Profile cover photo
Profile photo
Girish Billore
मैं तुम्हारा आख़िरी ख़त जाने किसके हाथ आऊं । तुम पढ़ो एक बार इसको मैं नया संचार पाऊं
मैं तुम्हारा आख़िरी ख़त जाने किसके हाथ आऊं । तुम पढ़ो एक बार इसको मैं नया संचार पाऊं
About
Girish's posts

Post has attachment

Post has attachment

Post has attachment

Post has attachment

Post has attachment

Post has attachment
प्रपोस डे पर इस से बेहतरीन स्मृति और क्या होगी आभास
आभास जोशी को लेकर शहर जबलपुर की दीवानगी को और फिर दिया मिर्ज़ा के साथ आभास का बचपन वाला प्रपोज़ल सबको याद है... बहुत मज़ा आता है ........ उसका ये अंदाज़ .........  

Post has attachment
#पाकिस्तान_को_खुली_चुनौती#
तुम्हारे किसी भी फनकार में हमारे अज़मत की तरह कोई सामने लाना..........
यह देश गन्धर्वों का देश है पीरों सूफियों साधुओं संतों का देश है...... यहां बच्चे शेरों के दांत गिन लेते हैं..... जी हाँ ये ईश्वर की रहमत का देश है.... जी हाँ ये नन्हें #अज़मत का देश है..........
यकीन कीजिये....तुम सिर्फ कसाब भेज सकते हो एक बार हमारे पास वाले अज़मत जैसा कोई फनकार लाके बताओ ज़रा ........... यकीनन न ला सकोगे तुमने अपनी नस्लों को कुंठा और दुश्मनी भरा आक्सीजन दिया है तुमको चुनौती है लाओ तो एक बार
बच्चों को
.......... अजमत के वीडियों को #01करोड़46लाख लोग देख चुके हैं....... 34 हज़ार ने पसंद किया तो 3030 ना पसंद भी कर गए ........... https://www.youtube.com/watch?v=ow9Cr11greQ

Post has attachment
#पाकिस्तान_को_खुली_चुनौती#
तुम्हारे किसी भी फनकार में हमारे अज़मत की तरह कोई सामने लाना..........
यह देश गन्धर्वों का देश है पीरों सूफियों साधुओं संतों का देश है...... यहां बच्चे शेरों के दांत गिन लेते हैं..... जी हाँ ये ईश्वर की रहमत का देश है.... जी हाँ ये नन्हें #अज़मत का देश है..........
यकीन कीजिये....तुम सिर्फ कसाब भेज सकते हो एक बार हमारे पास वाले अज़मत जैसा कोई फनकार लाके बताओ ज़रा ........... यकीनन न ला सकोगे तुमने अपनी नस्लों को कुंठा और दुश्मनी भरा आक्सीजन दिया है तुमको चुनौती है लाओ तो एक बार
बच्चों को
.......... अजमत के वीडियों को #01करोड़46लाख लोग देख चुके हैं....... 34 हज़ार ने पसंद किया तो 3030 ना पसंद भी कर गए ............ 

Post has attachment

Post has attachment
गुलाब हो न तुम.... ?
रोज़री में सजे  तुम कल बदले जाओगे गुलाब हो न तुम सम्मान में भी मिलते हो  दूसरे तीसरे दिन  कूड़ेदान में  बदहवास मिलते हो  गुलाब हो न तुम  तुमको समझने वाला होता है निराला  गुलाब हो न तुम  नेहरू की अचकन से रूमानी सेज तक  तुमको हर अगली बार  जमीन पर बिखरा बिखरा पा...
Wait while more posts are being loaded