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anupam ranjan
तुम्हारा साथ होता है बसंत की तरह जिसमे मुस्कराती हैं कलियाँ लहलहाते हैं खेत मचलती हैं हवायें इठलाते है बादल और उन्ही में से झांकता है सूरज.... तुम्हारा साथ होता है बारिश की तरह जो पुलकित कर देता है तन-मन को, एक पल के लिए इनकी छोटी बूंदों पर होते है हमारे सपने, जो टूट कर, बिखरकर मिल जाते हैं और बनाते है आशाओं की नदियाँ.... तुम्हारा साथ होता है बचपने की तरह, जिसकी हर किलकारी पर उमड़ पड़ता 'माँ' का मातृत्व देखते है कौतुहल भरे नेत्रों से हर किसी के प्यार को... जो थाम लेना चाहता है नन्हीं-नन्हीं अँगुलियों से पूरा का पूरा संसार, घूम लेना चाहता है लड़खड़ाते कदम से पूरा का पूरा जहाँ जिसकी चाँद जैसी मुख-भंगिमा पर मुग्ध हो हिलोरे लेने लगता है पूरा का पूरा समुद्र.... तुम्हारा साथ होता है झरनों की तरह, जिससे फिसलकर गिरता है वक्त निश्च्छल, कान्त और पवित्र, जो सिंचित करता है आत्मा को मधुर, मलय, शीतलता उद्धेलित कर जाती तन-मन को.......... तुम्हारा साथ होता है भावनाओं का सम्प्रेषण, मुश्किल होता है जज्बातों को लफ्जों में बांधना, कहाँ है वो वाक्यों की सुन्दरतम वाय परिसीमा जो शब्दों की लड़ियों से परिभाषित कर सके हमारे-तुम्हारे साथ को.....
तुम्हारा साथ होता है बसंत की तरह जिसमे मुस्कराती हैं कलियाँ लहलहाते हैं खेत मचलती हैं हवायें इठलाते है बादल और उन्ही में से झांकता है सूरज.... तुम्हारा साथ होता है बारिश की तरह जो पुलकित कर देता है तन-मन को, एक पल के लिए इनकी छोटी बूंदों पर होते है हमारे सपने, जो टूट कर, बिखरकर मिल जाते हैं और बनाते है आशाओं की नदियाँ.... तुम्हारा साथ होता है बचपने की तरह, जिसकी हर किलकारी पर उमड़ पड़ता 'माँ' का मातृत्व देखते है कौतुहल भरे नेत्रों से हर किसी के प्यार को... जो थाम लेना चाहता है नन्हीं-नन्हीं अँगुलियों से पूरा का पूरा संसार, घूम लेना चाहता है लड़खड़ाते कदम से पूरा का पूरा जहाँ जिसकी चाँद जैसी मुख-भंगिमा पर मुग्ध हो हिलोरे लेने लगता है पूरा का पूरा समुद्र.... तुम्हारा साथ होता है झरनों की तरह, जिससे फिसलकर गिरता है वक्त निश्च्छल, कान्त और पवित्र, जो सिंचित करता है आत्मा को मधुर, मलय, शीतलता उद्धेलित कर जाती तन-मन को.......... तुम्हारा साथ होता है भावनाओं का सम्प्रेषण, मुश्किल होता है जज्बातों को लफ्जों में बांधना, कहाँ है वो वाक्यों की सुन्दरतम वाय परिसीमा जो शब्दों की लड़ियों से परिभाषित कर सके हमारे-तुम्हारे साथ को.....
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Torture or training? Inside the brutal Chinese gymnasium where the country's future Olympic stars are beaten into shape.

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Happy Weekend
We all have our own life to pursue, our own kind of dream to be weaving, and we all have the power to make wishes come true, as long as we keep believing.
Louisa May Alcott


#FloralFriday curated by +Tamara Pruessner +FloralFriday
#FeelgoodFriday curated by +Rebecca Borg +FeelGoodFriday
#harzbilder by +Andreas Levi and me +Harz Bilder
#breakfastartclub +Charles Lupica +Breakfast Art Club
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Project 365 - Day 118: Aachen, St. Nikolaus Church
Some months ago this new finial replaced the older one, because time had left its marks on it.
I like the German word for it: Kreuzblume (cross flower): when you look at it from the top it has the shape of a flower, if you look at it from the side, it looks like a cross. But what if you look at it from below, like one usually does?? ☺

http://en.wikipedia.org/wiki/Finial
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*take a deep breath
relax
finally weekend*
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nice
Renato Lopez Baldo, автор фото: «День уже подходил к концу, но этот козёл всё-таки отважился на опасное приключение, чтобы съесть одинокий кустик».
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Will Apple's growth continue in China? Or won't it?

I wrote a column earlier this week that said Apple's unbelievable success in China would continue. Why? Because 1) the Chinese are obsessed with Apple products; 2) Apple hasn't even signed with China Mobile yet; and 3) Apple doesn't have nearly enough stores in China yet.

http://www.datamation.com/mobile-wireless/why-apple-needs-china-1.html

I made a very clear prediction that Apple would continue to astound in China.

However, two analysts disagree with me, and say that Apple growth will "plateau" in China.

One analyst made an annoying non-prediction: "We may not see a repeat of this year’s stellar pace of growth in coming years unless Apple comes up with great products to keep up with consumers’ demand and tastes."

That's like saying "Sea Biscuit won't win the race unless he runs faster than the other horses."

Anyway, both analysts say Apple's "plateau" will occur because its products are too expensive for China.

http://www.webpronews.com/apple-sales-growth-may-plateau-in-china-2012-04

(Pic props: http://www.thirdage.com/news-photo/chinese-visit-apples-flagship-store-in-beijing/58989 )
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