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महेश कुशवंश
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मेरा हृदय साहित्य के लिए धड़कता है विशेषकर कविताओं और लघु कथाओ के लिए
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महेश कुशवंश commented on a post on Blogger.
साधना जी आपकी कविताए पढ़ता रहा हू , कविता संग्रह प्रकाशित देखकर सुखद अनुभूति हुयी , संग्रह पढ़ने के लिए कैसे प्राप्त होगा बताएं आभारी रहूँगा

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बेहद खूबसूरत गजल , अन्तर्मन मे घर कर गई

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सुंदर हायकू ,वात्सल्य रस से भरपूर

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प्रीत की ज्योत
सदा बाले रखना
उर अंतर
तृप्त रहेगा मन
आलोकित जीवन

अच्छी पंक्तियाँ, समवेदनायुक्त लेखन बधाई

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फादर्स डे के बाद का दिन
आज फिर नींद नही आई पता नहीं क्यो ऐसे तो नींद  हर रात मे  बड़ी मुश्किल से आती है यहाँ से वहाँ चहलकदमी करता मैं मुड़कर वापस बिस्तर को देखता हूँ तो नेपथ्य से गूँजती है अजीब सी  आवाज़ शायद सो गई है वो अभी तो खाना खाया था साथ मे इतनी जल्दी कैसे सो जाती है वो क्या क...

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महेश कुशवंश commented on a post on Blogger.
बेहतरीन लिखा आपने , इन दिनो, एक दिनी हॅप्पी डे का चलन ज़ोरों पर है , और ऐसे मे संवेदना सून्य समाज , अपनी झेप मिटाता है , सोचने की बात है , क्या माता पिता का वजूद सिर्फ एक दिन याद करने मे है ........

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जेहन से एक उछला पत्थर
मेरे जेहन से एक पत्थर उछला मैंने सोचा  उसके हृदय मे लगा  उसने मुझे देखा ही नहीं मैंने सोचा शायद मेरा भ्रम है  पत्थर शायद उछला ही नहीं मैंने रास्ते से कटीली झाड़ियाँ बटोरीं और उसके निकास पर बिछा दी वो उनपर पैर रखकर चला गया मैंने देखा कुछ दूर जाकर उसने पैर के ...

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प्रश्न अनुत्तरित...
तुमने मेरे लिए क्या किया ये ज्वलंत सवाल गाहे बगाहे जीवन  को छलनी करता रहा और मैं आगे और आगे बढ़ता रहा मैंने सोचा वाकई गहरा है ये पूछना तुमने क्या किया एक शून्य हो जाता है मेरे चारो तरफ और मैं उन शून्य हुये गुब्बारे में घुसा , उल्टा होता रहता हू बलून मे कोई द...

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.......बाबा .........
रात के ग्यारह बजे थे तेज रफ्तार गाड़ी  घर को भागी जा रही थी फर्राट , कोई रोक टॉक नहीं  न ही लाल लाल चेहरे किए, इस पर, उस पर ताना कसते, चेहरे न ही आगे निकालने की होड न ही पीछे आते गाड़ी के हार्न का शोर सब कुछ एकदम शांत  अचानक आगे मोड पर  एक अस्सी साल के राम ना...

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दिलकश नज़ारे साथ थे
उम्र के दिलकश नज़ारे  साथ थे जीने के अद्भुत सहारे साथ थे  बोलता था हृदय  अबोला जो रहा  एहसास के स्नेहिल किनारे  साथ थे  रफ्ता रफ्ता उम्र निकलती ही रही  छिप के बैठे प्यार सारे साथ थे  चाँद का सौन्दर्य  चाँदनी की कला गुलाब के फूलों का महका जलजला  सुगंध योंवन क...
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