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जय जगदीश हरे, प्रभु! जय जगदीश हरे। भक्तजनों के संकट, छन में दूर करे॥ जय जगदीश हरे जो ध्यावै फल पावै, दु:ख बिनसै मनका। सुख सम्पत्ति घर आवै, कष्ट मिटै तनका॥ जय जगदीश हरे मात-पिता तुम मेरे, शरण गहूँ किसकी। तुम बिन और न दूजा, आस ...
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