए इसे नहीं गाना चाहिए (दरअसल इस



गीत से मुसलमानों को नहीं अंग्रेजों के दिल



को चोट पहुंचती थी)। अब इस झगडे का फैसला



कौन करे, तो वे पहुचे गाँधी जी के पास। गाँधी



जी ने कहा कि जन गन मन के पक्ष में तो



मैं भी नहीं हूँ और तुम (नेहरु ) वन्देमातरम



के पक्ष में नहीं हो तो कोई तीसरा गीत तैयार



किया जाये। तो महात्मा गाँधी ने तीसरा



विकल्प झंडा गान केरूप में दिया "विजयी



विश्व तिरंगा प्यारा झंडा ऊँचा रहे हमारा"।



लेकिन नेहरु जी उसपर भी तैयार नहीं हुए।



नेहरु जी का तर्क था कि झंडा गान ओर्केस्ट्रा



पर नहीं बज सकता और जन गन मन



ओर्केस्ट्रा पर बज सकता है। उस समय बात



नहीं बनी तो नेहरु जी ने इस मुद्दे को गाँधी



जी की मृत्यु तक टालेरखा और उनकी मृत्यु के



बाद नेहरु जी ने जन गण मन को राष्ट्र गान



घोषित कर दिया और जबरदस्ती भारतीयों पर



इसे थोप दिया गया जबकि इसके जो बोल है



उनका अर्थ कुछ और ही कहानी प्रस्तुत करते



है, और दूसरा पक्ष नाराज न हो इसलिए वन्दे



मातरम को राष्ट्रगीत बना दिया गया लेकिन



कभी गया नहीं गया। नेहरु जी कोई ऐसा काम



नहीं करना चाहते थेजिससे कि अंग्रेजों के दिल



को चोट पहुंचे,मुसलमानों के वो इतने हिमायती



कैसे हो सकते थे जिस आदमी ने पाकिस्तान



बनवा दिया जब कि इस देश के मुसलमान



पाकिस्तान नहींचाहते थे, जन गण मन को इस



लिए तरजीह दी गयी क्योंकि वो अंग्रेजों की



भक्ति में गायागया गीत था और वन्देमातरम



इसलिए पीछे रह गया क्योंकि इस गीत से



अंगेजों को दर्द होता था।



बीबीसी ने एक सर्वेकिया था। उसने पूरे संसार



में जितने भी भारत के लोग रहते थे, उनसे पुछा



कि आपको दोनों में से कौन सा गीत ज्यादा



पसंद है तो 99 % लोगों ने कहा वन्देमातरम।



बीबीसी के इस सर्वे से एक बात और साफ़



हुई कि दुनिया के सबसे लोकप्रिय गीतों में



दुसरेनंबर पर वन्देमातरम है। कई देश है



जिनके लोगों को इसके बोल समझ में नहीं आते



हैलेकिन वो कहते है कि इसमें जो लय है उससे



एक जज्बा पैदा होता है।



तो ये इतिहास हैवन्दे मातरम का और जन



गण मन का। अब ये आप को तय करना है कि



आपको क्या गाना है ?



इतने लम्बे पत्र को आपने धैर्यपूर्वक पढ़ा



इसके लिए आपका धन्यवाद्। और अच्छा लगा



हो तो इसे फॉरवर्ड कीजिये, आप अगर और



भारतीय भाषाएँ जानते हों तो इसे उस भाषा में



अनुवादित कीजियेअंग्रेजी छोड़ कर।



जय हिंद |
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Dip asarawala's profile photoTanu Rathi's profile photo
 
Vande matram,
Jai hind.
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Pinal Modi

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Hi Frndz Aaj me "BHAAG MILKHA BHAAG" movie dekhne jaa raha hu kal kaisha laga ushka review bataunga.....
bye frndz.......
 
#bhaagmilkhabhaag  is already getting a thumbs up from the critics and audience alike. What's your review? Tell us using #MovieReviews and we will share the best ones (good and bad ;)
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Pinal Modi

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Aaj ki Taza khabar : 12 gante huye per surat me abhi bhi baarish bandh nahi hui..... 4:00 am to 4:00 pm abhi bhi baarish chalu hi he.....
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Pinal Modi

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sooooo sweet
 
So cute.....
Hahahaha....lolzzzzz....:-)
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Pinal Modi

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Pinal Modi

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​W
​e enjoy Saputara Trip,
We enjoy their ​Hills​,
We enjoy their Zigzag Road,
We enjoy their Rain,
We enjoy their Food,
We enjoy their Whether,
We enjoy their Cloud.
We are in Cloud.
We enjoy every Funny Moment in Saputara.
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Pinal Modi

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what a inspiration movie. pls frnd watch this movie. it's very very very good and proud to be Indian for this person Milkha Singh...
 
#bhaagmilkhabhaag  is already getting a thumbs up from the critics and audience alike. What's your review? Tell us using #MovieReviews and we will share the best ones (good and bad ;)
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Pinal Modi

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save daughter....
 
Aaj Kitna Khubsurat n Spl Din Hai
13-7-13.
"TERA SATH TERA"
Send it to ALL FRNDS jinka
Saath Aap khona
Nahi Chahte.
.
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Pinal Modi's profile photoTanu Rathi's profile photo
2 comments
 
no dear ye to mera farz he.+Tanu Rathi
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Pinal Modi

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Chal Chalte Hain Us Paar Sanam…
Jahan Lehron Ki Khamoshi Ho
Jahan Sanson Ki Madhoshi Ho
Jahan Jazbon Ki Behoshi Ho
Jahan Aankhon Se Sargoshi Ho
Chal Chalte Hain Us Paar Sanam… Chal Chalte Hain Us Paar Sanam…

Ik Nayi Aas Laganey Ko
Ik Dil Ki Aaag Bujhane Ko
Ik Duje Me Kho Jaane Ko
Ik Pal Ke Naam Ho Jane Ko
Chal Chalte Hain Us Paar Sanam… Chal Chalte Hain Us Paar Sanam…

Jahan Aasan Sari Rahain Hon
Jahan Ik Duje Ki Bahain Hon
Jahan Labpe Sard Si Aahain Ho
Jahan Pyar Ki Kuch Panahain Ho
Chal Chalte Hain Us Paar Sanam… Chal Chalte Hain Us Paar Sanam…
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