Profile cover photo
Profile photo
ई. प्रदीप कुमार साहनी (दीपक)
754 followers -
पेशे से अभियंता और दिल से कवि हूँ |
पेशे से अभियंता और दिल से कवि हूँ |

754 followers
About
ई. प्रदीप कुमार साहनी (दीपक)'s posts

Post has attachment
पानी की बूँदें
पानी की बूँदे भी, मशहूर हो गई । कल तक जो यूँही, बहती थी बेमतलब, महत्वहीन सी यहाँ वहाँ, फेंकी थी जाती, समझते थे सब जिसके, मामूली सी ही बूँदें, आज वो पहुँच से, दूर हो गई । पानी की बूँदें भी, मशहूर हो गई । महत्व नहीं थे देते, कोई भी इसको, न जाने कहाँ कहाँ, बेक...

Post has attachment
शहीद दिवस पर नमन
भारत माता के लाल थे वे, आजादी की थी चाह बड़ी, भारत माता के शान में बस, चल निकले मुश्किल राह बड़ी । स्वाधीनता के दीवाने थे, गौरों का दम जो निकाला था, नस नस में थी आग दौड़ती, खुद को आँधी में पाला था । इंकलाब की आग देश में, खुद जलकर भी लगाया था, मूँद कर आँखें ...

Post has attachment
ढपोरशंख
 भाषणबाजी में अव्वल, करने धरने में शून्य अंक, आज के नेता हो चले हैं, जैसे कि ढपोरशंख । रोज नए नए वादे होते, करने के न इरादे होते, जनता को भी लिए लपेटे, इनके कई कई प्यादे होते । राजनीति एक दल दल जैसी, ये खुद ही बन गए पंक, निरे निखट्टू आज के नेता, जैसे कि ढपो...

Post has attachment
ढपोरशंख
 भाषणबाजी में अव्वल, करने धरने में शून्य अंक, आज के नेता हो चले हैं, जैसे कि ढपोरशंख । रोज नए नए वादे होते, करने के न इरादे होते, जनता को भी लिए लपेटे, इनके कई कई प्यादे होते । राजनीति एक दल दल जैसी, ये खुद ही बन गए पंक, निरे निखट्टू आज के नेता, जैसे कि ढपो...

Post has attachment
**
बड़ी-बड़ी हम बातें करते, पर कुछ करने से हैं डरते, राह को थोड़ा कर दें चौड़ा, आओ बदल लें खुद को थोड़ा । ख्वाब ये रखते देश बदल दें, चाहत है परिवेश बदल दें, पर औरों की बात से पहले, क्यों न अपना भेष बदल दें । चोला झूठ का फेंक दे आओ, सत्य की रोटी सेंक ले आओ, दौड...

Post has attachment

Post has attachment
अजब गजब संसार
अजब गजब संसार है भैया, अजब गजब हैं लोग, रहे भागते जीवन भर, क्या न किये प्रयोग । पैसों पर ही ध्यान है सबका, नहीं कहीं है चैन, दिन को तो सुकून ही नहीं, नींद नहीं है रैन । रिश्ते नाते भूल गए सब, हुआ ये जीवन व्यर्थ, स्वार्थ सिद्धि ही जीवन हो गया, रहा नहीं कोई अ...

Post has attachment
है इनपे धिक्कार
सियासती ये लोग चंद, है इनपे धिक्कार । भारत में रहकर करे, पाक की जय जय कार ।। पाक की जय जय कार, लगे विरोधी नारे । पुलिस महकमा शांत क्यों, देशद्रोही ये सारे ।। हो उचित कार्रवाई जल्द, जेल में इनको डालो । देश रक्षा पर राजनीति, छोड़ सियासत वालो ।। कश्मीर की आजाद...

Post has attachment

Post has attachment
है इनपे धिक्कार
सियासती ये लोग चंद, है इनपे धिक्कार । भारत में रहकर करे, पाक की जय जय कार ।। पाक की जय जय कार, लगे विरोधी नारे । पुलिस महकमा शांत क्यों, देशद्रोही ये सारे ।। हो उचित कार्रवाई जल्द, जेल में इनको डालो । देश रक्षा पर राजनीति, छोड़ सियासत वालो ।। कश्मीर की आजाद...
Wait while more posts are being loaded